Manipur में SoO समझौते में अब और कड़ाई — क्या बदला है?

गृह मंत्रालय, मणिपुर सरकार और 24 कुकी-जो उग्रवादी समूहों के बीच हस्ताक्षरित संशोधित समझौते में उग्रवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है।

केंद्र सरकार, Manipur  राज्य सरकार और दो प्रमुख कुकी-ज़ो समूह — Kuki National Organisation (KNO) और United People’s Front (UPF) — ने नए Suspension of Operations (SoO) समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो पहले सितंबर 2025 में समाप्त हो गया था। इस द्विपक्षीय नई समझौते में कड़े ground rules शामिल हैं:

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Manipur में SoO समझौते का महत्व?

पारदर्शी निगरानी तंत्र जैसे Joint Monitoring Group की स्थापना से समझौते की प्रभावशीलता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ती है।

यह समझौता न सिर्फ़ तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह कुकी-ज़ो समूहों को संविधान, कानून व्यवस्था और राजनीतिक वार्ता की दिशा में लेकर गया है।

क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की गारंटी और संवेदनशील शिविरों से दूर जाने की बात, यह संकेत देती है कि सूक्ष्म तनावग्रस्त इलाकों में संभावित संघर्ष को रोका जा रहा है।

मार्ग (NH-2) की फिर से चालू करने की पहल से आर्थिक और सामाजिक गतिशीलता में सुधार होने की उम्मीद है।

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