नई दिल्ली: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष Devshayani Ekadashi 6 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसी से चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है, जब भगवान विष्णु क्षीर सागर में योग निद्रा में लीन रहते हैं। इस अवधि में चार महीने तक विशेष पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व बढ़ जाता है।
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सूत्रों के अनुसार, देवशयनी एकादशी की तिथि 5 जुलाई 2025 को शाम 6:58 बजे से शुरू होगी और 6 जुलाई 2025 को रात 9:14 बजे समाप्त होगी। व्रत का पारण 7 जुलाई 2025 को सुबह 5:28 से 8:15 बजे के बीच किया जाएगा।
Devshayani Ekadashi पूजा विधि और महत्व
इस दिन भक्त सूर्योदय से पूर्व स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं। पूजा में भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी पत्र और देसी घी का दीपक अर्पित किया जाता है। भक्त विष्णु सहस्रनाम और वैदिक मंत्रों का पाठ करते हैं। एकादशी के दिन सात्विक आहार और संयमित जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया जाता है।
देवशयनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास प्रारंभ होता है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। इन चार महीनों में मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं और लोग भक्ति साधना, जप, तप और दान-पुण्य में अपना समय लगाते हैं।
महत्वपूर्ण समय
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 5 जुलाई 2025, 06:58 अपराह्न
- एकादशी तिथि समाप्त: 6 जुलाई 2025, 09:14 अपराह्न
- पारण समय: 7 जुलाई 2025, 05:28 पूर्वाह्न से 08:15 पूर्वाह्न
- द्वादशी समाप्ति क्षण: 7 जुलाई 2025, 11:10 अपराह्न
भक्तों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस दिन पूर्ण श्रद्धा के साथ उपवास रखकर भगवान विष्णु की आराधना करें और चातुर्मास में धर्म और संयम का पालन करें।
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