Bihar विशेष गहन पुनरीक्षण सर्वेक्षण में विदेशी मतदाताओं की पहचान: चुनावी घमासान तेज

Bihar में 8 करोड़ से अधिक मतदाताओं की पहचान और पुनरीक्षण एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।

Bihar में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ी हलचल मच गई है। चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) में बड़ी संख्या में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के नागरिकों के नाम मतदाता सूची में पाए गए हैं। यह जानकारी चुनाव आयोग के सूत्रों ने दी है।

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सूत्रों के अनुसार, ये लोग अवैध तरीके से भारतीय नागरिकता के प्रमाण-पत्रों जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, और निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सफल रहे हैं। इसके चलते वे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में भी कामयाब हो गए। ब्लॉक स्तर के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर किए गए सर्वेक्षण में इन मामलों की पहचान की गई है।

जाँच प्रक्रिया और संभावित कार्रवाई

इस प्रक्रिया के तहत 1 अगस्त से 30 अगस्त तक इन मामलों की विस्तृत जाँच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो इन व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएँगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जाँच निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित होगी।

Bihar में अंतिम बार 2003 में हुआ था ऐसा सर्वे

Foreign Nationals Found in Bihar Voter Survey

Bihar में इस प्रकार का विशेष पुनरीक्षण अभियान पिछली बार 2003 में किया गया था। आयोग का कहना है कि यह कदम शहरीकरण, पलायन, युवाओं के नए मतदाता बनने, मौतों की सूचना न मिलने और अवैध विदेशी नागरिकों के कारण जरूरी हो गया था।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा मामला

इस प्रक्रिया को लेकर विवाद और गहराया, जब राजद सांसद मनोज झा, चुनाव सुधार संस्था ADR, मानवाधिकार संगठन PUCL, और अन्य कार्यकर्ताओं जैसे योगेंद्र यादव व महुआ मोइत्रा ने इस सर्वे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि: यह प्रक्रिया चुनाव के पहले पूरी नहीं हो पाएगी। इस दौरान वास्तविक मतदाताओं को बाहर किया जा सकता है। मतदाताओं को अपील का पूरा अवसर नहीं मिल रहा।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा: “आपकी प्रक्रिया समस्या नहीं है, समस्या समय की है… इतनी बड़ी आबादी के गहन पुनरीक्षण को चुनाव से पहले पूरा करना कठिन है।”

अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को मतदान से पहले ही अपात्र ठहरा दिया गया, तो उसे बचाव का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं लगाई, बल्कि कहा कि इसे चुनाव से अलग समय में लागू करना ज़्यादा उपयुक्त होगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

Foreign Nationals Found in Bihar Voter Survey

विपक्ष: राजद और कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को एक साज़िश बताया है। उनका दावा है कि यह अभियान जानबूझकर दलित, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के लोगों को मतदाता सूची से बाहर करने के लिए किया जा रहा है।

भाजपा का जवाब- भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा: “जब असली मतदाताओं का सत्यापन हो रहा है और नकली नाम हटाए जा रहे हैं, तो विपक्ष को क्यों आपत्ति हो रही है?”

Bihar में 8 करोड़ से अधिक मतदाताओं की पहचान और पुनरीक्षण एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है। प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है, लेकिन इसका समय और निष्पक्षता राजनीति और न्यायपालिका दोनों के लिए चिंता का विषय है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे इस मुद्दे का असर आगामी विधानसभा चुनाव पर स्पष्ट रूप से पड़ेगा।

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