“Ram Mandir डोनेशन विवाद पर Digvijay Singh का हमला, बोले- श्रद्धालुओं को ठगा गया!”

Ram Mandir डोनेशन विवाद को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि Ram Mandir में चढ़ावे और दान में गड़बड़ी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के साथ सबसे बड़ा धोखा होगा।

दान और चढ़ावे को लेकर उठाए सवाल

मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि Ram Mandir से जुड़े कई वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जमीन खरीद से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे को लेकर भी कई गंभीर सवाल सामने आए हैं।

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उन्होंने दावा किया कि सिंधी समाज द्वारा दान की गई करीब 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों, एक महिला श्रद्धालु द्वारा दिए गए आभूषणों और विदेशों से प्राप्त दान की रसीदों को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालुओं को उनके दान की रसीद तक नहीं दी गई, तो यह गंभीर मामला है।

“यह सनातन धर्मावलंबियों के साथ विश्वासघात”

दिग्विजय सिंह ने कहा, “सनातन धर्म को मानने वालों के खिलाफ इससे बड़ी बेईमानी नहीं हो सकती। करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के प्रति अपनी आस्था से दान दिया था। यदि उस आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है, तो यह सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक विश्वास के साथ भी धोखा है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और VHP का धर्म से कोई लेना-देना नहीं रह गया है और वे श्रद्धालुओं की भावनाओं का राजनीतिक और आर्थिक इस्तेमाल कर रहे हैं।

आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

इस बीच, अयोध्या में कथित Ram Mandir डोनेशन गबन मामले में कानूनी कार्रवाई भी तेज हो गई है। अयोध्या की अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट के अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से अधिकांश से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये की राशि बरामद की गई है। हालांकि, एक आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई रकम बरामद नहीं हुई, लेकिन जांच एजेंसियों के अनुसार वह कथित साजिश का हिस्सा था।

SBI कर्मचारियों समेत कई लोगों पर आरोप

अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में सरकारी कर्मचारियों और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कुछ कर्मचारियों की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में SBI से जुड़े पांच से छह कर्मचारी भी शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अंकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमा शंकर उर्फ टीनू के नाम शामिल हैं।

Ram Mandir के ट्रस्ट सदस्य की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

गौरतलब है कि राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में यह मामला 25 जून को दर्ज किया गया था। शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित चोरी, गबन और वित्तीय हेराफेरी की गई।

राजनीतिक और धार्मिक बहस का केंद्र बना मामला

Ram Mandir डोनेशन विवाद अब केवल कानूनी जांच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष जहां निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग कर रहा है, वहीं जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने का दावा कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।

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