Jairam Ramesh ने Ram Mandir चंदा चोरी जांच पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने रविवार को आरोप लगाया कि राम मंदिर में दान की चोरी के मामले की जांच “उन लोगों तक नहीं पहुंची है जिन पर चोरों को बचाने का शक है” और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर “चुप” हैं। X पर एक पोस्ट में, Jairam Ramesh ने जांच में देरी का भी आरोप लगाया।

उन्होंने मोदी सरकार पर जांच में “नरमी” बरतने का आरोप लगाया। Jairam Ramesh ने पूछा, “मोदी जी, सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ ED और CBI का गलत इस्तेमाल करने में हिचकिचाती नहीं है।

लेकिन अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी की 105 घटनाएं CCTV में कैद होने के बाद भी, व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों के बावजूद जांच उन लोगों तक क्यों नहीं पहुंची जिन पर चोरों को बचाने का शक है? 105 चोरियों से सिर्फ़ 79.85 लाख रुपये बरामद होने के बाद मामले को बंद करने की इतनी जल्दी क्यों? चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी क्यों नहीं हैं—वे गवाह कैसे हैं?”

CCTV जांच के बाद FIR में देरी

“हमारा सवाल सीधा-सा है: जब 4 जून को चंपत राय के पास चोरी की रकम का वीडियो पहुंचा, 5 जून को CCTV फुटेज की जांच हुई और 25 जून को FIR दर्ज की गई—तो उन 21 दिनों की देरी की पूरी सच्चाई देश के सामने क्यों नहीं रखी गई?

यह सवाल इसलिए और भी गंभीर है क्योंकि बिना ऊंचे स्तर की मिलीभगत, लापरवाही या संरक्षण के इतनी सारी घटनाएं कैसे हो सकती थीं? 105 घटनाएं होने के बावजूद सिर्फ़ आठ आरोपी कैसे हो सकते हैं?

क्या जांच का मकसद सिर्फ़ चढ़ावे की छोटी-मोटी चोरी करने वालों को पकड़ना था, या उन लोगों को जवाबदेह ठहराना था जिनकी देखरेख और संरक्षण में यह सब चलता रहा?” उन्होंने आगे पूछा।

Jairam Ramesh ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की मांग कर रही है। “105 घटनाओं के बाद भी, अगर हमें अभी तक चोरी हुई कुल रकम का पता नहीं है, तो जांच खत्म करने की इतनी जल्दी क्यों है?

देश जवाब मांगता है: क्या मोदी सरकार चढ़ावा चुराने वालों तक पहुंचना चाहती है, या उन सवालों को दबाना चाहती है जिनसे बड़े और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा जा सकता है? प्रधानमंत्री जी, देशवासियों की आस्था से जुड़े इस मामले पर चुप्पी कब टूटेगी?” Jairam Ramesh ने पूछा।

“याद रखिए, सत्ता का अहंकार खुद को ही खत्म कर देता है। अब देश जवाब चाहता है: चढ़ावे की चोरी के लिए जवाबदेही कब तय की जाएगी?” उन्होंने आगे कहा। जयराम रमेश ने 26 सितंबर को इस मामले पर कई सवाल उठाए थे।

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Jairam Ramesh ने निष्पक्ष जांच मांगी की

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें मामले को दबाने का आरोप लगाया गया है और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि जांच पूरी हो चुकी है और चढ़ावे की चोरी के अलावा कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।

श्री राम जन्मभूमि दान चोरी के मामले में CCTV फुटेज अहम सबूत के तौर पर सामने आए हैं। स्थानीय अदालत में दाखिल SIT की चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपी अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर गिनती के दौरान 85 बार दान की रकम निकाली थी।

SIT ने इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों में CCTV फुटेज, मोबाइल चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) शामिल हैं। चार्जशीट में मामले के अन्य आरोपियों की कथित भूमिकाओं का भी ब्योरा दिया गया है।

SIT की चार्जशीट के मुताबिक, एक आरोपी को कथित तौर पर दो बार चढ़ावे की रकम निकालते और 68 बार चोरी में मदद करते देखा गया, जबकि मनीष कुमार यादव कथित तौर पर 16 बार इसमें शामिल था और 19 बार रकम निकालने में मदद कर रहा था।

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जांच रिपोर्ट में रकम निकासी का खुलासा

जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लवकुश मिश्रा ने कथित तौर पर एक बार चढ़ावे की रकम निकाली और 52 बार रकम निकालने में मदद की। अनुकल्प मिश्रा को कथित तौर पर 56 बार रकम निकालने में मदद करते देखा गया, जबकि बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी रामा शंकर मिश्रा को कथित तौर पर एक बार चढ़ावे की रकम निकालते देखा गया।

चार्जशीट में आरोपियों के बीच कथित बातचीत के लिंक का भी ज़िक्र है, जिसमें सबूत के तौर पर मोबाइल चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का हवाला दिया गया है।

इस मामले में लगभग 98 लोगों को गवाह बनाया गया है, जिनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल जी शामिल हैं।

चार्जशीट में नामज़द आठ आरोपी हैं – अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमा शंकर उर्फ ​​टिन्नू। इस मामले में FIR 25 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी।

शिकायत में भक्तों द्वारा दान किए गए फंड की चोरी, गबन और सोची-समझी साज़िश के तहत हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

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