केरल में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर जारी सस्पेंस के बीच भारतीय जनता पार्टी ने Congress पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पार्टी को “पूरी तरह कन्फ्यूज़” बताते हुए आरोप लगाया कि चुनावी सफलता के बावजूद पार्टी नेतृत्व तय नहीं कर पा रही है।
पूनावाला ने कहा कि Congress के भीतर सत्ता और कुर्सी को लेकर संघर्ष चल रहा है, जिसकी वजह से मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरी और नेतृत्व संकट को दिखाती है।
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“BJP ने तुरंत घोषित किए अपने नेता”
शहजाद पूनावाला ने Congress की तुलना भाजपा से करते हुए कहा कि भाजपा ने 2026 विधानसभा चुनावों में जीत के बाद पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में तुरंत अपने नेताओं की घोषणा कर दी।
उन्होंने कहा, “यह शर्मनाक है कि केरल में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद कांग्रेस अपना मुख्यमंत्री चेहरा तय नहीं कर पा रही है। इसके विपरीत भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत और असम में लगातार तीसरी बार जीत के बाद तुरंत नेतृत्व तय कर सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी।”
पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब “मुझे कन्फ्यूजन चाहिए, मुझे कुर्सी चाहिए” तक सीमित हो गई है।
TCS नासिक मामले पर भी BJP का हमला
भाजपा प्रवक्ता ने कथित TCS नासिक हैरेसमेंट केस को लेकर भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल धार्मिक आधार पर आरोपियों का बचाव कर रहे हैं।
हालांकि इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया है और विपक्षी दल भाजपा पर संवेदनशील मामलों को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगा रहे हैं।
Congress ने किया पलटवार
वहीं Congress नेताओं ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां फैसले विचार-विमर्श और सलाह-मशविरे के बाद लिए जाते हैं।
उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह याद रखना चाहिए कि भाजपा ने भी दिल्ली में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करने में काफी समय लिया था।
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चेन्निथला ने कहा, “इंडियन नेशनल कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, कोई तानाशाही व्यवस्था नहीं। यहां फैसले सामूहिक चर्चा के बाद होते हैं।”
UDF की बड़ी जीत के बाद भी सस्पेंस
दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी UDF ने केरल विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें हासिल की हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर अब तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के दावेदारी करने की वजह से स्थिति जटिल बनी हुई है। पार्टी नेतृत्व संतुलन और संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहता है।
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