AI वीडियो विवाद के बीच Ajay Rai पर FIR, बोले- “यह फर्जी वीडियो है, हम नहीं झुकेंगे”

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ajay Rai ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया है और उसमें दिखाई गई बातें वास्तविक नहीं हैं। Ajay Rai ने कहा कि वह इस मामले में पीछे हटने वाले नहीं हैं और कांग्रेस कार्यकर्ता भी कानूनी कार्रवाई करेंगे।

“यह AI से बना वीडियो है” — Ajay Rai

शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान Ajay Rai ने कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। Ajay Rai ने आरोप लगाया कि महोबा में एक दलित युवती के साथ हुए कथित दुष्कर्म मामले में न्याय की मांग उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

Ajay Rai ने कहा, “मेरे खिलाफ 10 नहीं, 100 मुकदमे दर्ज कर दीजिए, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे। यह एआई से तैयार किया गया वीडियो है और हमारे कार्यकर्ता भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराएंगे।”

Ajay Rai ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए ताकि उसकी वास्तविकता सामने आ सके।

सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुआ विवाद

पूरा विवाद उस वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में अजय राय को समर्थकों के साथ एक सभा में दिखाया गया है। आरोप है कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई।

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वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई और मामले ने कानूनी रूप ले लिया। भाजपा नेताओं ने वीडियो को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।

पुलिस का दावा: सड़क जाम और सरकारी कार्य में बाधा

महोबा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, वीडियो की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली, जिसके बाद जांच शुरू की गई।

महोबा की सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) वंदना सिंह ने बताया कि 22 मई को सामने आए वीडियो में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ बिना अनुमति के एकत्र दिखाई दिए। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और एक सार्वजनिक सड़क भी अवरुद्ध की गई।

अधिकारी ने यह भी कहा कि वीडियो में प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने की शिकायत मिली है, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।

BJP नेता की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

यह एफआईआर अधिवक्ता और भाजपा नेता नीरज रावत की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जा रही राजनीतिक भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और इससे सार्वजनिक माहौल प्रभावित हो सकता है।

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में 25 से 30 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें कांग्रेस से जुड़े कई स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान सचिव बृजराज अहिरवार का नाम भी एफआईआर में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

Congress का पलटवार, बताया राजनीतिक प्रतिशोध

वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि वायरल वीडियो की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसमें किसी प्रकार की डिजिटल एडिटिंग या एआई तकनीक का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।

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