Ram Mandir डोनेशन विवाद पर Congress का प्रदर्शन, CBI जांच की मांग तेज

अयोध्या स्थित Ram Mandir में डोनेशन कलेक्शन और फंड मैनेजमेंट में कथित गड़बड़ियों को लेकर MP की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भोपाल में Congress कार्यालय के बाहर इस मुद्दे से जुड़े पोस्टर लगाए गए, जिनमें मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

Congress नेताओं का कहना है कि राम मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवाल केवल एक धार्मिक संस्था का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है।

कांग्रेस की ऋचा गोस्वामी ने उठाए गंभीर सवाल

Congress धर्म और पुजारी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष ऋचा गोस्वामी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कथित डोनेशन घोटाले की खबरों ने देशभर के श्रद्धालुओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और उनके नाम पर जुटाए गए दान को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी बेहद गंभीर विषय है।

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गोस्वामी ने कहा कि इस प्रकार के आरोपों से न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की धार्मिक संस्थाओं की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रमुख धार्मिक संस्थान और ट्रस्ट वित्तीय पारदर्शिता के सवालों से घिरे हुए हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

CBI जांच और ट्रस्ट पर कार्रवाई की मांग

Congress ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच CBI से कराई जाए ताकि सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी या धन के दुरुपयोग के प्रमाण मिलते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

ऋचा गोस्वामी ने कहा कि वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट की भूमिका की भी निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मंदिर के धार्मिक संचालन और परंपरागत व्यवस्थाओं को उन संस्थाओं के हवाले किया जाना चाहिए जो लंबे समय से इससे जुड़ी रही हैं।

राजनीतिक हस्तक्षेप पर सवाल

Congress नेताओं ने मंदिर प्रबंधन में राजनीतिक हस्तक्षेप का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि धार्मिक संस्थानों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए ताकि उनकी विश्वसनीयता और पवित्रता बनी रहे।

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गोस्वामी ने आरोप लगाया कि जब धार्मिक संस्थाओं के कामकाज में राजनीतिक प्रभाव बढ़ता है, तब पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े सवाल भी खड़े होते हैं। उन्होंने लोगों से धार्मिक आस्था और राजनीतिक हितों के बीच अंतर समझने की अपील की।

BJP का जवाब

विवाद के बीच BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने Congress के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि कथित अनियमितताओं की जांच के लिए पहले ही एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है।

शर्मा ने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

SIT जांच पर टिकी निगाहें

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही है।

फिलहाल इस मामले ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है। जहां विपक्ष CBI जांच की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि SIT अपनी जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। ऐसे में अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।

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