केंद्रीय मंत्री Manohar Lal ने किया Bhalswa डंपसाइट का निरीक्षण, सितंबर तक पूरी सफाई का दिया निर्देश

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री Manohar Lal ने गुरुवार को दिल्ली स्थित भलस्वा डंपसाइट का दौरा कर वहां चल रहे पुराने कचरे के निस्तारण और सुधार कार्यों की समीक्षा की। यह भलस्वा डंपसाइट पर उनका दूसरा प्रत्यक्ष निरीक्षण था, जहां दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा मिशन मोड में बायोमाइनिंग और भूमि सुधार का कार्य किया जा रहा है।

DRAP मिशन के तहत चल रहा सुधार अभियान

भलस्वा डंपसाइट को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने डंपसाइट रेमेडिएशन एंड एक्शन प्लान (DRAP) पहल के तहत गोद लिया है। यह आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन-U 2.0 के तहत शुरू किया गया एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य देशभर के बड़े पुराने डंपसाइट्स का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पर्यावरणीय सुधार करना है।

इस अभियान का लक्ष्य “जीरो डंपसाइट” विजन को हासिल करना है, ताकि शहरों में कचरे के बड़े पहाड़ों को खत्म कर वहां कीमती जमीन को सार्वजनिक उपयोग के लिए वापस लाया जा सके।

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73 लाख मीट्रिक टन कचरे से शुरू हुआ अभियान: Manohar Lal

अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि जून 2022 में भलस्वा डंपसाइट पर लगभग 73 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा जमा था। जुलाई 2022 से यहां लगातार बायोमाइनिंग का काम चल रहा है, जिसके तहत रोजाना लगभग 15 हजार मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस किया जा रहा है।

26 मई 2026 तक इस साइट पर बचे हुए कचरे की मात्रा घटकर लगभग 23.17 लाख मीट्रिक टन रह गई है। इसमें पुराना और नया दोनों प्रकार का कचरा शामिल है।

43 एकड़ जमीन हुई रिक्लेम

सुधार कार्यों के कारण लगभग 70 एकड़ में फैले डंपसाइट क्षेत्र में से 43 एकड़ जमीन को सफलतापूर्वक वापस प्राप्त कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस जमीन को भविष्य में सार्वजनिक उपयोग और सामुदायिक सुविधाओं के लिए विकसित किया जाएगा।

मंत्री Manohar Lal ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के विजन के अनुरूप वैज्ञानिक तरीकों से पुराने कचरे को हटाने का काम किया जा रहा है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय स्थिति और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास भी जारी हैं।

पर्यावरण सुरक्षा और आग रोकने के उपायों की समीक्षा

दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री Manohar Lal ने बायोमाइनिंग ऑपरेशन, पर्यावरण सुरक्षा उपायों, आग रोकने की व्यवस्थाओं, लीचेट मैनेजमेंट सिस्टम और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डंपसाइट को जल्द से जल्द पूरी तरह साफ किया जाए ताकि आसपास रहने वाले लोगों को राहत मिल सके। मंत्री ने विशेष रूप से पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

सितंबर तक काम पूरा करने का निर्देश

Manohar Lal ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सितंबर तक भलस्वा डंपसाइट के सुधार कार्य को पूरी तरह पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि रोजाना निकलने वाले नए कचरे को तुरंत प्रोसेस किया जाए ताकि भविष्य में फिर से कचरे का पहाड़ न बन सके।

उन्होंने कहा, “कोई नया पुराना कचरा नहीं बनना चाहिए। कचरा प्रबंधन को नियमित और वैज्ञानिक तरीके से लागू करना जरूरी है।”

सार्वजनिक उपयोग में लाई जाएगी रिक्लेम जमीन

केंद्रीय मंत्री Manohar Lal ने यह भी निर्देश दिया कि डंपसाइट की सफाई के बाद जो जमीन वापस प्राप्त हुई है, उसका उपयोग जनता और समुदाय के हित में किया जाए। इसमें हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और सामुदायिक विकास परियोजनाएं विकसित करने पर जोर दिया गया।

इस निरीक्षण दौरे में MCD कमिश्नर संजीव खिरवार, इंजीनियर-इन-चीफ पीसी मीणा, चीफ इंजीनियर केके शर्मा, डिप्टी कमिश्नर शशि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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