कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को दिल्ली और उत्तर भारत में फैले PM2.5 प्रदूषण पर अधिक गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे Jairam Ramesh ने ‘X’ पर पोस्ट किया, “PM2.5 देश की राजधानी और विशेष रूप से उत्तर भारत के अन्य हिस्सों का दम घोंट रहा है।”
Jairam Ramesh ने आगे कहा कि काफी समय से यह स्पष्ट है कि दिल्ली और उत्तर भारत में PM2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय किए गए मानकों से ऊपर रहा है।
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प्रदूषण मानकों पर Jairam Ramesh का सवाल
Jairam Ramesh ने कहा, “काफी समय से यह बिल्कुल साफ है कि PM2.5 (यानी 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास वाले कण) के लिए सुरक्षा मानक, WHO के सुरक्षा स्तरों (24 घंटे का औसत) से चार गुना ज्यादा हैं, और अगर सालाना औसत के हिसाब से देखें तो ये आठ गुना ज्यादा हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ (NCAP) “मुख्य रूप से PM10 पर ध्यान देता है, लेकिन जन स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाए तो असल में PM2.5 (बारीक कण) ही सबसे ज्यादा जानलेवा हैं।”
Jairam Ramesh ने कहा, “PM2.5 मानकों में तुरंत बदलाव करने और उन्हें सख्ती से लागू करने की जरूरत है।” उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “सरकार, जो खुद गहरे संकट में है, उसे इस मुद्दे को अब तक की तुलना में कहीं ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत है।”
इस बीच, सोमवार को दिल्ली में हवा की खराब गुणवत्ता का संकट बना रहा। यहाँ का कुल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 385 से 428 के बीच रहा, जो ‘खतरनाक’ (hazardous) से लेकर ‘गंभीर’ (severe) श्रेणी में आता है।
राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर ‘बहुत खराब’ (very poor) दर्ज किया गया। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, अक्षरधाम मंदिर और ITO के आसपास AQI 349 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
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प्रदूषण से बेहाल राजधानी Delhi
इंडिया गेट और जनपथ के आसपास हवा की गुणवत्ता 335 दर्ज की गई, जो यह भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। वहीं, रोहिणी में AQI 396, अलीपुर में 375, विवेक विहार में 370 और नरेला में 363 दर्ज किया गया।
चांदनी चौक में AQI 358, जबकि जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 343 दर्ज हुआ। बुराड़ी में यह 308, आया नगर में 276 और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर 263 रहा। आनंद विहार में AQI 242 दर्ज किया गया।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ये सभी जगहें ‘बहुत खराब’ या ‘खराब’ श्रेणी में आती हैं। दशहरे के बाद के दिनों में, जब राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता खराब होकर ‘खराब’ (poor) श्रेणी में पहुंच गई, तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में तत्काल प्रभाव से ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) के चरण 1 को लागू कर दिया।
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