Manish Tewari ने उठाई New Anti-Defection Law की मांग, Lok Sabha में दिया Adjournment Notice

कांग्रेस सांसद Manish Tewari ने मंगलवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने ‘क्वेश्चन आवर’ (प्रश्नकाल), ‘ज़ीरो आवर’ (शून्यकाल) और दिन के बाकी सभी तय कामकाज को रोककर एक नए ‘दल-बदल विरोधी कानून’ की ज़रूरत पर चर्चा करने की मांग की, ताकि अवसरवाद के कारण हो रहे “बड़े पैमाने पर राजनीतिक दल-बदल” को रोका जा सके।

लोकसभा के महासचिव को भेजे अपने नोटिस में तिवारी ने कहा कि वह “जनहित के एक ज़रूरी और निश्चित मामले” पर चर्चा करने के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करने का प्रस्ताव लाना चाहते हैं।

Manish Tewari के Adjournment Notice की प्रमुख बातें

नोटिस में कहा गया है, “मैं प्रस्ताव करता हूं कि यह सदन ‘प्रश्न काल’, ‘शून्य काल’ और दिन के अन्य सभी निर्धारित कामकाज को स्थगित कर एक नए ‘दल-बदल विरोधी कानून’ के स्वरूप पर चर्चा करे।

यह कानून अवसरवाद से प्रेरित और बिना किसी वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद के बड़े पैमाने पर होने वाले राजनीतिक दल-बदल पर रोक लगाए, और साथ ही संसद व विधानसभाओं के भीतर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी गुंजाइश रखे।”

तिवारी ने कहा कि प्रस्तावित चर्चा का फोकस ऐसे दलबदल-विरोधी कानून को तैयार करने पर होना चाहिए जो राजनीतिक कारणों से होने वाले दलबदल को हतोत्साहित करे, साथ ही संसद और राज्य विधानसभाओं में सिद्धांतों पर आधारित असहमति की गुंजाइश को भी सुरक्षित रखे।


कांग्रेस सांसद ने सरकार से आग्रह किया कि सदन के तय कामकाज को स्थगित कर इस मुद्दे पर पूरी चर्चा की जाए, क्योंकि यह अत्यंत महत्वपूर्ण मामला है।

सदन की ओर से जारी कामकाज की संशोधित सूची के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को लोकसभा में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ पेश करेंगी।

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Manish Tewari ने New Anti-Defection Law पर चर्चा की मांग उठाई

इस बिल का मकसद ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’, ‘इनकम-टैक्स एक्ट, 2025’ और ‘फाइनेंस एक्ट, 2026’ में और संशोधन करना है। सीतारमण इस कानून को पेश करने की अनुमति मांगेंगी और उसके बाद सदन में बिल पेश करेंगी।

वित्त मंत्री हिंदी और अंग्रेज़ी में एक स्पष्टीकरण बयान भी सदन के पटल पर रखेंगी, जिसमें इनकम-टैक्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026 (2026 का नंबर 2) के ज़रिए तुरंत कानून बनाने की वजहें बताई गई होंगी।

इसके बाद लोकसभा 2022-23 के लिए अतिरिक्त अनुदान की मांगों पर चर्चा करेगी। चर्चा पूरी होने के बाद, सीतारमण विनियोग (नंबर 3) विधेयक, 2026 पेश करेंगी—जिसमें 31 मार्च, 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान मूल रूप से मंजूर की गई राशि से ज़्यादा हुए खर्च के लिए संसद की मंज़ूरी मांगी जाएगी—और इसे विचार और पारित करने के लिए पेश करेंगी।

सदन संसदीय स्थायी समितियों की सिफ़ारिशों को लागू करने के बारे में मंत्रियों के बयान भी सुनेगा। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग से जुड़ी सिफ़ारिशों को लागू करने के बारे में बयान देंगे।

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भूमि संसाधन और कृषि अनुसंधान पर सरकार का अहम बयान आज

राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी भूमि संसाधन विभाग से जुड़ी सिफ़ारिशों पर बयान देंगे, जबकि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग से जुड़ी सिफ़ारिशों को लागू करने के बारे में बयान पेश करेंगे।

सदन में ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026’ पर विचार करने और उसे पारित करने का भी कार्यक्रम है। इस बिल का मकसद बैंकर्स की किताबों से जुड़े सबूतों के कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाना है, ताकि इसे आज के डिजिटल बैंकिंग तौर-तरीकों के अनुरूप बनाया जा सके।

दिन के एजेंडे में नियम 377 के तहत उठाए जाने वाले मामले भी शामिल हैं, जिन पर सदन द्वारा बाकी विधायी कामकाज शुरू करने से पहले चर्चा की जाएगी।

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