पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक आम हार्मोनल विकार है, जो महिलाओं में प्रजनन आयु (15-45 वर्ष) के दौरान देखा जाता है। यह हार्मोनल असंतुलन के कारण अंडाशय (ovaries) में सिस्ट बनने, मासिक धर्म की अनियमितता और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ, हार्मोनल संतुलन बनाए रखें और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें!
PCOS के कारण
PCOS का सटीक कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ प्रमुख कारण माने जाते हैं:
हॉर्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance):
एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे अंडाणु के विकास में बाधा आती है।
इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) से रक्त में शुगर लेवल बढ़ सकता है।
अनुवांशिकता (Genetics):
यदि परिवार में किसी महिला को PCOS है, तो इसके होने की संभावना अधिक होती है।
जीवनशैली (Lifestyle Factors):
अधिक वजन, अस्वस्थ आहार, व्यायाम की कमी और तनाव PCOS को बढ़ा सकते हैं।
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PCOS के लक्षण (Symptoms)
PCOS के लक्षण अलग-अलग महिलाओं में भिन्न हो सकते हैं, लेकिन सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:
मासिक धर्म की अनियमितता (अनियमित या अत्यधिक रक्तस्राव)
अधिक चेहरे और शरीर के बाल (Hirsutism) – एंड्रोजन की अधिकता के कारण
मुंहासे और तैलीय त्वचा
बाल झड़ना (Male-pattern baldness)
वजन बढ़ना और मोटापा (विशेष रूप से पेट के आसपास)
गर्भधारण में कठिनाई (Infertility)
डिप्रेशन और मूड स्विंग्स
PCOS से होने वाली जटिलताएँ (Complications)
यदि PCOS को ठीक से प्रबंधित नहीं किया जाए, तो यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है:
✔ बांझपन (Infertility)
✔ टाइप-2 डायबिटीज़
✔ हृदय रोग और उच्च रक्तचाप
✔ स्लीप एपनिया
✔ गर्भावस्था संबंधी समस्याएँ (गर्भपात, प्रीमैच्योर डिलीवरी)
✔ मूड डिसऑर्डर (डिप्रेशन, एंग्जायटी)
PCOS का निदान (Diagnosis)
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का निदान करने के लिए डॉक्टर निम्नलिखित परीक्षण कर सकते हैं:
चिकित्सीय इतिहास और शारीरिक जांच
अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): अंडाशय में सिस्ट की उपस्थिति देखने के लिए।
रक्त परीक्षण (Blood Test): हार्मोन लेवल (एंड्रोजन, इंसुलिन, थायरॉइड) की जाँच के लिए।
PCOS का उपचार (Treatment)
PCOS का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को प्रबंधित किया जा सकता है।
1. जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes)
स्वस्थ आहार: प्रोसेस्ड फूड कम करें, फाइबर, प्रोटीन और स्वस्थ वसा का सेवन बढ़ाएँ।
वजन नियंत्रण: 5-10% वजन कम करने से हार्मोन संतुलित हो सकते हैं।
नियमित व्यायाम: योग, कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मदद मिलती है।
तनाव प्रबंधन: ध्यान (Meditation) और पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है।
2. दवाएँ (Medications)
मासिक धर्म नियमित करने के लिए: जन्म नियंत्रण गोलियाँ (Oral Contraceptive Pills)
इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए: मेटफॉर्मिन (Metformin)
अधिक बाल और मुंहासों के लिए: Anti-Androgen दवाएँ
गर्भधारण में सहायता के लिए: ओव्यूलेशन-प्रेरित करने वाली दवाएँ
3. प्राकृतिक उपचार (Natural Remedies)
ग्रीन टी और दालचीनी: इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने में सहायक।
ओमेगा-3 फैटी एसिड (मछली, अलसी, अखरोट): हार्मोन संतुलन में मदद करता है।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ (अश्वगंधा, शतावरी): हार्मोन संतुलन को बढ़ावा देती हैं।
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम और गर्भधारण
सभी PCOS वाली महिलाओं को बांझपन नहीं होता, लेकिन कुछ को गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है।
वजन घटाने, सही आहार और हार्मोनल संतुलन से गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है।
डॉक्टर के मार्गदर्शन में ओव्यूलेशन बढ़ाने वाली दवाएँ या IVF की आवश्यकता हो सकती है।
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