प्रयागराज में बवाल! Sanjay Singh की बैठक बंद कराने पहुंची पुलिस, AAP सांसद ने गिनाए UP के सारे पेपर लीक

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में लाखों छात्र पेपर लीक से परेशान हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा तक नहीं होने देना चाहती।
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देश भर के छात्र परेशान, सरकार पर गंभीर आरोप
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में Sanjay Singh ने कहा कि पेपर लीक देश के युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों की मेहनत बर्बाद हो रही है।
Sanjay Singh ने अपने पोस्ट में लिखा, “देश भर में लाखों छात्र पेपर लीक से परेशान हैं। युवा आत्महत्या करने को मजबूर हैं, लेकिन भाजपा का क्रूर प्रशासन उनके दर्द पर चर्चा की भी इजाजत नहीं दे रहा है।”
उन्होंने बताया कि प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
Sanjay Singh ने लगाया प्रयागराज में बैठक रोकने की कोशिश का आरोप
संजय सिंह ने सोमवार को आरोप लगाया था कि प्रयागराज में छात्रों के साथ आयोजित उनकी चर्चा बैठक को उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बाधित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम किसी सार्वजनिक स्थल पर नहीं, बल्कि एक कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित किया गया था, फिर भी अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया।
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सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में Sanjay Singh अधिकारियों से सवाल करते नजर आए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
“तानाशाही अपने चरम पर पहुंच गई है”
वीडियो में Sanjay Singh ने कहा, “प्रयागराज में तानाशाही अपने चरम पर पहुंच गई है। बंद कमरों में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर बात करने की इजाजत नहीं दी जा रही है। प्रशासन पेपर लीक पर चर्चा रोकने पहुंच गया है। मोदी-योगी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है और विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है।”
उन्होंने अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा कि क्या पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करना अब गैर-कानूनी हो गया है। सिंह ने कहा कि जिन परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, उनसे केवल छात्रों का ही नहीं बल्कि पूरे देश के भविष्य का नुकसान हो रहा है।
NEET-UG 2026 विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक बहस
Sanjay Singh की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में विवाद जारी है। पेपर लीक और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोपों के बाद परीक्षा को 21 जून तक के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है।
मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है और अब तक कई गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। वहीं, देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गए हैं।
पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बावजूद परीक्षा रद्द होने या पेपर लीक होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इस बीच, विपक्ष सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहा है, जबकि लाखों छात्र और अभ्यर्थी निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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