NEET-UG 2026 विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान पर Congress का हमला, Jairam Ramesh ने राज्यसभा में दिया प्रिविलेज नोटिस

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन यानी प्रिविलेज नोटिस दिया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री की हालिया टिप्पणी ने संसद और संसदीय समितियों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा के नियम 187 के तहत यह नोटिस दाखिल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने संसद की स्थायी समिति को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की, जबकि देशभर में लाखों छात्रों का भविष्य NEET पेपर लीक विवाद के कारण प्रभावित हुआ है।

संसद की स्थायी समिति पर टिप्पणी को लेकर विवाद

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर मीडिया से बातचीत के दौरान धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों को लेकर सवाल पूछा गया। जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा था कि वे संसदीय स्थायी समिति के “रेड फ्लैग्स” पर टिप्पणी नहीं करेंगे और केवल हाई-लेवल कमेटी ऑफ एक्सपर्ट्स यानी राधाकृष्णन कमेटी की रिपोर्ट पर बात करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा था कि संसदीय समिति में विपक्ष के सदस्य होते हैं और वे “एक खास तरीके से चीजें लिखते हैं।” शिक्षा मंत्री की इसी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

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जयराम रमेश ने कहा कि संसदीय समितियां संसद का ही हिस्सा होती हैं और उन्हें “मिनी पार्लियामेंट” माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री की टिप्पणी न केवल समिति के सदस्यों का अपमान है बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश भी है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह टिप्पणी संसद, संसदीय समितियों और संवैधानिक लोकतंत्र के प्रति अनादर को दर्शाती है।

राज्यसभा चेयरमैन से कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता ने अपने नोटिस में कहा कि शिक्षा मंत्री की टिप्पणी ने जानबूझकर स्थायी समिति की प्रतिष्ठा और अधिकार को कम करने का प्रयास किया है। उन्होंने इसे “विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन” और “सदन की अवमानना” बताया।

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जयराम रमेश ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मांग की कि इस मामले में शिक्षा मंत्री के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर बनी स्थायी समिति राज्यसभा की महत्वपूर्ण समितियों में से एक है और उसके अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।

अगले साल से CBT मोड में होगी NEET-UG परीक्षा

विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की घोषणा भी की है। उन्होंने कहा कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट यानी CBT मोड में आयोजित की जाएगी ताकि पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।

हालांकि विपक्ष का आरोप है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं परीक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती हैं। वहीं सरकार का दावा है कि वह छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है।

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