केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi की हालिया टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी भाषा और बयान उनकी निराशा को दर्शाते हैं। गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं, जबकि देश और दुनिया भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को देख रही है।
Rahul Gandhi पर साधा निशाना
पीयूष गोयल ने कहा कि एक तरफ पूरी दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत पर भरोसा जता रही है, वहीं दूसरी ओर Rahul Gandhi अपनी नकारात्मक सोच और बयानों के जरिए लगातार आलोचना की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने बार-बार कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीति को नकारा है, लेकिन इसके बावजूद उनकी भाषा में सुधार नहीं दिखाई देता।
गोयल ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों में बढ़ती हताशा साफ दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और इससे उनकी राजनीतिक सोच झलकती है।
“गाली-गलौज कमज़ोरों का हथियार”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में तर्क और तथ्यों के आधार पर बहस होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों और अपमानजनक भाषा के आधार पर। उन्होंने कहा कि अंग्रेज़ी में एक कहावत है कि “गाली-गलौज कमज़ोरों का हथियार होती है” और राहुल गांधी की भाषा उसी मानसिकता को दर्शाती है।
गोयल ने कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस पार्टी की नीतियों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की उपलब्धियों के बीच अंतर को समझ रही है। उन्होंने दावा किया कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक मंचों पर उसकी प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास का मुद्दा उठाया
Rahul Gandhi की आलोचनाओं का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और नक्सलवाद के मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है और देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करना गलत है या फिर आतंकवाद और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर नरम रुख अपनाना गलत है। गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अतीत में इन मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम करने में विफल रही थी, जबकि वर्तमान सरकार निर्णायक कदम उठा रही है।
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पीएम मोदी के पांच देशों के दौरे की सराहना
पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पांच देशों के दौरे को भारत की कूटनीतिक और आर्थिक सफलता बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री को अभूतपूर्व सम्मान मिला और भारत की वैश्विक भूमिका को नई मजबूती मिली।
गोयल के अनुसार, इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने 50 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की। इन बैठकों में निवेश, व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, रक्षा सहयोग और ऊर्जा साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य भारत को वैश्विक निवेश और तकनीकी सहयोग का प्रमुख केंद्र बनाना है।
‘टॉफी’ टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद Rahul Gandhi की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने देश के सामने संभावित आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे और जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी मुलाकात पर तंज कसा था। राहुल गांधी ने दावा किया था कि देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, जबकि सरकार गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाकर प्रतीकात्मक गतिविधियों में व्यस्त है।
उन्होंने प्रधानमंत्री और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से जुड़े चर्चित “मेलोडी” ट्रेंड का जिक्र करते हुए कहा था कि सरकार आर्थिक चुनौतियों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं ले रही है। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री और भारत की विदेश नीति का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
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