Congress की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन ने केंद्र सरकार की शिक्षा, कृषि और व्यापार से जुड़ी नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि इन नीतियों के कारण देश के युवाओं और किसानों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। सोमवार को प्रदेश Congress कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का असर देश के दो सबसे महत्वपूर्ण वर्गों—युवाओं और किसानों—पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों को लेकर देशव्यापी अभियान चलाने जा रही है और राज्य स्तर पर भी व्यापक जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार को घेरा
मीनाक्षी नटराजन ने NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अत्यधिक केंद्रीकृत परीक्षा व्यवस्था के कारण इस तरह की समस्याएं बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा, “लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के युवाओं का भरोसा तोड़ा है। राज्यों को उनकी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार परीक्षाएं आयोजित करने का अधिक अधिकार मिलना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।”
उन्होंने बताया कि Congress पार्टी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत पूरे मध्य प्रदेश में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस अभियान के तहत 14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक साइकिल यात्रा निकाली जाएगी, जबकि 9 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी जताई चिंता
Congress नेता ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और आयात शुल्क में संभावित कटौती को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों का सीधा असर देश के किसानों और कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है।
मीनाक्षी नटराजन ने आरोप लगाया कि सरकार ने कृषि उत्पादों, विशेष रूप से दालों के आयात और खरीद को लेकर स्पष्ट नीति नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि मूंग की सरकारी खरीद का कोटा बढ़ाया जाए और किसानों को फसलों के उचित दाम तथा पर्याप्त सुरक्षा की गारंटी दी जाए।
मुख्यमंत्री के परिवार की संपत्तियों को लेकर भी उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीनाक्षी नटराजन ने मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी जमीन और संपत्ति के मामलों में पारदर्शिता की कमी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि संपत्तियों में हुई वृद्धि और उससे जुड़े तथ्यों को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
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हालांकि, उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है।
राम मंदिर चंदा विवाद का भी किया जिक्र
मीनाक्षी नटराजन ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विवाद लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है, ताकि लोगों का विश्वास कायम रह सके।
राज्यसभा चुनाव नामांकन रद्द होने पर हाई कोर्ट जाएंगी
राज्यसभा चुनाव के लिए उनका नामांकन पत्र खारिज किए जाने के मुद्दे पर मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया 11 जून को पूरी हो चुकी है और कानून के अनुसार 45 दिनों के भीतर चुनाव याचिका दायर की जा सकती है।
उन्होंने कहा, “Congress पार्टी तय समय सीमा के भीतर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर करेगी और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए अपना पक्ष रखेगी।”
युवा, किसान और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं बनीं Congress के निशाने का केंद्र
मीनाक्षी नटराजन के बयान से स्पष्ट है कि Congress आगामी राजनीतिक रणनीति में शिक्षा, रोजगार, किसानों के हित और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रही है। NEET पेपर लीक से लेकर कृषि नीति, व्यापार समझौते और चुनावी प्रक्रियाओं तक, Congress केंद्र सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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