Papaya के पत्तों का जूस: सेहत का खजाना!

जब हम Papaya के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में इसके रसदार, नारंगी गूदे की तस्वीर आती है, जो विटामिन और फाइबर से भरपूर होता है। लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि पपीते के पत्ते भी उतने ही मूल्यवान हैं, यदि अधिक नहीं, जब स्वास्थ्य लाभ की बात आती है। पारंपरिक चिकित्सा में पपीते के पत्तों का उपयोग सदियों से किया जाता रहा है, और अब आधुनिक अनुसंधान इसके शक्तिशाली उपचार गुणों की पुष्टि कर रहा है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने से लेकर पाचन में सुधार करने और यहां तक कि पुरानी बीमारियों से लड़ने तक, पपीते के पत्तों का रस एक प्राकृतिक उपाय है जो अधिक ध्यान देने योग्य है। यदि आप डेंगू, पाचन समस्याओं या त्वचा रोगों जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, तो अपने आहार में पपीते के पत्तों का रस शामिल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

इस लेख में, हम Papaya के पत्तों के कई स्वास्थ्य लाभों, उन्हें तैयार करने और सेवन करने के तरीके और क्यों यह प्राकृतिक औषधि आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, इस पर चर्चा करेंगे।

1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और वायरल संक्रमण से लड़ता है

पपीते के पत्तों के रस का सबसे प्रसिद्ध लाभ इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की क्षमता है। इसमें फ्लेवोनोइड्स, एल्कलॉइड्स और टैनिन जैसे शक्तिशाली यौगिक होते हैं जो शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं।

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डेंगू बुखार का इलाज

वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध हो चुका है कि पपीते के पत्तों का रस डेंगू बुखार के लिए एक प्रभावी उपाय है। डेंगू प्लेटलेट काउंट को कम कर देता है, जिससे गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं। अध्ययन बताते हैं कि Papaya के पत्तों का रस प्लेटलेट स्तर को तेजी से बढ़ाता है, जिससे जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। इसके जैव सक्रिय यौगिक बुखार, शरीर में दर्द और थकान को कम करने में सहायता करते हैं।

अन्य वायरल संक्रमण

डेंगू के अलावा, पपीते के पत्ते इन्फ्लूएंजा, सामान्य सर्दी और यहां तक कि मलेरिया जैसे अन्य वायरल संक्रमणों के इलाज में भी मदद करते हैं। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली विशेषताएँ इन्हें सिंथेटिक दवाओं के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक विकल्प बनाती हैं।

2. पाचन स्वास्थ्य में सुधार करता है

Papaya के पत्तों में पपेन और काइमोपपेन जैसे एंजाइम होते हैं, जो प्रोटीन को तोड़ने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ये एंजाइम विशेष रूप से सूजन, अपच और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से पीड़ित लोगों के लिए लाभकारी हैं।

पेट के अल्सर को रोकता है

पपीते के पत्तों के रस की एंटी-इंफ्लेमेटरी विशेषताएँ पेट की परत की सुरक्षा करती हैं और अल्सर को रोकती हैं। इसका नियमित सेवन गैस्ट्रिक सूजन को कम करता है और एसिड रिफ्लक्स और हार्टबर्न से राहत दिलाता है।

शरीर को डिटॉक्स करता है

Papaya के पत्तों में शक्तिशाली डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं जो यकृत और रक्त को शुद्ध करने में मदद करते हैं। यह इसे फैटी लिवर, पीलिया या हेपेटाइटिस जैसी यकृत विकारों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए अत्यधिक लाभकारी बनाता है।

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3. रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है

मधुमेह के रोगियों के लिए पपीते के पत्तों का रस लाभकारी होता है क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, जैसे कि क्वेरसेटिन, ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं और अग्न्याशय को नुकसान से बचाते हैं।

अध्ययनों से पता चला है कि पपीते के पत्तों का अर्क इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करके रक्त शर्करा के स्तर को कम कर सकता है। यह इसे टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक पूरक बनाता है।

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4. स्वस्थ त्वचा और बालों को बढ़ावा देता है

Papaya के पत्ते एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन A, C और E और शक्तिशाली एंजाइमों से भरपूर होते हैं जो त्वचा और बालों के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं।

मुँहासे और त्वचा संक्रमण से लड़ता है

Papaya के पत्तों के अर्क में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण मुँहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। यह सूजन, लाली और त्वचा में जलन को कम करता है। पपीते के पत्तों के रस का नियमित रूप से उपयोग करने से स्पष्ट और स्वस्थ त्वचा पाई जा सकती है।

बुढ़ापा धीमा करता है

इसमें उच्च मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं, जिससे झुर्रियाँ, महीन रेखाएँ और अन्य बुढ़ापे के संकेत कम होते हैं। यह त्वचा की लोच को बढ़ाता है और रंगत में सुधार करता है।

बालों के विकास को बढ़ावा देता है

पपीते के पत्तों का रस बालों की जड़ों को मजबूत करता है, डैंड्रफ को रोकता है और बालों के विकास को प्रोत्साहित करता है। इसमें मौजूद विटामिन और खनिज खोपड़ी को पोषण देते हैं, जिससे बाल अधिक चमकदार और स्वस्थ बनते हैं।

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कैसे बनाएं Papaya के पत्तों का रस

घर पर पपीते के पत्तों का रस बनाना सरल है और इसके लिए केवल कुछ सामग्री की आवश्यकता होती है।

सामग्री:

  • 5-6 ताजे पपीते के पत्ते
  • 1 कप पानी
  • 1 चम्मच शहद (स्वाद के लिए वैकल्पिक)

विधि:

  1. Papaya के पत्तों को अच्छी तरह से धोकर साफ करें।
  2. पत्तों को छोटे टुकड़ों में काट लें।
  3. एक कप पानी के साथ मिलाकर ब्लेंड करें।
  4. मिश्रण को छानकर रस निकाल लें।
  5. स्वाद के लिए शहद मिलाएँ।
  6. ताजा सेवन करें।

खुराक: सर्वोत्तम परिणामों के लिए प्रतिदिन 2-3 चम्मच Papaya के पत्तों का रस पिएं।

निष्कर्ष

Papaya के पत्तों का रस स्वास्थ्य लाभों का खजाना है, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं का प्राकृतिक समाधान प्रदान करता है। इसकी नियमित खपत से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, पाचन में सुधार और रक्त शर्करा के स्तर का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

इसका स्वाद थोड़ा कड़वा हो सकता है, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ इतने प्रभावशाली हैं कि यह असुविधा नगण्य लगती है। नियमित रूप से सेवन करने से आपका स्वास्थ्य बेहतर होगा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।

तो क्यों न इस प्राकृतिक औषधि को आज़माएँ? आपका शरीर आपको इसके लिए धन्यवाद देगा!

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Mukesh Ambani ने Google की नींद उड़ाई, फायदा करोड़ों को!

Mukesh Ambani: तेज़ी से बदलती डिजिटल दुनिया में नवाचार, प्रतिस्पर्धा और बड़ी कंपनियाँ अक्सर तकनीकी उन्नति के मार्ग को आकार देती हैं। एक ऐसा नाम जो पिछले कुछ वर्षों से सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर चर्चा में रहा है, वह है Mukesh Ambani। रिलायंस इंडस्ट्रीज के इस बillionaire चेयरमैन को पेट्रोकेमिकल्स से लेकर टेलीकॉम तक के क्षेत्रों में उनके साहसिक कदमों के लिए जाना जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में अंबानी का सबसे अधिक disruptive प्रभाव डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में रहा है, खासकर उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जिओ के माध्यम से।

Mukesh Ambani: एक ऐसी साहसिक पहल ने, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया, Mukesh Ambani के रिलायंस जिओ ने एक ऐसी इनोवेशन पेश की, जिसे हम कह सकते हैं कि इसने “गूगल की नींद उड़ा दी।” लेकिन यह कैसे हुआ और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लाखों यूज़र्स को इसका फायदा कैसे हुआ? इसका उत्तर है, जिओ के टेलीकॉम क्षेत्र में प्रवेश और उसके बाद की पेशकशों ने कैसे भारत में इंटरनेट के इस्तेमाल को फिर से परिभाषित किया और वैश्विक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को नया आकार दिया।

रिलायंस जिओ का उदय: एक विद्रोही ताकत

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2016 में, रिलायंस जिओ का भारत में आगमन हुआ और टेलीकॉम उद्योग हमेशा के लिए बदल गया। जिओ का प्रवेश एक क्रांतिकारी कदम था, क्योंकि इसने दुनिया का सबसे बड़ा 4G नेटवर्क शुरू किया था, जिसमें उच्च गति का इंटरनेट और बेहद सस्ते दाम थे। इसके डेटा-संचालित मॉडल ने भारत की बड़ी आबादी को लक्षित किया, जो अब तक किफायती इंटरनेट से वंचित थी। इसके परिणामस्वरूप, लाखों यूज़र्स जो पहले 2G नेटवर्क का उपयोग कर रहे थे, अचानक उच्च गति वाले इंटरनेट से जुड़ गए।

Mukesh Ambani: लेकिन जिओ ने सिर्फ सस्ता इंटरनेट देने तक ही सीमित नहीं रहा। इसने वीडियो स्ट्रीमिंग, म्यूजिक प्लेटफॉर्म और डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशंस जैसी कई डिजिटल सेवाएँ पेश कीं। अपने “जिओफोन” पहल के साथ, यहां तक कि सबसे साधारण मोबाइल फोन उपयोगकर्ता भी इंटरनेट का उपयोग करने में सक्षम हो गए, जिससे डिजिटल सुलभता नई ऊँचाइयों तक पहुँच गई। यहीं पर जिओ ने एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाला: इसने न केवल शहरी अभिजात वर्ग को लक्षित किया, बल्कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों उपयोगकर्ताओं को भी डिजिटल दुनिया में खींच लिया।

गूगल की ‘नींद’ और जिओ से खतरा

अब, यह समझने के लिए कि Mukesh Ambani ने “गूगल की नींद कैसे उड़ा दी,” हमें जिओ और गूगल के बीच संबंधों को समझने की जरूरत है, जो डिजिटल दुनिया के दो विशालकाय खिलाड़ी हैं।

Mukesh Ambani: गूगल का भारत में दबदबा सालों से निर्विवाद था। वर्षों से, यह खोज इंजन, क्लाउड सेवाएँ, और एंड्रॉयड जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए जाने जाते थे। लेकिन जिओ के आगमन के साथ, इंटरनेट पर एक भूकंपीय बदलाव आया। गूगल, और कई अन्य तकनीकी कंपनियाँ, ने जिओ के द्वारा लाई गई विशाल क्रांति का पूर्वानुमान नहीं किया था। सस्ते 4G डेटा और नए उपयोगकर्ताओं का उफान इंटरनेट की दुनिया में आया। अचानक, लाखों उपयोगकर्ता जो पहले साधारण मोबाइल फोन का उपयोग करते थे, अब स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, और डिजिटल कंटेंट के साथ अधिक जुड़ गए थे।

जहाँ गूगल का दबदबा अब भी खोज और डिजिटल विज्ञापन में बना हुआ था, जिओ के द्वारा लाए गए नए यूज़र बेस ने उसे चुनौती दी। जिओ ने अपनी खुद की ऐप्स जैसे जिओ सर्च और जिओ टीवी लॉन्च किए, जो उपयोगकर्ताओं के लिए एक स्थानीयकृत अनुभव प्रदान करते थे, जो गूगल के प्राथमिक डेमोग्राफिक से बाहर थे। इसके अलावा, जिओ के प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण ने गूगल की प्रमुख सेवाओं को वस्तु बना दिया, जिससे इसे भारत के उभरते डिजिटल बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखना मुश्किल हो गया।

Mukesh Ambani का रणनीतिक कदम

जिओ के डिजिटल क्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित करने के लिए Mukesh Ambani ने कई रणनीतिक निवेश किए। अंबानी, यह समझते हुए कि गूगल की पकड़ कमजोर हो रही है, ने फेसबुक के साथ एक साझेदारी की, जिसमें फेसबुक ने 2020 में जिओ में 5.7 बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी खरीदी। इस साझेदारी ने फेसबुक के व्हाट्सएप को जिओ के प्लेटफ़ॉर्म के साथ एकीकृत करने की अनुमति दी, जिससे जिओ उपयोगकर्ताओं को गूगल के ऐप्स की आवश्यकता के बिना लोकप्रिय मैसेजिंग और सोशल मीडिया सेवाओं तक पहुंच प्राप्त हो गई।

यह कदम गूगल के लिए भारत में अपने प्रभुत्व को बनाए रखने में एक गंभीर चुनौती बन गया। हालांकि गूगल अब भी खोज और मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम बाजार में एक मजबूत शक्ति है, लेकिन जिओ द्वारा लाई गई सस्ती डेटा योजनाओं और व्यापक सेवा प्रस्तावों ने उसे नए तरीके से चुनौती दी है।

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Mukesh Ambani: जिओ प्लेटफ़ॉर्म्स का उदय: लाखों उपयोगकर्ताओं को फायदा हुआ

तो, जिओ के इस परिवर्तन से लाखों उपयोगकर्ताओं को कैसे लाभ हुआ? इसका उत्तर है जिओ द्वारा उपलब्ध कराए गए कई सेवाओं में।

  1. सस्ती इंटरनेट सेवाएँ: जिओ से पहले, भारत में मोबाइल डेटा की कीमत बहुत अधिक थी। औसत उपभोक्ता उस तरह के डेटा उपयोग की कल्पना भी नहीं कर सकता था, जो अब विकसित देशों में सामान्य हो चुका है। जिओ की मूल्य निर्धारण नीति, जो एक महीने के लिए महज 1 डॉलर थी, ने भारत के प्रत्येक वर्ग को इंटरनेट तक पहुँच प्रदान की। इस डेटा डेमोक्रेटाइजेशन के कारण लाखों लोग, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी, अब इंटरनेट का उपयोग कर सकते थे। यह डिजिटल दुनिया में भाग लेने का अवसर था, जो पहले उन्हें नहीं मिल पाता था।
  2. जिओ का कंटेंट इकोसिस्टम: जिओ के विशाल कंटेंट लाइब्रेरी के साथ, लाखों उपयोगकर्ताओं को डिजिटल मनोरंजन का एक नया अनुभव मिला। जिओ सिनेमा और जिओ टीवी ऐप्स ने फिल्में, टीवी शो और लाइव स्ट्रीमिंग विकल्प प्रदान किए, जिनमें से कई भारतीय दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए बनाए गए थे। इससे गूगल के स्वामित्व वाले यूट्यूब को भी कड़ी चुनौती मिली, क्योंकि जिओ का स्थानीयकृत कंटेंट भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक आकर्षक था।
  3. जिओ के वित्तीय और भुगतान सेवाएँ: अंबानी ने डिजिटल वित्तीय सेवाओं में भी कदम रखा, जैसे जिओमनी और अन्य फिनटेक कंपनियों के साथ साझेदारी। इन सेवाओं ने लाखों उपयोगकर्ताओं को डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल भुगतान की सुविधा दी, जिससे लोग दूरदराज के क्षेत्रों में भी लेन-देन कर सकते थे। इसने उन सेवाओं तक पहुँच प्रदान की, जो पहले उनके लिए उपलब्ध नहीं थीं, जैसे त्वरित धन ट्रांसफर और बिल भुगतान।
  4. शिक्षा और सशक्तिकरण: सस्ती डेटा के साथ नए अवसर खुले। ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म पनपे, क्योंकि अब लोग स्टडी मटीरियल्स तक पहुँच सकते थे, कोर्स कर सकते थे, और अपनी स्किल्स को बेहतर बना सकते थे। यह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण था, जहाँ पारंपरिक शैक्षिक अवसंरचना की कमी थी। अंबानी के जिओ का दृष्टिकोण लाखों लोगों को ऑनलाइन कोर्सेज़ करने और नए करियर अवसरों की खोज करने का अवसर प्रदान किया।
  5. छोटे व्यापारों का सशक्तिकरण: जिओ का छोटे व्यापारों पर भी गहरा असर पड़ा है। जिओफोन और इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ, भारत के छोटे विक्रेताओं को अब अपने व्यापारों को ऑनलाइन लाने का मौका मिला। जिओ के इकोसिस्टम से जुड़े ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म्स ने इन छोटे व्यापारियों को डिजिटल बाजारों तक पहुँच प्रदान की। यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के लिए एक बड़ा बढ़ावा था और छोटे उद्यमियों को ऐसे टूल्स दिए जो पहले उनके पास नहीं थे।
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गूगल पर प्रभाव: अब नींद नहीं आ रही

Mukesh Ambani के “गूगल की नींद उड़ा देने” के संदर्भ में, सच्चाई यह है कि जिओ के आगमन ने गूगल की रणनीतियों को हिला दिया और इसे भारत के बाजार में अपने दृष्टिकोण पर पुनः विचार करने पर मजबूर किया। जबकि गूगल अब भी खोज, विज्ञापन, और क्लाउड सेवाओं में एक मजबूत खिलाड़ी है, जिओ के कारण आए नए इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की लहर ने गूगल को इस तेजी से बदलते हुए वातावरण में अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती दी। गूगल को अब यह समझना पड़ा कि भारत जैसे विशाल और विविध बाजार में सिर्फ वैश्विक सेवाएँ पेश करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसे स्थानीय समाधान देने होंगे।

गूगल की प्रतिक्रिया में स्थानीय टेलीकॉम प्रदाताओं के साथ साझेदारियाँ करना, एंड्रॉयड को और अधिक स्थानीय बनाना और गूगल पे जैसी सेवाएँ पेश करना शामिल था। हालांकि, जिओ द्वारा लाई गई सस्ती डेटा योजनाएँ और व्यापक सेवा प्रस्तावों ने यह साबित कर दिया कि गूगल अब भारत में अपने प्रभुत्व को लेकर आराम नहीं कर सकता।

Mukesh Ambani: एक नया डिजिटल सूर्योदय

Mukesh Ambani का जिओ सिर्फ भारतीय टेलीकॉम उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर नहीं था, बल्कि यह एक रणनीतिक परिवर्तन था जिसने वैश्विक कंपनियों जैसे गूगल को भी प्रभावित किया। सस्ता डेटा, स्थानीयकृत कंटेंट, और डिजिटल वित्तीय और शैक्षिक सेवाएँ प्रदान करके, जिओ ने उन लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए इंटरनेट को नया रूप दिया, जो पहले इससे बाहर थे।

जिओ का उदय न केवल भारत में डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को बदल चुका है, बल्कि इसने वैश्विक तकनीकी दिग्गजों को यह संदेश भी दिया है कि भविष्य के इंटरनेट का मालिक वही होगा जो सबसे समग्र डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा। Mukesh Ambani का जिओ ने यह सिद्ध कर दिया, और इसने गूगल को यह अहसास दिला दिया कि अब वे आराम से नहीं सो सकते।

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होंठों पर दिनभर लाली, बनाएं lipstick स्मज प्रूफ

अगर आप बोल्ड लिप्स पसंद करती हैं, तो आपको यह जानकर कितनी निराशा होती है जब आपकी lipstick बीच दिन में ही मिटने या स्मज हो जाती है। चाहे आप कॉफी पी रही हों, लंच खा रही हों या बस बात कर रही हों, आखिरी चीज जो आप चाहेंगी वो यह है कि बार-बार镜र में देखना पड़े कि लिपस्टिक अभी भी सही जगह पर है या नहीं। अच्छी बात यह है कि आपको बार-बार टच-अप करने की ज़रूरत नहीं है! सही तकनीक और उत्पादों के साथ, आप अपनी लिपस्टिक को स्मज-प्रूफ बना सकती हैं और यह सुनिश्चित कर सकती हैं कि आपके होंठ पूरे दिन लाल और परफेक्ट दिखें।

इस गाइड में, हम आपको विभिन्न तरीकों और ट्रिक्स के बारे में बताएंगे, जिनकी मदद से आप अपनी lipstick को लंबा समय तक बनाए रख सकती हैं, उसे सही जगह पर रख सकती हैं और उसे स्मज से बचा सकती हैं। तो चलिए जानते हैं कि कैसे आप एक बोल्ड, रेड लिप लुक पा सकती हैं, जो कभी भी घिसेगा नहीं!

lipstick स्मज क्यों होती है?

इससे पहले कि हम हल निकलें, यह समझना ज़रूरी है कि लिपस्टिक स्मज क्यों होती है। स्मज तब होता है जब लिपस्टिक आपके होठों की सीमाओं से बाहर जाती है, और यह कई कारणों से हो सकता है:

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  • प्राकृतिक तेल: आपके होंठ दिनभर तेल का उत्पादन करते हैं, जो lipstick को तोड़ सकता है।
  • खाना और पीना: खाना और ड्रिंक्स लिपस्टिक को जल्दी से हटा सकते हैं, खासकर अगर लिपस्टिक क्रीमी या कम टिकाऊ है।
  • पसीना: अगर आप सक्रिय हैं, तो पसीना मेकअप को घिसने का कारण बन सकता है।
  • होंठों की बनावट: अगर आपके होंठ सूखे या दरारों वाले हैं, तो lipstick इन जगहों पर चिपक कर असमान तरीके से घिस सकती है।

अब जब हम समझ गए हैं कि लिपस्टिक क्यों स्मज होती है, तो आइए जानते हैं कि इसे कैसे रोका जा सकता है!

Step 1: सही लिपकेयर से शुरुआत करें

लंबे समय तक टिकने वाली और स्मज-प्रूफ लिपस्टिक की नींव स्वस्थ, चिकने होंठों से बनती है। तो आइए जानें कि आप अपने होंठों को लिपस्टिक लगाने के लिए कैसे तैयार कर सकती हैं:

  1. अपने होंठों को एक्सफोलिएट करें: सूखे और झड़ते होंठ लिपस्टिक के लिए आदर्श नहीं होते। एक हल्का लिप स्क्रब या DIY चीनी स्क्रब का उपयोग करके अपने होंठों को एक्सफोलिएट करें। इससे मृत त्वचा कोशिकाएं हट जाएंगी और लिपस्टिक के लिए एक चिकनी सतह तैयार होगी। आप एक नरम टूथब्रश का भी उपयोग करके हल्के गोलाई में अपने होंठों की त्वचा को धीरे-धीरे साफ कर सकती हैं।
  2. होंठों को हाइड्रेट और मॉइस्चराइज करें: जब आपके होंठ एक्सफोलिएट हो जाएं, तो एक अच्छा मॉइस्चराइजिंग लिप बाम लगाएं। यह आवश्यक है कि आपके होंठ नरम और ताजे रहें। एक गैर-चिपचिपा बाम चुनें जो जल्दी से अवशोषित हो जाए, ताकि lipstick के आवेदन में कोई रुकावट न आए। बाम लगाने के बाद कुछ मिनटों के लिए उसे अवशोषित होने दें।

Step 2: लिप्स को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए प्राइम करें

जैसे आप अपना चेहरा मेकअप के लिए प्राइम करती हैं, वैसे ही अपने होंठों को प्राइम करने से lipstick बेहतर तरीके से चिपकती है और लंबी देर तक रहती है।

  1. लिप प्राइमर: लिप प्राइमर होंठों को चिकना और समान बनाता है, जिससे लिपस्टिक अच्छे से चिपकती है। लिप प्राइमर को अपने होंठों पर हल्के से लगाएं। यह लिपस्टिक के फैलने और स्मज होने को रोकने के लिए एक बाधा पैदा करेगा।
  2. कंसीलर या फाउंडेशन: एक और तरीका यह है कि आप अपने होंठों पर हल्के से कंसीलर या फाउंडेशन का एक पतला लेयर लगाएं। इससे आपके स्वाभाविक होंठों का रंग न्यूट्रल हो जाएगा, और लिपस्टिक का रंग अधिक सटीक दिखाई देगा। यह एक चिकनी बेस के रूप में काम करता है जो लिपस्टिक को स्थिर बनाए रखता है।
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Step 3: सही lipstick फॉर्मूला चुनें

जिस लिपस्टिक का आप चयन करती हैं, वह इस बात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि आपकी लिपस्टिक कितनी देर तक टिकेगी। सभी लिपस्टिक एक जैसे नहीं होते, खासकर टिकाऊपन के मामले में।

  1. मैट lipstick: मैट फॉर्मूला लंबे समय तक टिकने के लिए जाना जाता है क्योंकि ये क्रीमी फॉर्मूला से ज्यादा ड्राई होते हैं। इससे लिपस्टिक लंबे समय तक टिकती है और स्मज होने की संभावना कम होती है। हालांकि, मैट लिपस्टिक्स थोड़े सूखे हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक रहने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।
  2. लिक्विड लिपस्टिक्स: लिक्विड लिपस्टिक्स ऐसी फॉर्मूला होती हैं जो सूखने पर स्मज-प्रूफ बन जाती हैं। यह फॉर्मूला लंबे दिनों के लिए आदर्श है जब आपको अपनी लिपस्टिक को बिना टच-अप किए रखना होता है। ये अत्यधिक पिगमेंटेड होते हैं और आसानी से ट्रांसफर नहीं होते, जिससे ये एक बोल्ड और स्मज-प्रूफ लुक के लिए परफेक्ट होते हैं।
  3. लिप टिंट्स: अगर आप हल्का और कम रख-रखाव वाली लिपस्टिक चाहती हैं, तो लिप टिंट्स एक बेहतरीन विकल्प हैं। यह हल्के रंग में होंठों को रंग देते हैं जो लंबे समय तक रहते हैं। हालांकि, इनका पिगमेंट अन्य फॉर्मूला के मुकाबले हल्का हो सकता है, फिर भी यह एक नज़र और स्मज-प्रूफ लुक के लिए आदर्श होते हैं।

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Step 4: लिप लाइनर का उपयोग करें

लिप लाइनर स्मजिंग से बचने के लिए एक गेम-चेंजर हो सकता है। न केवल यह होंठों को परिभाषित करता है, बल्कि यह लिपस्टिक को बाहर फैलने और स्मज होने से भी बचाता है।

  1. अपने होंठों की सीमाओं को परिभाषित करें: सबसे पहले, अपनी लिपस्टिक के रंग से मेल खाते हुए लिप लाइनर से अपने होंठों की सीमाओं को परिभाषित करें। इससे एक स्पष्ट सीमा बनेगी और लिपस्टिक बाहर नहीं फैलेगी। फिर लिप लाइनर को पूरी तरह से होंठों में भरें, ताकि लिपस्टिक को अधिक अच्छा चिपकने का आधार मिले।
  2. लाइनर को ब्लेंड करें: हार्श लाइनों से बचने के लिए, हल्के से लिप लाइनर को अपने होंठों में ब्लेंड करें। इससे लिपस्टिक और लाइनर के बीच एक स्मूद ग्रेडिएंट इफेक्ट बनेगा, जिससे लुक ज्यादा नेचुरल और इवन लगेगा।

Step 5: lipstick को परतों में लगाएं

आपकी लिपस्टिक को लंबे समय तक टिकाने के लिए, इसे परतों में लगाना महत्वपूर्ण है।

  1. पहली परत: सबसे पहले, लिप ब्रश या lipstick के बुलेट से एक हल्की परत लगाएं। शुरू में ज्यादा उत्पाद न लगाएं, क्योंकि इससे स्मज होने की संभावना बढ़ जाएगी।
  2. ब्लॉट करें: पहली परत लगाने के बाद, अपने होंठों को हल्के से एक टिशू से ब्लॉट करें। इससे अतिरिक्त उत्पाद हट जाएगा और लिपस्टिक सेट हो जाएगी।
  3. दूसरी परत: पहली परत ब्लॉट करने के बाद, लिपस्टिक की एक और परत लगाएं। यह रंग को और पिगमेंटेड बनाएगा और इसे और भी लंबी देर तक बनाए रखेगा।
  4. अंतिम ब्लॉट: एक आखिरी बार टिशू से अपने होंठों को ब्लॉट करें, ताकि अतिरिक्त उत्पाद हट जाए और lipstick अच्छी तरह से चिपक जाए।

Step 6: लिपस्टिक को सेट करें

अपने लुक को और बेहतर बनाने के लिए, लिपस्टिक को सेट करना ज़रूरी है।

  1. ट्रांसलूसेंट पाउडर: अपने होंठों पर हल्का ट्रांसलूसेंट पाउडर लगाएं। एक टिशू को होंठों पर रखें और फिर एक फूला हुआ ब्रश से पाउडर लगाएं। यह लिपस्टिक को सेट करेगा और स्मज होने से बचाएगा।
  2. सेटिंग स्प्रे: कई मेकअप आर्टिस्ट लिप्स के लिए सेटिंग स्प्रे का सुझाव देते हैं। अपने मेकअप को पूरा करने के बाद सेटिंग स्प्रे का हल्का स्प्रे करें। यह लिपस्टिक पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बना देगा, जिससे यह लंबे समय तक बनी रहेगी।
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Step 7: पूरे दिन lipstick को स्मज होने से बचाएं

अब जब आपकी लिपस्टिक सही तरह से लग गई है, तो यहां कुछ टिप्स दी जा रही हैं ताकि यह पूरे दिन ताजगी से बनी रहे:

  1. अपने होंठों को छूने से बचें: लिपस्टिक को खराब करने का सबसे आसान तरीका है अपने होंठों को छूना। दिनभर अपने होंठों को छूने से बचने की कोशिश करें। अपनी उंगलियों से होंठों को रगड़ने या फेस पर हाथ रखने से बचें, क्योंकि इससे लिपस्टिक स्मज हो सकती है।
  2. सावधानी से खाएं: खाने के दौरान अधिक तेल या चिकनाई वाले भोजन से बचें। ये लिपस्टिक को जल्दी हटा सकते हैं। हल्के और कम ट्रांसफर वाले खाद्य पदार्थों का चयन करें। अगर आपको खाने के बाद टच-अप करना पड़े, तो लिप लाइनर का उपयोग करें ताकि आप जल्दी से अपने होंठों की रूपरेखा फिर से बना सकें।
  3. टच-अप किट रखें: हालांकि आपकी लिपस्टिक पूरे दिन बनी रहनी चाहिए, फिर भी यह हमेशा अच्छा होता है कि आप एक छोटा सा टच-अप किट रखें। इसमें लिप लाइनर, मिनी lipstick और एक टिशू रखें। इस तरह, अगर आपको फौरन सुधार करने की ज़रूरत हो, तो आप बिना किसी चिंता के अपने होंठों को फिर से ताजगी से जोड़ सकती हैं।

पूरे दिन परफेक्ट, स्मज-प्रूफ लिप्स का आनंद लें

इन टिप्स और ट्रिक्स के साथ, अब आपको अपनी lipstick के फीके या स्मज होने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। चाहे आप काम पर जा रही हों, डेट नाइट पर जा रही हों या किसी खास मौके पर, ये तकनीकें यह सुनिश्चित करेंगी कि आपकी लाल लिप्स पूरी तरह से और लंबे समय तक बनी रहें। अपने होंठों की सही तरह से प्रेपिंग, सही उत्पादों का चयन और सटीक आवेदन तकनीकों के साथ, आप लंबा समय तक स्मज-प्रूफ लिप लुक पा सकती हैं।

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PM Modi का चिली दौरा: वीजा प्रक्रिया और व्यापारिक सहयोग पर चर्चा

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PM Modi ने भारत और चिली के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और प्राकृतिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि दोनों देश भौगोलिक दृष्टि से अलग महाद्वीपों में स्थित हैं, लेकिन उनकी सांस्कृतिक धरोहरें और प्राकृतिक विशेषताएं उन्हें एक अद्वितीय तरीके से जोड़ती हैं।

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हिमालय और एंडीज पर्वत की उपमा देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ये पर्वत दोनों देशों के जीवन और सभ्यता के केंद्र हैं, और हजारों वर्षों से यह क्षेत्रीय और सांस्कृतिक धारा की दिशा को प्रभावित करते हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर की लहरें दोनों देशों के तटों को जोड़ते हुए समान ऊर्जा का संचार करती हैं, जिससे एक गहरे प्राकृतिक और सांस्कृतिक संबंध की भावना उत्पन्न होती है।

PM Modi ने भारत-चिली के सांस्कृतिक संबंधों को किया रेखांकित

इसके अलावा, PM Modi ने चिली के साथ सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय फिल्मों और शास्त्रीय नृत्य में चिली के लोगों की बढ़ती रुचि दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान में काफी वृद्धि हो रही है। उन्होंने चिली के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर हाल में हुए समझौते का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक और महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही, ताकि दोनों देशों के बीच लोगों का आना-जाना और आपसी संपर्क बढ़े। इसके साथ ही, उन्होंने भारत और चिली के छात्रों के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी पुष्टि की, जिससे युवा पीढ़ी के बीच समझ और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने चिली में भारतीय समुदाय के साथ भी मुलाकात की और उनके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि भारत और चिली के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को समझने की आवश्यकता है।

PM Modi's visit to Chile: Discussion on visa process and business cooperation

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Waqf Amendment Bill पर विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए किरेन रिजिजू का बयान

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केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने Waqf Amendment Bill पर विपक्ष के विरोध और चर्चा की संभावना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर सदन को लगता है कि चर्चा के लिए समय बढ़ाया जाना चाहिए, तो समय बढ़ाया जा सकता है, लेकिन अगर विपक्ष कोई बहाना बनाकर चर्चा में भाग नहीं लेना चाहता है, तो मैं इसे रोक नहीं सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि “हम चर्चा चाहते हैं और हर राजनीतिक दल को अपनी राय रखने का अधिकार है, और देश यह सुनना चाहता है कि संशोधन विधेयक पर किस राजनीतिक दल का क्या रुख है।”

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किरेन रिजिजू ने यह भी कहा कि यह रिकॉर्ड में रहेगा कि किसने विधेयक का विरोध किया और किसने समर्थन किया। उन्होंने आगे कहा कि 2 अप्रैल को प्रश्नकाल के तुरंत बाद वह विधेयक को विचार और पारित करने के लिए पेश करना चाहते हैं, और इसके बाद 8 घंटे की चर्चा के लिए सभी पक्षों के सहमति से समय तय किया गया है।

Waqf Amendment Bill के बारे में

Kiren Rijiju's statement challenging the opposition parties on the Waqf Amendment Bill

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 (Waqf Amendment Bill 2024) भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत एक विधेयक है, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार करना है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी प्रबंधन, विकास और सही उपयोग को सुनिश्चित करना है। इसे खासतौर पर वक्फ बोर्डों और उनके कामकाज में सुधार करने के लिए लाया गया है, ताकि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रोका जा सके और उनके समाज के लाभ के लिए बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।

विधेयक के मुख्य उद्देश्य और प्रावधान:

वक्फ संपत्तियों पर माफिया का नियंत्रण समाप्त करना: विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों पर माफियाओं के नियंत्रण को खत्म करना है। इससे इन संपत्तियों का सही तरीके से प्रबंधन और उपयोग सुनिश्चित होगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही: वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। यह सुनिश्चित करेगा कि वक्फ संपत्तियों का सही तरीके से उपयोग हो और उन्हें दुरुपयोग से बचाया जा सके।

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Kiren Rijiju's statement challenging the opposition parties on the Waqf Amendment Bill

वक्फ बोर्ड के अधिकार और जिम्मेदारियां: वक्फ बोर्डों के कार्यों में सुधार किया जाएगा और उनके अधिकारों तथा जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाएगा।

विधेयक में कोई धार्मिक स्थल जब्त नहीं किया जाएगा: केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने स्पष्ट किया कि विधेयक में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि मस्जिद, दरगाह या अन्य धार्मिक स्थलों को सरकार द्वारा जब्त किया जाएगा। विधेयक का उद्देश्य केवल वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकना और उनका उचित प्रशासन सुनिश्चित करना है।

संविधानिक और कानूनी प्रावधान: Waqf Amendment Bill संपत्तियों के प्रशासन से जुड़ी कानूनी प्रावधानों में सुधार करता है, जिससे इन संपत्तियों का उचित प्रबंधन और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

विपक्ष की चिंताएं:

Kiren Rijiju's statement challenging the opposition parties on the Waqf Amendment Bill

विपक्ष का आरोप है कि इस विधेयक के माध्यम से मुसलमानों को गुमराह किया जा रहा है और इसे धार्मिक भेदभाव के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्हें यह डर है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के धार्मिक और सामाजिक नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है। विपक्ष ने इसके लिए गहरी चर्चा और समीक्षा की मांग की है।

Waqf Amendment Bill 2024 वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार और पारदर्शिता लाने का प्रयास है, लेकिन इसके विरोध और समर्थन दोनों पक्षों की चिंता बनी हुई है। इसका उद्देश है कि वक्फ संपत्तियों का सही तरीके से उपयोग हो और उनके द्वारा लाभ उठाने वाले समुदाय को ज्यादा लाभ मिले।

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Sambhal में “स्कूल चलो अभियान” और “संचारी रोग नियंत्रण अभियान” का शुभारंभ

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Sambhal के कलेक्ट्रेट सभागार, बहजोई में शैक्षिक सत्र 2025-26 के स्कूल चलो अभियान एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान (1 से 30 अप्रैल 2025) तथा दस्तक अभियान (10 से 30 अप्रैल 2025) के शुभारंभ का सजीव प्रसारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री धर्मवीर प्रजापति, प्रभारी मंत्री एवं माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), होमगार्ड्स विभाग एवं नागरिक सुरक्षा, उत्तर प्रदेश शासन ने भाग लिया।

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Sambhal में जन जागरूकता अभियान शुरू

"School Chalo Abhiyan" and "Communicable Disease Control Campaign" launched in Sambhal

उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जन जागरूकता रैली एवं प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश के हर नागरिक को स्वास्थ्य एवं शिक्षा के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता, टीकाकरण और शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करें।

कार्यक्रम में Sambhal जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक, एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। साथ ही, स्कूली बच्चों और स्थानीय नागरिकों ने भी रैली में भाग लिया और संचारी रोगों की रोकथाम एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए संकल्प लिया।


"School Chalo Abhiyan" and "Communicable Disease Control Campaign" launched in Sambhal

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक ने बताया कि दस्तक अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर टीकाकरण, स्वच्छता और बीमारियों की रोकथाम से जुड़ी जानकारियां देंगी। वहीं, स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ना है, जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

अंत में, श्री धर्मवीर प्रजापति ने उपस्थित अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों एवं नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करें, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और सभी को स्वस्थ एवं शिक्षित भविष्य मिल सके।

सम्भल से खलील मलिक कि ख़ास रिपोर्ट

Kerala Parotta बनाने की पारंपरिक और स्वादिष्ट रेसिपी

Kerala Parotta दक्षिण भारतीय व्यंजनों में एक बेहद प्रसिद्ध और स्वादिष्ट ब्रेड है, जिसे मुख्य रूप से मैदा, तेल और पानी से बनाया जाता है। इसे विशेष रूप से केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में पसंद किया जाता है। यह परोट्टा अपनी परतदार बनावट और मुलायम स्वाद के लिए जाना जाता है। Kerala Parotta ज्यादातर वेज और नॉन-वेज करी के साथ परोसा जाता है, खासतौर पर चिकन चेट्टीनाड, मटन करी या वेज कोरमा के साथ इसका स्वाद लाजवाब लगता है।

Kerala Parotta बनाने के लिए मैदा को अच्छे से गूंधा जाता है और इसे लंबे समय तक सेट होने दिया जाता है, जिससे आटा मुलायम हो जाता है। इसके बाद इसे पतली परतों में बेलकर खास तकनीक से रोल किया जाता है, जिससे यह परतदार बनता है। Kerala Parotta तवे पर तेल लगाकर कुरकुरा और सुनहरा भूरा होने तक सेंका जाता है। Kerala Parotta रेसिपी को सही तरीके से बनाने के लिए धैर्य और तकनीक की जरूरत होती है। घर पर केरला परोट्टा बनाकर आप दक्षिण भारतीय जायके का आनंद ले सकते हैं और अपने परिवार को एक खास अनुभव दे सकते हैं।

केरला परोट्टा बनाने की पारंपरिक और स्वादिष्ट रेसिपी

Delicious Kerala Parotta Recipe

Kerala Parotta (Malabar Parotta) दक्षिण भारत की एक बहुत ही प्रसिद्ध और स्वादिष्ट फ्लैटब्रेड है, जिसे खासकर केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में बड़े चाव से खाया जाता है। यह पराठा अपनी परतदार बनावट और नरम व कुरकुरी टेक्सचर के कारण बहुत पसंद किया जाता है। इसे मुख्य रूप से मैदा, तेल और दूध से बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है। Kerala Parotta आमतौर पर वेज और नॉन-वेज करी, खासतौर पर चिकन करी, मटन करी, पनीर मसाला या वेज कोरमा के साथ परोसा जाता है।

Kerala Parottaबनाने में थोड़ा समय और मेहनत जरूर लगती है, लेकिन जब आप इसे घर पर बनाएंगे, तो आपको इसका बेहतरीन स्वाद मिलेगा। इस रेसिपी में हम आपको Kerala Parotta बनाने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताएंगे, ताकि आप इसे आसानी से घर पर बना सकें।

केरला परोट्टा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

1. परोट्टा के लिए आटा तैयार करने की सामग्री:

  • 2.5 कप मैदा (ऑल-पर्पस फ्लोर)
  • ½ कप दूध (नरमी और अच्छा टेक्सचर देने के लिए)
  • ½ कप पानी (आवश्यकतानुसार)
  • 2 टेबलस्पून तेल या घी
  • 1 टीस्पून चीनी
  • 1 टीस्पून नमक
  • ½ टीस्पून बेकिंग पाउडर (ऐच्छिक)

2. परोट्टा बेलने और पकाने के लिए:

  • 3 टेबलस्पून तेल
  • थोड़ा सूखा मैदा बेलने के लिए

3. तवे पर पकाने के लिए:

  • घी या मक्खन

स्टेप-बाय-स्टेप केरला परोट्टा बनाने की विधि

1. परोट्टा के लिए आटा तैयार करना

  1. सबसे पहले एक बड़े बाउल में मैदा, नमक, चीनी और बेकिंग पाउडर डालें और अच्छे से मिलाएं।
  2. अब इसमें दूध और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा गूंथना शुरू करें।
  3. जब आटा हल्का गीला और चिकना हो जाए, तो इसमें 2 टेबलस्पून तेल डालें और इसे 10-15 मिनट तक अच्छे से गूंथें।
  4. आटे को गूंथने के बाद इसे किसी गीले कपड़े से ढककर कम से कम 1-2 घंटे के लिए रख दें। इससे आटा अच्छे से सेट हो जाएगा और परोट्टा मुलायम बनेगा।

2. लोइयां बनाना और परत तैयार करना

  1. आटे को 6-8 बराबर हिस्सों में बाँट लें और छोटी-छोटी लोइयां बना लें।
  2. अब एक लोई लें और बेलन की मदद से पतली रोटी की तरह बेल लें।
  3. इसके ऊपर हल्का सा तेल लगाएं और सूखा मैदा छिड़कें।
  4. अब इसको एक पतली स्ट्रिप में मोड़ते हुए रोल कर लें (जैसे कागज का पंखा बनाया जाता है)।
  5. फिर इस रोल को घुमाते हुए गोल घोंघे की तरह बना लें और हल्का सा दबा दें।
  6. इसी तरह से सभी लोइयों को तैयार कर लें और इन्हें 15-20 मिनट के लिए फिर से ढककर रख दें।
Delicious Kerala Parotta Recipe

3. परोट्टा बेलना और पकाना

  1. अब एक लोई लें और हल्के हाथों से बेलकर गोल या ओवल शेप में बना लें।
  2. गैस पर तवा गर्म करें और इस पर बेलकर तैयार किया हुआ परोट्टा डालें।
  3. मध्यम आंच पर इसे हल्का सा सेंक लें और फिर इस पर हल्का सा तेल लगाकर पलट दें।
  4. परोट्टा को दोनों तरफ से सेकते हुए इसके ऊपर तेल या घी लगाएं।
  5. जब परोट्टा सुनहरा और कुरकुरा हो जाए, तो इसे तवे से उतार लें।
  6. अब इसे हल्के हाथों से थपथपाकर परतें अलग करें, जिससे यह फ्लेकी और परतदार बने।
  7. इसी तरह से बाकी सभी परोट्टा बना लें।

केरला परोट्टा को परोसने के तरीके

Kerala Parotta का असली मज़ा तब आता है जब इसे किसी स्वादिष्ट करी या ग्रेवी के साथ परोसा जाता है। आप इसे निम्नलिखित व्यंजनों के साथ खा सकते हैं:

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  • वेज कोरमा
  • पनीर बटर मसाला
  • चिकन करी
  • मटन करी
  • दाल मखनी
  • रायता और आचार

केरला परोट्टा बनाने के कुछ खास टिप्स

  1. मैदा का सही उपयोग: अगर आप थोड़ा हेल्दी परोट्टा बनाना चाहते हैं, तो मैदे के साथ 50% गेहूं का आटा मिला सकते हैं।
  2. आटा गूंथने में धैर्य रखें: आटे को अच्छे से गूंथना और उसे 1-2 घंटे तक सेट होने देना बहुत जरूरी है, जिससे परोट्टा मुलायम और परतदार बने।
  3. परतों के लिए रोलिंग सही तरीके से करें: बेलने से पहले तेल और सूखा मैदा लगाना जरूरी है ताकि अच्छी परतें बनें।
  4. तवा का सही तापमान: परोट्टा को मध्यम आंच पर पकाएं, ताकि यह बाहर से क्रिस्पी और अंदर से मुलायम बने।
  5. हल्का थपथपाकर परतें खोलें: जब परोट्टा पक जाए, तो इसे हल्के हाथों से थपथपाएं, जिससे परतें अलग हो जाएं और इसका लाजवाब फ्लेकी टेक्सचर बने।

केरला परोट्टा के फायदे और पोषण मूल्य

Delicious Kerala Parotta Recipe

हालांकि Kerala Parotta मैदे से बनता है और इसमें थोड़ा ज्यादा तेल इस्तेमाल होता है, फिर भी इसका स्वाद इसे खास बनाता है। इसे कभी-कभी खाने में कोई बुराई नहीं है। अगर आप इसे हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो गेहूं के आटे का उपयोग करें।

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100 ग्राम केरला परोट्टा में लगभग:

  • कैलोरी: 220-250
  • कार्बोहाइड्रेट: 35-40 ग्राम
  • प्रोटीन: 4-6 ग्राम
  • फैट: 8-10 ग्राम

निष्कर्ष

Kerala Parotta एक शानदार, स्वादिष्ट और कुरकुरा पराठा है, जिसे बनाने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसका स्वाद इतना जबरदस्त होता है कि यह मेहनत पूरी तरह से वाजिब लगती है। इसे आप किसी भी ग्रेवी या करी के साथ परोस सकते हैं और दक्षिण भारतीय स्वाद का आनंद ले सकते हैं। अगर आप इसे सही तरीके से बनाएंगे और ऊपर दिए गए टिप्स को फॉलो करेंगे, तो आपको एकदम होटल जैसा Kerala Parotta मिलेगा। तो आज ही घर पर केरला परोट्टा बनाएं और अपने परिवार के साथ इस स्वादिष्ट व्यंजन का मज़ा लें!

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JEE Main का दूसरा सत्र कल से शुरू होगा, अंतिम समय की टिप्स देखें

नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कल यानी 2 अप्रैल, 2025 से संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Main) सत्र 2 की परीक्षा शुरू करेगी। पेपर 1 (BE/BTech) की परीक्षा 2, 3, 4, 7 और 8 अप्रैल को होगी, जबकि पेपर 2 (BArch/BPlan) की परीक्षा 9 अप्रैल को होगी।

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परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। ट्रैफिक जाम, ट्रेन/बस की देरी या अन्य कारणों से किसी भी तरह की देरी के कारण परीक्षा हॉल में घोषित महत्वपूर्ण निर्देश छूट सकते हैं।

छात्रों को पहचान सत्यापन के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड की गई और एडमिट कार्ड पर उल्लिखित वही फोटो आईडी प्रस्तुत करनी होगी। उम्मीदवारों को ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करना चाहिए और एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

JEE Main second session begins tomorrow, check last minute tips

प्रत्येक उम्मीदवार के पास रोल नंबर के साथ एक निर्दिष्ट सीट होगी; सीट बदलने पर अयोग्यता हो सकती है। उम्मीदवारों को यह सत्यापित करना होगा कि कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित प्रश्नपत्र उनके विषय से मेल खाता है। किसी भी विसंगति की सूचना तुरंत निरीक्षक को दी जानी चाहिए।

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JEE Main के लिए आवश्यक दस्तावेज

प्रवेश पत्र की एक मुद्रित प्रति, साथ ही NTA वेबसाइट से डाउनलोड किया गया स्व-घोषणा पत्र (A4 आकार के कागज़ पर मुद्रित)। एक पासपोर्ट आकार की तस्वीर (ऑनलाइन आवेदन में अपलोड की गई तस्वीर के समान), जिसे उपस्थिति पत्रक पर चिपकाया जाना है। एक वैध, मूल और समाप्त न हुई फोटो पहचान पत्र, जैसे:

JEE Main second session begins tomorrow, check last minute tips
  • स्कूल पहचान पत्र
  • पैन कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • वोटर आईडी
  • पासपोर्ट
  • आधार कार्ड (फोटो सहित)
  • ई-आधार फोटो सहित
  • राशन कार्ड फोटो सहित
  • कक्षा 12 बोर्ड एडमिट कार्ड फोटो सहित
  • बैंक पासबुक फोटो सहित
  • एक साधारण पारदर्शी बॉलपॉइंट पेन

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Coconut Chutney बनाने की आसान और स्वादिष्ट रेसिपी

Coconut Chutney दक्षिण भारतीय व्यंजनों की एक महत्वपूर्ण और स्वादिष्ट संगत है, जिसे इडली, डोसा, वड़ा, उपमा और कई अन्य व्यंजनों के साथ परोसा जाता है। यह चटनी नारियल के ताजे स्वाद, हरी मिर्च की तीखापन और तड़के के मसालों की खुशबू का एक बेहतरीन संयोजन होती है। इसे बनाना बहुत ही आसान है और इसे विभिन्न प्रकार से तैयार किया जा सकता है, जैसे हरी धनिया नारियल चटनी, लाल मिर्च Coconut Chutney, टमाटर नारियल चटनी आदि।

Coconut Chutney को बनाने के लिए मुख्य रूप से ताजा नारियल, हरी मिर्च, अदरक, भुनी चना दाल, इमली या नींबू का रस और कुछ मसालों की आवश्यकता होती है। तड़के के लिए सरसों के दाने, करी पत्ते, सूखी लाल मिर्च और हींग का उपयोग किया जाता है, जिससे चटनी का स्वाद और सुगंध और भी बढ़ जाती है।

Coconut Chutney न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। नारियल में मौजूद फाइबर, विटामिन और हेल्दी फैट्स पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखते हैं। इसे बनाकर आप 2-3 दिनों तक फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं। घर पर बनी ताज़ी Coconut Chutney का स्वाद किसी भी होटल या रेस्तरां में मिलने वाली चटनी से कहीं अधिक अच्छा होता है।

नारियल की चटनी बनाने की सम्पूर्ण विधि

Easy and Delicious Coconut Chutney

Coconut Chutney दक्षिण भारतीय व्यंजनों का एक अभिन्न हिस्सा है। इसे डोसा, इडली, वड़ा, उपमा और अन्य स्नैक्स के साथ परोसा जाता है। यह न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि इसे बनाना भी बहुत आसान है। Coconut Chutney कई प्रकार की होती है, जैसे हरी नारियल चटनी, लाल नारियल चटनी और मूंगफली नारियल चटनी। इस विस्तृत लेख में हम आपको घर पर परफेक्ट नारियल चटनी बनाने की विधि बताएंगे।

नारियल की चटनी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

Coconut Chutney बनाने के लिए बहुत ही कम सामग्री की आवश्यकता होती है। यह सामग्री आसानी से घर पर मिल जाती है।

मुख्य सामग्री:

  1. ताजा नारियल – 1 कप (कद्दूकस किया हुआ)
  2. हरी मिर्च – 2-3 (स्वादानुसार)
  3. अदरक – 1 इंच का टुकड़ा
  4. भुनी हुई चना दाल – 2 टेबलस्पून
  5. दही – 2 टेबलस्पून (वैकल्पिक)
  6. इमली का गूदा – 1/2 टीस्पून (वैकल्पिक)
  7. नमक – स्वादानुसार
  8. पानी – आवश्यकतानुसार

तड़के के लिए सामग्री:

  1. सरसों के दाने – 1 टीस्पून
  2. करी पत्ता – 6-7 पत्तियां
  3. सूखी लाल मिर्च – 1
  4. हींग – 1 चुटकी
  5. तेल – 1 टेबलस्पून

नारियल की चटनी बनाने की विधि

चरण 1: सामग्री को तैयार करें

  1. ताजा नारियल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें या कद्दूकस कर लें।
  2. हरी मिर्च और अदरक को काट लें ताकि पीसने में आसानी हो।
  3. अगर आपके पास भुनी हुई चना दाल नहीं है, तो आप इसे हल्का सा भून लें।

चरण 2: चटनी को पीसना

  1. मिक्सर जार में कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें।
  2. हरी मिर्च, अदरक, भुनी हुई चना दाल और नमक डालें।
  3. इमली का गूदा या दही डालें (यह स्वाद को बढ़ाने का काम करेगा, लेकिन वैकल्पिक है)।
  4. अब इसमें थोड़ा पानी डालें और अच्छे से पीस लें।
  5. जरूरत के अनुसार और पानी डालकर चटनी को स्मूथ बना लें।

चरण 3: चटनी में तड़का लगाना

Easy and Delicious Coconut Chutney
  1. एक छोटे पैन में तेल गर्म करें।
  2. उसमें सरसों के दाने डालें और जब वे चटकने लगे तो करी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें।
  3. अब इसमें एक चुटकी हींग डालें और गैस बंद कर दें।
  4. इस तड़के को तैयार की गई चटनी में डालें और अच्छी तरह मिलाएं।

नारियल की चटनी के विभिन्न प्रकार

Coconut Chutney कई प्रकार से बनाई जा सकती है। इसमें कुछ बदलाव करके अलग-अलग स्वाद की चटनी तैयार की जा सकती है।

1. हरी नारियल चटनी

हरी Coconut Chutney को बनाने के लिए धनिया पत्ती और पुदीना पत्ती मिलाई जाती हैं। यह चटनी स्वाद में ताज़गी देती है और मसालेदार होती है।

2. लाल नारियल चटनी

इस चटनी को बनाने के लिए सूखी लाल मिर्च का उपयोग किया जाता है। यह तीखी और चटपटी होती है, जो मसालेदार खाने के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

3. मूंगफली नारियल चटनी

Coconut Chutney में नारियल के साथ मूंगफली डाली जाती है। यह स्वाद में और भी अधिक क्रीमी और गाढ़ी होती है।

4. टमाटर नारियल चटनी

Coconut Chutney में नारियल के साथ टमाटर का भी उपयोग किया जाता है। यह हल्की खटास लिए होती है और इसे डोसा और इडली के साथ परोसा जाता है।

नारियल की चटनी के साथ खाने के बेहतरीन विकल्प

  1. इडली – यह चटनी इडली के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है।
  2. डोसा – मसाला डोसा या साधारण डोसा के साथ यह चटनी एकदम परफेक्ट लगती है।
  3. वड़ा – नारियल चटनी और सांभर के साथ वड़ा बहुत ही स्वादिष्ट लगता है।
  4. उपमा – यह चटनी उपमा के साथ भी बढ़िया लगती है।
  5. रवा डोसा – कुरकुरे रवा डोसा के साथ नारियल चटनी खाने का मजा ही अलग होता है।

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नारियल की चटनी को स्टोर कैसे करें?

  1. ताजा नारियल की चटनी ज्यादा देर तक ताजा नहीं रहती, इसलिए इसे फ्रिज में रखना जरूरी होता है।
  2. इसे एयरटाइट कंटेनर में भरकर 2 दिन तक फ्रिज में रखा जा सकता है।
  3. अगर चटनी को ज्यादा दिन तक रखना हो, तो इसे फ्रीजर में स्टोर किया जा सकता है।
Easy and Delicious Coconut Chutney

नारियल की चटनी को स्वादिष्ट बनाने के कुछ खास टिप्स

  1. ताजा नारियल का उपयोग करें – सूखे नारियल की तुलना में ताजा नारियल से बनी चटनी का स्वाद बेहतर होता है।
  2. चना दाल भूनकर डालें – इससे चटनी का स्वाद और भी बेहतरीन हो जाता है।
  3. इमली का हल्का स्वाद दें – अगर हल्की खटास पसंद हो, तो इमली का गूदा या दही डालें।
  4. गाढ़ापन संतुलित रखें – चटनी बहुत ज्यादा पतली या गाढ़ी नहीं होनी चाहिए, इसलिए पानी की मात्रा संतुलित रखें।
  5. तड़का लगाना न भूलें – तड़का लगाने से चटनी का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।

Coconut Chutney बनाने में बेहद आसान होती है और यह किसी भी दक्षिण भारतीय डिश के स्वाद को बढ़ाने का काम करती है। इसे आप अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग तरीकों से बना सकते हैं। सही सामग्री और विधि का उपयोग करके आप घर पर ही होटल जैसी स्वादिष्ट नारियल चटनी बना सकते हैं। अब जब आपने Coconut Chutney बनाने की पूरी विधि सीख ली है, तो इसे घर पर बनाकर जरूर ट्राई करें और अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें!

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Abir Gulaal से बॉलीवुड में लौटे फवाद खान, वाणी कपूर संग आएंगे नजर

Abir Gulaal Teaser: पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान आठ साल बाद बॉलीवुड में वापसी कर रहे हैं। फिल्म का टाइटल 2024 में घोषित किया गया था अब उनकी अपकमिंग फिल्म ‘अबीर गुलाल’ का टीजर रिलीज हो गया है। पाकिस्तानी स्टार रोमांटिक कॉमेडी में बॉलीवुड एक्ट्रेस वाणी कपूर के साथ नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग 29 सितंबर को लंदन में शुरू हुई थी। इस फिल्म का निर्देशन आरती एस बागरी करेंगी। वहीं, इसे विवेक अग्रवाल, अवंतिका हरि और राकेश सिप्पी प्रोड्यूस करेंगे।

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Abir Gulaal का टीजर रिलीज

मंगलवार को निर्माताओं ने फिल्म Abir Gulaal का टीजर जारी किया, जिसमें फवाद लंदन की बारिश के बीच ट्रैफिक में फंसी कार में वाणी के सामने अपनी गायकी का हुनर ​​दिखाते नजर आ रहे हैं। टीजर के अंत में वाणी फवाद से पूछती हैं कि क्या वह उनके साथ फ्लर्ट कर रहे हैं। इसके जवाब में फवाद कहते हैं, ‘क्या आप चाहते हैं कि मैं ऐसा करूं।’

वाणी-फवाद का रोमांटिक पोस्टर

Fawad Khan returns to Bollywood with Abir Gulaal, will be seen with Vaani Kapoor
Abir Gulaal से बॉलीवुड में लौटे फवाद खान, वाणी कपूर संग आएंगे नजर

मेकर्स ने पिछले साल फिल्म की घोषणा करते हुए यह फोटो शेयर की थी जिसमें फवाद खान और वाणी कपूर साथ नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म की शूटिंग अक्टूबर और नवंबर 2024 के महीने में यूके में की गई है। इसके सपोर्टिंग कास्ट में भारत और यूके के कई बेहतरीन कलाकार नजर आएंगे। बॉलीवुड के एक प्रमुख संगीतकार ने इस फिल्म के लिए पहले ही 6 ओरिजिनल ट्रैक तैयार कर लिए हैं जिन्हें बॉलीवुड के मशहूर गायकों ने गाया है। हालांकि, अभी तक इसके बारे में जानकारी साझा नहीं की गई है।

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फवाद खान की ‘द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट’ की भारत में रिलीज पर विवाद

Fawad Khan returns to Bollywood with Abir Gulaal, will be seen with Vaani Kapoor
Abir Gulaal से बॉलीवुड में लौटे फवाद खान, वाणी कपूर संग आएंगे नजर

पिछले साल फवाद की फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट’ को लेकर देश में काफी विवाद हुआ था। यह फिल्म देश में 2 अक्टूबर को रिलीज होनी थी। हालांकि, कई शहरों में हुए उग्र विरोध के बाद इसे रिलीज नहीं किया गया। इतना ही नहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संस्थापक अध्यक्ष राज ठाकरे ने फिल्म की रिलीज का कड़ा विरोध किया और कहा कि वह किसी भी हालत में महाराष्ट्र में पाकिस्तानी कलाकार की फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे।

फवाद की बॉलीवुड फिल्म

Fawad Khan returns to Bollywood with Abir Gulaal, will be seen with Vaani Kapoor
Abir Gulaal से बॉलीवुड में लौटे फवाद खान, वाणी कपूर संग आएंगे नजर

फवाद की आखिरी बॉलीवुड फिल्म 2016 में रिलीज हुई रणबीर कपूर स्टारर ‘ऐ दिल है मुश्किल’ थी। इससे पहले भी वह 2016 में रिलीज हुई ‘कपूर एंड संस’ और 2014 में रिलीज हुई ‘खूबसूरत’ में काम कर चुके हैं। अब वह आठ साल बाद भारत में वापसी करेंगे।

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Curd के साथ ये 5 चीजें भूलकर भी न खाएं!

Curd कई घरों में एक महत्वपूर्ण आहार है, जो अपने प्रोबायोटिक गुणों, ठंडक प्रभाव और कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है। इसे रायता, स्मूदी या साधारण रूप में खाने का आनंद लिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खाद्य पदार्थों के साथ दही का सेवन स्वास्थ्य और त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है? हां, कुछ खाद्य संयोजन पाचन समस्याओं, त्वचा रोगों और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

यदि आप दही पसंद करते हैं, तो आपको इसे किसके साथ खा रहे हैं, इस पर ध्यान देना चाहिए। यहां पांच चीजें बताई गई हैं, जिन्हें दही के साथ कभी नहीं खाना चाहिए और इसके नुकसान के कारण।

1. प्याज – विषैला संयोजन

Don't eat these 5 things with Curd even by mistake!

प्याज और Curd का संयोजन रायता के लिए उपयुक्त लग सकता है, लेकिन यह वास्तव में हानिकारक हो सकता है। प्याज और दही दोनों ही अपने आप में फायदेमंद होते हैं, लेकिन साथ में यह कई समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

क्यों न खाएं?

  • प्याज शरीर में गर्मी उत्पन्न करता है, जबकि दही ठंडा होता है, जिससे पाचन में असंतुलन हो सकता है।
  • यह त्वचा एलर्जी और चकत्ते का कारण बन सकता है।
  • गैस, सूजन और अपच जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

2. आम – त्वचा समस्याओं का कारण

गर्मियों में आम और Curd दोनों पसंद किए जाते हैं, लेकिन इन्हें एक साथ खाने से स्वास्थ्य और त्वचा पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

क्यों न खाएं?

  • आम और Curd का संयोजन त्वचा पर फुंसियां, मुंहासे और चकत्ते पैदा कर सकता है।
  • आम स्वाभाविक रूप से मीठा और भारी होता है, जबकि दही अम्लीय होता है, जिससे पेट में किण्वन (fermentation) और अपच हो सकता है।
  • शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा हो सकते हैं, जिससे त्वचा की चमक कम हो सकती है।
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3. मछली – पाचन तंत्र के लिए खतरनाक

मछली और Curd का संयोजन कई व्यंजनों में देखा जाता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

क्यों न खाएं?

  • मछली में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है, जबकि दही एक डेयरी उत्पाद है; इनका एक साथ सेवन एलर्जी प्रतिक्रिया को ट्रिगर कर सकता है।
  • अपच, सूजन और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • दूध और समुद्री भोजन का संयोजन त्वचा रोगों जैसे दाग-धब्बे, एक्जिमा और खुजली का कारण बन सकता है।
  • Curd ठंडा और मछली गर्म होती है, जिससे शरीर में असंतुलन उत्पन्न हो सकता है।

फेशियल में ऐसे करें Curd  का इस्तेमाल, जानें कैसे!

4. दूध – असंगत डेयरी जोड़ी

दो डेयरी उत्पादों को मिलाना सही लग सकता है, लेकिन दूध और दही का एक साथ सेवन पाचन को बिगाड़ सकता है।

क्यों न खाएं?

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  • दूध और Curd शरीर में अलग-अलग तरीके से पचते हैं, जिससे विषाक्त पदार्थ उत्पन्न हो सकते हैं।
  • इस संयोजन से गैस, अपच और अम्लता बढ़ सकती है।
  • आयुर्वेद के अनुसार, दूध और दही का एक साथ सेवन बलगम (mucus) उत्पन्न कर सकता है और सांस की समस्याओं का कारण बन सकता है।
  • यह मुंहासे और त्वचा पर चकत्ते जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।

5. उड़द दाल – भारी और अपच का कारण

उड़द दाल भारतीय व्यंजनों में प्रमुख रूप से इस्तेमाल होती है, लेकिन इसे Curd के साथ कभी नहीं खाना चाहिए।

क्यों न खाएं?

  • उड़द दाल और दही दोनों ही पचने में भारी होते हैं, जिससे पेट को इन्हें पचाने में कठिनाई हो सकती है।
  • यह गैस, सूजन और धीमे पाचन का कारण बन सकता है।
  • उड़द दाल गर्म प्रकृति की होती है, जबकि दही ठंडा होता है, जिससे पाचन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • यह शरीर में सुस्ती और भारीपन बढ़ा सकता है।

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आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आयुर्वेद में भोजन संगतता (Viruddha Ahara) पर विशेष जोर दिया गया है। गलत खाद्य संयोजन शरीर में विषाक्त पदार्थों के संचय का कारण बन सकता है, जिससे पाचन, चयापचय (metabolism), त्वचा स्वास्थ्य और संपूर्ण कल्याण प्रभावित हो सकता है। उपरोक्त पांच खाद्य पदार्थों को दही के साथ असंगत माना गया है क्योंकि उनकी ऊर्जा और पाचन प्रक्रिया परस्पर विरोधी होती हैं।

स्वस्थ विकल्प और संयोजन

इन हानिकारक संयोजनों के बजाय, Curd का आनंद लेने के लिए कुछ स्वस्थ विकल्प अपनाएं:

  • दही के साथ शहद और फल: केले, सेब, या अनार के साथ दही का सेवन एक पौष्टिक स्नैक के रूप में करें।
  • दही के साथ मेवे: बादाम, अखरोट और अलसी के बीज दही में मिलाकर इसके पोषण मूल्य को बढ़ा सकते हैं।
  • दही में मसाले डालें: काला नमक, जीरा या हल्दी मिलाकर दही का सेवन पाचन को बेहतर बना सकता है।
  • दही और चावल: यह एक सरल और सुपाच्य भोजन है, जो आंतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

निष्कर्ष

Curd पोषण से भरपूर होता है, लेकिन गलत खाद्य पदार्थों के साथ इसका सेवन आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। प्याज, आम, मछली, दूध और उड़द दाल के साथ दही का सेवन करने से बचें, ताकि आपका पाचन तंत्र स्वस्थ रहे और त्वचा दमकती रहे। भोजन संगतता का ध्यान रखें ताकि आप अपने आहार का अधिकतम लाभ उठा सकें।

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Delhi में इन 5 दिनों शराब बिक्री बंद!

Delhi, जो अपनी जीवंत नाइटलाइफ़ और पार्टी कल्चर के लिए जानी जाती है, अब एक सूखा दौर देखने वाली है। अगर आप अपने पसंदीदा ड्रिंक्स स्टॉक करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने कैलेंडर को चिह्नित कर लें क्योंकि अप्रैल, मई और जून के कुछ दिनों में शराब की बिक्री सख्ती से प्रतिबंधित होगी। सोच रहे हैं क्यों? जानने के लिए आगे पढ़ें!

ड्राई डे क्या होते हैं?

ड्राई डे वे विशेष दिन होते हैं जब सरकार द्वारा शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है। ये दिन आमतौर पर धार्मिक त्योहारों, राष्ट्रीय उत्सवों या चुनावों के कारण मनाए जाते हैं। भले ही ड्राई डे पार्टी प्रेमियों के लिए असुविधाजनक लग सकते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करना है।

Liquor sale banned in Delhi for these 5 days!

अप्रैल, मई और जून 2024 में ये 5 ड्राई डे

अगर आप अपने वीकेंड पार्टीज़ या कभी-कभार शराब का आनंद लेना पसंद करते हैं, तो इन तारीखों को ध्यान में रखें:

  1. 17 अप्रैल 2024 (राम नवमी) – भगवान राम के जन्म का यह महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है। धार्मिक भावनाओं के सम्मान में शराब की दुकानें बंद रहती हैं।
  2. 21 अप्रैल 2024 (महावीर जयंती) – यह जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, और श्रद्धा के प्रतीक के रूप में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
  3. 23 मई 2024 (बुद्ध पूर्णिमा) – भगवान बुद्ध के जन्मदिन को समर्पित यह दिन भारत भर में बौद्धों द्वारा मनाया जाता है।
  4. 4 जून 2024 (लोकसभा चुनाव के मतदान दिवस) – निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए शराब की दुकानें बंद रहती हैं।
  5. 20 जून 2024 (ईद-उल-अजहा/बकरीद) – इस प्रमुख इस्लामिक त्योहार के अवसर पर शराब की बिक्री प्रतिबंधित होती है।

Delhi की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने Jagannath मंदिर में पूजा-अर्चना की

Delhi: ड्राई डे क्यों महत्वपूर्ण होते हैं?

  1. कानून और व्यवस्था बनाए रखना:
    • चुनाव के दौरान, ड्राई डे यह सुनिश्चित करता है कि शराब का उपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए न किया जाए।
    • धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में मदद मिलती है।
  2. जिम्मेदार पीने की आदतों को बढ़ावा देना:
    • कभी-कभी ड्राई डे नियमित शराब पीने वालों को संयम बरतने के लिए प्रेरित करता है।
    • परिवार के लोग इन दिनों को शांतिपूर्ण उत्सव मनाने के अवसर के रूप में अपनाते हैं।
  3. सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना:
    • शराब के कम सेवन से नशे में गाड़ी चलाने और शराब से संबंधित हिंसा के मामलों में कमी आती है।
    • प्रमुख सार्वजनिक आयोजनों के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भीड़ प्रबंधन में आसानी होती है।

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

Liquor sale banned in Delhi for these 5 days!
  • पहले से योजना बनाएं: यदि आप किसी विशेष अवसर या समारोह की योजना बना रहे हैं, तो आखिरी समय की निराशा से बचने के लिए पहले से शराब स्टॉक कर लें।
  • रेस्टोरेंट और बार से जांच करें: शराब की दुकानें बंद रहेंगी, लेकिन कई बार और रेस्टोरेंट शराब परोस सकते हैं जब तक कि उन पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध न लगाया गया हो।
  • कठोर दंड से बचें: ड्राई डे पर अवैध रूप से शराब खरीदने या बेचने का प्रयास करने पर भारी कानूनी परिणाम हो सकते हैं, जिसमें जुर्माना और जेल भी शामिल है।

Atishi ने Delhi विधानसभा में कानून व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा को खारिज करने का आरोप लगाया

ड्राई डे पर बिना शराब के मज़ा कैसे लें?

Delhi: अगर आप शराब का आनंद लेते हैं लेकिन ड्राई डे के कारण विकल्प खोज रहे हैं, तो यहां कुछ मज़ेदार विकल्प दिए गए हैं:

  1. मॉकटेल नाइट: वर्जिन मोजिटो, फ्रूट पंच और आइस्ड टी जैसे नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स से क्रिएटिव बनें।
  2. गेम या मूवी नाइट: परिवार या दोस्तों के साथ मूवी देखने या बोर्ड गेम खेलने में समय बिताएं।
  3. Delhi के फ़ूड सीन का आनंद लें: Delhi का जीवंत स्ट्रीट फ़ूड और कैफे कल्चर रात को बाहर जाने का एक शानदार विकल्प हो सकता है।
  4. डिटॉक्स करने की कोशिश करें: इसे अपने सिस्टम को साफ करने और शराब से एक स्वस्थ ब्रेक लेने के अवसर के रूप में अपनाएं।

अंतिम विचार

Delhi: हालांकि ड्राई डे कुछ लोगों के लिए असुविधाजनक लग सकते हैं, लेकिन वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विविध सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करने के लिए आवश्यक हैं। चाहे वह धार्मिक त्योहार हो, चुनाव हो, या राष्ट्रीय आयोजन, ये शराब मुक्त दिन एक बड़े उद्देश्य की पूर्ति करते हैं। इसलिए, पहले से योजना बनाएं, मज़े के वैकल्पिक तरीके अपनाएं और मौके की भावना को अपनाएं!

इन तारीखों को अपने कैलेंडर में चिह्नित करें और सुनिश्चित करें कि आपकी पार्टी की योजनाएं अच्छी तरह से सोची-समझी हों। (बिना ड्रिंक्स के भी) अच्छे समय के लिए चियर्स!

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केंद्र कल लोकसभा में Waqf Amendment Bill पेश करेगा, चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय

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केंद्र सरकार संसद के बजट सत्र में बुधवार को Waqf Amendment Bill पेश करेगी। मंगलवार को हुई लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में वक्फ संशोधन विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा तय की गई है। हालांकि, कांग्रेस ने 12 घंटे की चर्चा की मांग की।

यह भी पढ़ें: Waqf संशोधन विधेयक पर Yogi Adityanath का बयान: “हर अच्छे काम का विरोध होता है”

आज के सत्र में विपक्षी दलों की ओर से भारी हंगामा हुआ, कई नेताओं ने विरोध में संसद से वॉकआउट किया। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वक्फ संशोधन विधेयक पर कल दोपहर 12:15 बजे से चर्चा शुरू होगी। सरकार कल के सत्र में इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब देगी।

प्रश्नकाल के बाद पेश होगा वक्फ संशोधन विधेयक

Centre will present Waqf Amendment Bill in Lok Sabha tomorrow, 8 hours set aside for discussion

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वह प्रश्नकाल के बाद संसद में Waqf विधेयक पेश करेंगे। रजिजू ने कहा, “लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में मैंने समिति के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि कल, 2 अप्रैल को हम वक्फ संशोधन विधेयक ला रहे हैं और इसके लिए हमें चर्चा के लिए समय आवंटित करना होगा। अंत में, इस बात पर सहमति बनी कि वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए कुल आठ घंटे का समय आवंटित किया जाएगा, जिसे सदन की राय जानने के बाद बढ़ाया जा सकता है।”

यह भी पढ़ें: पटना में Waqf संशोधन विधेयक के खिलाफ AIMPLB का प्रदर्शन, लालू और तेजस्वी ने दिया समर्थन

Waqf Amendment Bill 2025

Centre will present Waqf Amendment Bill in Lok Sabha tomorrow, 8 hours set aside for discussion

Waqf विधेयक 8 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था और तब से इस विधेयक के विरोध में देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी नेताओं द्वारा भारी असहमति के बाद, वक्फ विधेयक को समीक्षा और चर्चा के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया, जिसमें 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्य शामिल थे। समिति को विधेयक की जांच करने और शीतकालीन सत्र, 2024 के अंतिम सप्ताह तक अपने निष्कर्षों की रिपोर्ट देने का प्रभार दिया गया था।

संयुक्त समिति ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को 655 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी।

वक्फ बोर्डों के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और वक्फ संपत्तियों के विनियमन और प्रबंधन में मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के उद्देश्य से दो विधेयक, वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024, लोकसभा में पेश किए गए। संशोधन विधेयक का उद्देश्य भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करना है।

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Gujarat: बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 17 लोगों की मौत, कई घायल

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Gujarat के बनासकांठा जिले के डीसा कस्बे के पास एक पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को भीषण आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के बाद कई विस्फोट हुए, जिससे फैक्ट्री के कई हिस्से ढह गए। मलबे में कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।

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Gujarat के डीसा में बड़ा हादसा

Gujarat: 17 people died, many injured in fire at a firecracker factory in Banaskantha

डीसा ग्रामीण पुलिस थाने के इंस्पेक्टर विजय चौधरी ने बताया, “डीसा नगरपालिका के दमकलकर्मी मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए बचाव अभियान चला रहे हैं।” “आज सुबह हमें डीसा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े विस्फोट की सूचना मिली। दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया।

घटना स्थल पर ही पांच मजदूरों की मौत हो गई। चार घायल मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया। विस्फोट इतना भीषण था कि फैक्ट्री का स्लैब ढह गया। हम तलाशी अभियान चला रहे हैं।

Gujarat: 17 people died, many injured in fire at a firecracker factory in Banaskantha

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया है। अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।

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येशु येशु पैगम्बर’ Bajinder Singh को 2018 के बलात्कार मामले में आजीवन कारावास

प्रसिद्ध उपदेशक Bajinder Singh, जो अक्सर ‘येशु येशु पैगम्बर’ प्रचार के लिए जाने जाते हैं, को 2018 के बलात्कार मामले में अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला उस समय सामने आया था जब एक महिला ने उन पर यौन शोषण और बलात्कार का आरोप लगाया था। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सिंह को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई।

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यह मामला भारत में धार्मिक उपदेशकों द्वारा किए गए अपराधों पर एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करता है। Bajinder Singh लंबे समय से धार्मिक प्रचार और चमत्कारी उपचार के दावों के लिए चर्चित रहे हैं, लेकिन इस फैसले के बाद उनकी छवि पर गहरा असर पड़ा है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, और ऐसे अपराधों में कठोर सजा आवश्यक है ताकि समाज में न्याय और कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

धारा 376 के तहत Bajinder Singh दोषी करार


'Yeshu Prophet' Bajinder Singh sentenced to life imprisonment in 2018 rape case

पादरी Bajinder Singh को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की सजा) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराया गया है।

पिछले सप्ताह मोहाली की अदालत ने 2018 के यौन उत्पीड़न मामले में पादरी Bajinder Singh को दोषी करार दिया था। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मामले की पीड़िता ने कहा, “वह (Bajinder Singh) एक मनोरोगी है और जेल से बाहर आने के बाद भी यही अपराध करेगा, इसलिए मैं चाहती हूं कि वह जेल में ही रहे। आज बहुत सी लड़कियों (पीड़ितों) की जीत हुई है। मैं डीजीपी से अनुरोध करती हूं कि वे हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करें क्योंकि हम पर हमले की संभावना है।”

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केस दर्ज होने के 7 साल बाद आया फैसला

'Yeshu Prophet' Bajinder Singh sentenced to life imprisonment in 2018 rape case

पीड़िता के पति, जिन्होंने सात साल तक केस लड़ा, ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। “हमने इस केस के लिए सात साल तक संघर्ष किया। Bajinder Singh कोर्ट को गुमराह करता था और विदेश यात्राएं करता था, जबकि कोर्ट के आदेश उसे ऐसा करने की अनुमति नहीं देते थे। मुझ पर फर्जी एफआईआर दर्ज की गई, हम पर हमला किया गया, मैंने छह महीने जेल में बिताए और फिर मैंने उसे सजा दिलाने का निश्चय किया। हमें न्यायपालिका पर भरोसा था। मैं चाहता हूं कि उसे कड़ी सजा मिले। छह आरोपी थे, उनमें से पांच पर केस खारिज हो चुका है और पादरी बजिंदर को दोषी ठहराया गया है। हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं,” उन्होंने कहा।

पीड़िता के वकील अनिल सागर ने अनुकरणीय सजा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मामले की परिस्थितियों के आधार पर बलात्कार के अपराध के लिए 10-20 साल की सजा का प्रावधान है। इस मामले में मैं सबसे अधिक सजा की प्रार्थना करता हूं, क्योंकि यह व्यक्ति धर्म के नाम पर लोगों को बहकाता था। उसे ऐसी सजा देना जरूरी है जो मिसाल बने। मुझे उम्मीद है कि इसके बाद ऐसे अपराधों का सामना करने वाली लड़कियां सामने आएंगी और अत्याचारों के बारे में बताएंगी।”

2018 में क्या हुआ था

'Yeshu Prophet' Bajinder Singh sentenced to life imprisonment in 2018 rape case

2018 में जीरकपुर थाने में एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि Bajinder Singh ने उसे विदेश ले जाने का वादा करके बहलाया और मोहाली के सेक्टर 63 में अपने आवास पर उसके साथ बलात्कार किया और इसका वीडियो बना लिया।

उसने आगे आरोप लगाया कि आरोपी ने धमकी दी थी कि अगर वह उसकी मांगें नहीं मानेगी तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देगा। घटना कथित तौर पर एक प्रार्थना सत्र के बाद हुई, जहां कौर ने दावा किया कि उसके साथ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और शारीरिक रूप से हमला किया गया।

इस मामले पर बोलते हुए, डीएसपी मोहित कुमार अग्रवाल ने कहा, “शिकायतकर्ता रंजीत कौर और तीन-चार अन्य लोगों ने हमें बताया है कि प्रार्थना के बाद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। उसने शिकायत दर्ज कराई है और उसका बयान दर्ज किया गया है। तदनुसार कार्रवाई की जाएगी।”

इससे पहले, कौर ने अपनी आपबीती बताते हुए आरोप लगाया कि जब उसने सभा में मौजूद एक अन्य व्यक्ति पर हमले में हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उस पर हमला किया गया।

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सुप्रीम कोर्ट ने Sambhal की शाही जामा मस्जिद सफेदी मामले में हस्तक्षेप से किया इनकार

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी जिसमें Sambhal की शाही जामा मस्जिद समिति को सफेदी का खर्च वहन करने का निर्देश दिया गया था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने शाही जामा मस्जिद के बाहरी हिस्से की सफेदी का काम करवाया था और मस्जिद समिति को इस काम का खर्च वहन करने के लिए कहा गया था। मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में गया और कोर्ट ने एएसआई के पक्ष में फैसला सुनाया।

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यह मामला तब चर्चा में आया जब कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने मस्जिद की सफेदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, उनका कहना था कि ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण इस धार्मिक स्थल का बाहरी स्वरूप बदलना उचित नहीं है। उन्होंने सफेदी को एक धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा था और यह तर्क दिया था कि इसे संरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि इसके ऐतिहासिक मूल्य में कोई कमी न आए।

Supreme Court refuses to intervene in Sambhal's Shahi Jama Masjid whitewashing case

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कहा कि मस्जिद समिति को ही इस कार्य को अंजाम देने का अधिकार और जिम्मेदारी है। अदालत ने मस्जिद के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता को नकारते हुए यह भी कहा कि यह विवाद स्थानीय स्तर पर सुलझाया जा सकता है।

Sambhal हिंसा

Sambhal शाही जामा मस्जिद की सफेदी का निर्देश मस्जिद के इतिहास पर कानूनी विवाद के बीच दिया गया था, एक याचिका के बाद जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद एक प्राचीन हिंदू मंदिर पर बनाई गई थी। पिछले साल 24 नवंबर को उत्तर प्रदेश के संभल में बड़े दंगे भड़क उठे थे, जब अदालत ने मस्जिद का एएसआई सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था। अदालत के आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान दंगे भड़के। हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और पुलिस कर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए।

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12 मार्च को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एएसआई को एक सप्ताह के भीतर मस्जिद की बाहरी दीवारों की सफेदी पूरी करने का निर्देश दिया, साथ ही एएसआई की सर्वेक्षण रिपोर्ट के बारे में शाही जामा मस्जिद प्रबंधन समिति द्वारा उठाई गई आपत्तियों की भी समीक्षा की।

Supreme Court refuses to intervene in Sambhal's Shahi Jama Masjid whitewashing case

एएसआई सर्वेक्षण रिपोर्ट के खिलाफ शाही जामा मस्जिद प्रबंधन समिति द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर सुनवाई करते हुए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 मार्च को एएसआई को एक सप्ताह के भीतर मस्जिद की बाहरी दीवार की सफेदी करने और उसे पूरा करने का निर्देश दिया था। मस्जिद समिति ने विवादित ढांचे के बाहर सफेदी, अतिरिक्त रोशनी और सजावटी लाइट लगाने की भी अनुमति मांगी थी।

न्यायालय के आदेश के बाद, एएसआई की टीमों ने 13 मार्च को माप और आकलन किया, जिसके बाद जीर्णोद्धार कार्य चल रहा था और कुछ दिन पहले यह काम पूरा हो गया।

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Salman Khan की ईद पार्टी में सितारों का जमावड़ा, देखें खास तस्वीरें

Salman Khan ने सोमवार (31 मार्च) को अपने दोस्तों और सहकर्मियों के लिए ईद की पार्टी रखी। उनके परिवार के सदस्यों से लेकर करीबी दोस्तों तक सभी इसमें शामिल हुए। पारंपरिक पठान कुर्ता छोड़कर सलमान खान ने जैकेट और कार्टून-पैंट पहना था। सलमान खान के भाई अरबाज और उनकी पत्नी शूरा पार्टी में नजर आए।

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सोहेल खान ने अपने छोटे बेटे योहान के साथ रेड कार्पेट पर पोज दिया। अन्य उपस्थित लोगों में नीलम, सोफी चौधरी, शमिता शेट्टी, बॉबी देओल की पत्नी तान्या देओल शामिल थी। सलमान खान की भतीजी अलीजेह अग्निहोत्री, सोहेल खान के बड़े बेटे निरवान भी पार्टी में नजर आए।

Stars gathered at Salman Khan's Eid party, see special pictures

2010 में दबंग में सलमान खान के साथ अपनी शुरुआत करने वाली सोनाक्षी सिन्हा अपने पति जहीर इकबाल के साथ पहुंचीं। वे सभी रेड कार्पेट पर मुस्कुराते हुए नजर आए। नेहा धूपिया और अंगद बेदी ने भी रेड कार्पेट पर स्टाइलिश अंदाज में उपस्थिति दर्ज कराई। शब्बीर अहलूवालिया और कांची कौल पार्टी में पहुंचे।

Salman Khan की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म

Stars gathered at Salman Khan's Eid party, see special pictures

Salman Khan की फिल्म सिकंदर रविवार (30 मार्च) को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म को औसत समीक्षा मिली। रिलीज के पहले दो दिनों में इसने 55 करोड़ रुपये कमाए। फिल्म ने सलमान की पिछली ईद रिलीज किसी का भाई किसी की जान की कमाई को पीछे छोड़ दिया, लेकिन यह टाइगर जिंदा है की शुरुआती कमाई से पीछे रह गई।

इस फिल्म में सलमान खान ने एआर मुरुगादॉस के साथ भी पहली बार काम किया, जिन्होंने इससे पहले 2008 की ब्लॉकबस्टर गजनी में आमिर खान को निर्देशित किया था। सलमान और रश्मिका के अलावा, फिल्म में काजल अग्रवाल, सत्यराज और शरमन जोशी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

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Sikandar Box Office Collection Day 2: सलमान खान और रश्मिका की फिल्म ने ईद पर 29 करोड़ रुपये कमाए

नई दिल्ली: सलमान खान ने ईद पर रिलीज हुई अपनी फिल्म Sikandar के साथ शानदार वापसी की है। फिल्म रविवार (30 मार्च) को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। ईद के मौके पर रिलीज के पहले सोमवार को फिल्म ने सभी भाषाओं में 29 करोड़ रुपये कमाए। फिल्म ने पहले दिन 26 करोड़ रुपये कमाए, जिससे घरेलू बॉक्स ऑफिस पर इसकी कुल कमाई 55 करोड़ रुपये हो गई।

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सकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दोपहर के शो में 26.70 प्रतिशत दर्शकों को आकर्षित किया, इसके बाद शाम के शो में 30.18 प्रतिशत और रात के शो में 33.12 प्रतिशत दर्शकों ने फिल्म देखी। सकनिल्क के अनुसार, सोमवार को सिकंदर की हिंदी ऑक्यूपेंसी कुल 24.60 प्रतिशत रही।

Sikandar Box Office Collection Day 2: Salman Khan and Rashmika's film earned Rs 29 crore on Eid

सलमान खान की ईद पर रिलीज हुई फिल्म Sikandar को औसत समीक्षा मिली। फिल्म समीक्षक सैबल चटर्जी ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए और लिखा, “यह फूला हुआ एक्शन वाला, जो राजकोट और मुंबई के बीच बारी-बारी से चलता है, सलमान खान की जवान का संस्करण बनने की आकांक्षा रखता है। यह अपनी भलाई के लिए बहुत सारे मोर्चे खोलता है और अपनी लाइनें गड़बड़ा जाता है।

Sikandar के बारे में

Sikandar Box Office Collection Day 2: Salman Khan and Rashmika's film earned Rs 29 crore on Eid

Sikandar में सलमान खान और रश्मिका मंदाना ने पहली बार स्क्रीन पर काम किया। इस फिल्म में सलमान खान ने एआर मुरुगादॉस के साथ भी पहली बार काम किया, जिन्होंने इससे पहले 2008 की ब्लॉकबस्टर गजनी में आमिर खान को निर्देशित किया था। सलमान और रश्मिका के अलावा, फिल्म में काजल अग्रवाल, सत्यराज और शरमन जोशी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

इस फिल्म को साजिद नाडियाडवाला की नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट ने वित्तपोषित किया है। इस फिल्म ने सलमान खान की पिछली ईद रिलीज किसी का भाई किसी की जान को पीछे छोड़ दिया, जिसने अपने पहले दिन 15 करोड़ रुपये कमाए थे। लेकिन सिकंदर टाइगर ज़िंदा है के शुरुआती कलेक्शन को पीछे नहीं छोड़ सका।

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Madhya Pradesh में आज से 19 धार्मिक शहरों में शराब पर प्रतिबंध लागू

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Madhya Pradesh सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 से 19 धार्मिक शहरों और ग्राम पंचायतों में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। जन आस्था का सम्मान करने और नशामुक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिए गए इस निर्णय को राज्य मंत्रिमंडल ने 24 जनवरी, 2025 को लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में एक बैठक के दौरान मंजूरी दी थी।

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस कदम को धार्मिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखने और आध्यात्मिक महत्व के क्षेत्रों में शराब के सेवन को हतोत्साहित करने की दिशा में एक “ऐतिहासिक कदम” बताया। शराब पर प्रतिबंध एक नगर निगम, छह नगर पालिका परिषदों, छह नगर परिषदों और छह ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा, जो महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के क्षेत्रों को कवर करेंगे।

Madhya Pradesh सरकार ने नशामुक्ति को बढ़ावा देने और शासन को जन भावना, सांस्कृतिक मूल्यों और धार्मिक विरासत के साथ जोड़ने की एक बड़ी पहल के हिस्से के रूप में यह निर्णय लिया है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि लाखों भक्तों की मान्यताओं का सम्मान करते हुए पूजा स्थल और तीर्थस्थल शराब मुक्त क्षेत्र बने रहें। सीएम यादव ने कहा, “यह निर्णय लोगों की पवित्र स्थलों के प्रति आस्था और श्रद्धा को दर्शाता है। यह नशामुक्ति और हमारे सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में एक कदम है।”

Madhya Pradesh के इन धार्मिक शहरों में शराब पर प्रतिबंध लागू


Liquor ban imposed in 19 religious cities in Madhya Pradesh from today
  • उज्जैन – भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का घर।
  • ओंकारेश्वर – एक अन्य ज्योतिर्लिंग के साथ एक प्रमुख तीर्थ स्थल।
  • महेश्वर – रानी अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ा एक ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण शहर।
  • मंडलेश्वर – नर्मदा नदी के किनारे अपने मंदिरों और घाटों के लिए जाना जाता है।
  • ओरछा – राम राजा मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है।
  • मैहर – श्रद्धेय शारदा देवी मंदिर का घर।
  • चित्रकूट – भगवान राम के वनवास से जुड़ा एक धार्मिक स्थल।
  • दतिया – एक प्रमुख शक्ति मंदिर पीताम्बरा पीठ की सीट।
  • पन्ना – मंदिरों और वन्यजीव अभयारण्यों के लिए जाना जाता है।
  • मंडला – सतधारा का घर, गोंड आदिवासी समुदाय के लिए एक पवित्र स्थल।
  • मुलताई – ताप्ती नदी का उद्गम।
  • मंदसौर – पशुपतिनाथ मंदिर के लिए प्रसिद्ध।
  • अमरकंटक-नर्मदा नदी का उद्गम स्थल, एक प्रमुख तीर्थस्थल।

प्रतिबंध में शामिल ग्राम पंचायतें:

Liquor ban imposed in 19 religious cities in Madhya Pradesh from today
  • सलकनपुर
  • कुण्डलपुर
  • बांदकपुर
  • बरमानकलां
  • बरमानखुर्द
  • लिंग

इस कदम के साथ, Madhya Pradesh कई अन्य भारतीय राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने धार्मिक या सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शराब निषेध नीतियाँ लागू की हैं। शराब प्रतिबंध का उद्देश्य शराब पर निर्भरता को कम करते हुए अधिक अनुशासित, आस्था-आधारित समाज को बढ़ावा देना है।

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Bengaluru में कचरा निपटान महंगा, BBMP ने लगाया ‘कचरा उपकर’

Bengaluru (कर्नाटक): बृहत Bengaluru महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने “कचरा उपकर” लागू किया है, जिसके तहत Bengaluru के निवासियों को 1 अप्रैल से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपयोगकर्ता शुल्क देना होगा।

दूध, बिजली की दरों में बढ़ोतरी के बाद, बीबीएमपी ने अब एक नया कर लागू करने का फैसला किया है। बीबीएमपी ने हर महीने कचरा और निपटान की लागत बढ़ाने का फैसला किया है और आज से Bengaluru में “कचरा उपकर” लागू किया जा रहा है।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कंपनी अब हर महीने कचरे पर उपकर लगाएगी। दुकानों, होटलों और आवासीय भवनों के लिए अलग-अलग तरह के कर लगाए जा रहे हैं।

Garbage Cess imposed in Bengaluru
Bengaluru में कचरा निपटान महंगा, BBMP ने लगाया ‘कचरा उपकर’

बीबीएमपी के अनुसार, होटलों को पहले प्रति किलो कचरे पर 5 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। उपकर अब बढ़ाकर 12 रुपये कर दिया गया है।

आवासीय भवनों के लिए उपकर की दर भवन के वर्ग फुट के हिसाब से तय की गई है। 600 वर्ग फुट तक के भवनों को 10 रुपये प्रतिमाह तथा 600 वर्ग फुट से 1000 वर्ग फुट तक के भवनों को 50 रुपये प्रतिमाह देने होंगे।

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1000-2000 वर्ग फुट तक के भवनों को 100 रुपये प्रतिमाह तथा 2000-3000 वर्ग फुट तक के भवनों को 150 रुपये प्रतिमाह देने होंगे।

3000-4000 वर्ग फुट तक के भवनों के लिए 200 रुपये प्रतिमाह तथा 4000 वर्ग फुट से अधिक के भवनों के लिए 400 रुपये प्रतिमाह वसूले जाएंगे।

बीबीएमपी संपत्ति कर में सालाना कचरा कर का भुगतान करेगी। बीबीएमपी के नए फैसले से सालाना 600 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। यह खजाने को भरने के लिए विभिन्न स्रोतों से धन जुटाने के लिए आगे आई है।

Bengaluru में ‘कचरा उपकर’ पर BJP का हमला, नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने के फैसले का बचाव

Garbage Cess imposed in Bengaluru
Bengaluru में कचरा निपटान महंगा, BBMP ने लगाया ‘कचरा उपकर’

कर्नाटक के एलओपी और भाजपा विधायक आर अशोक ने ‘कचरा उपकर’ लागू करने के लिए सरकार की आलोचना की। इस कर को लेकर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर निशाना साधते हुए अशोक ने सवाल उठाया कि क्या यह “मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने” के लिए वसूला जा रहा है।

एक्स पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में अशोक ने लिखा, “Bengaluru के कचरे का निपटान करने में विफल रही और सिलिकॉन सिटी को कचरा शहर में बदल देने वाली सरकार @INCKarnataka ने अब कचरा संग्रह के लिए भी शुल्क तय कर दिया है। ऐसा लगता है कि उन्होंने कचरा निपटान के नाम पर अपना खजाना भरने का फैसला किया है और बैंगलोर शहर को कचरा मुक्त शहर बनाने का वादा किया है। डीसीएम @DKShivakumar सर, उन्होंने ब्रांड बैंगलोर के नाम पर लूट की, अब वे कचरे के नाम पर भी लूट कर रहे हैं? क्या यह बिहार चुनाव का खर्च है या सीएम की कुर्सी पाने के लिए रिश्वत?”

इससे पहले 27 मार्च को कर्नाटक सरकार ने नंदिनी दूध और दही की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो 1 अप्रैल से प्रभावी होगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया।

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Bengaluru में कचरा निपटान महंगा, BBMP ने लगाया ‘कचरा उपकर’

मुहम्मद यूनुस ने China से बांग्लादेश में अर्थव्यवस्था का विस्तार करने का आग्रह किया

यह निर्णय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा आयोजित कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया। इस कदम का उद्देश्य दूध उत्पादन और प्रसंस्करण की लागत को देखते हुए राज्य में डेयरी फार्मिंग को प्रोत्साहित करना है।

कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) के अध्यक्ष भीमा नाइक ने नंदिनी दूध की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने के राज्य सरकार के कदम का बचाव करते हुए कहा कि अतिरिक्त लागत सीधे किसानों पर जाएगी।

उन्होंने कहा, “हम कर्नाटक में देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कम कीमत पर दूध बेच रहे थे। केएमएफ हर दिन 86 लाख-1 करोड़ (दूध) खरीदता है। 1 लीटर दूध 42 रुपये (कर्नाटक) में बेचा जाता है। गुजरात में यह 53 रुपये है, आंध्र और तेलंगाना में यह 58 रुपये है, दिल्ली और महाराष्ट्र में यह 56 रुपये है, केरल में यह 54 रुपये है। यह निर्णय चरवाहों के हित में लिया गया है। ये 4 रुपये किसानों के पास जा रहे हैं।”

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