तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेताओं के इस्तीफों और पार्टी के भीतर बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच TMC और Congress के संभावित मर्जर की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस ने इन अटकलों पर सीधे तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है, लेकिन पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है।
गुलाम अहमद मीर ने कहा कि देश में भारतीय जनता पार्टी जिस तरह की राजनीति कर रही है, उसका प्रभावी मुकाबला केवल Congress ही कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने के लिए “वोट चोरी” और “सीट चोरी” जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रही है।
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“रीजनल पार्टियों को जल्द समझनी होगी हकीकत”: Ghulam Ahmed Mir
मीर ने कहा कि देश की क्षेत्रीय पार्टियों को जल्द यह समझना होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर BJP को चुनौती देने की क्षमता Congress के पास ही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में जिस तरह से TMC को निशाना बनाया जा रहा है, वह चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि दूसरी राजनीतिक पार्टियों और क्षेत्रीय दलों को अपने भविष्य का फैसला खुद करना चाहिए, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उन्हें यह समझना होगा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है।
Congress ने सेक्युलर दलों के लिए दरवाजे खुले बताए
Congress नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाली पार्टी को अछूत नहीं मानती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य समान विचारधारा वाले दलों को साथ लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना है।
हालांकि उन्होंने TMC और कांग्रेस के औपचारिक विलय को लेकर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनके बयान को विपक्षी राजनीति के बदलते समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
TMC में लगातार इस्तीफों से बढ़ी चर्चा
इस बीच तृणमूल कांग्रेस में लगातार हो रहे इस्तीफों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। हाल ही में राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर रे भी राज्यसभा सदस्यता छोड़ चुके हैं।
एक सप्ताह के भीतर तीन बड़े इस्तीफों ने पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित बदलावों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दल इन घटनाओं को TMC के अंदरूनी संकट से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि पार्टी की ओर से अभी तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चुनावी सफलता से उत्साहित कांग्रेस
हाल ही में पांच राज्यों में हुए चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस को नई राजनीतिक ऊर्जा दी है। पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पहले ही राज्य की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का ऐलान कर चुकी है। उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा है कि पार्टी पिछले दो वर्षों से इस दिशा में काम कर रही है।
मीनाक्षी नटराजन विवाद पर भी कांग्रेस का हमला
इसी बीच मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने का मुद्दा भी कांग्रेस लगातार उठा रही है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश और झारखंड में नामांकन प्रक्रिया के दौरान भेदभाव किया गया है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं और उम्मीदवारों को दबाने के लिए हर संभव तरीका अपनाया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक तथा कानूनी दोनों स्तरों पर उठाएगी।
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