लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने इस मुद्दे पर वीडियो संदेश जारी करने के लिए PM Modi की आलोचना की और कहा कि इसमें विरोध कर रहे छात्रों की मांगों पर कोई बात नहीं की गई।
शुक्रवार को विपक्ष के नेताओं ने पेपर लीक मामले पर PM Modi के वीडियो संदेश को लेकर उन पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपनी ज़िम्मेदारी से बच रहे हैं और छात्रों की चिंताओं को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं।
X पर गांधी ने कहा, “मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस बेकार वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें।”
उन्होंने तीन मांगें रखीं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग के आरोपियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना और प्रधानमंत्री से माफ़ी की मांग।
गांधी नई दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले छात्रों के हालिया विरोध-प्रदर्शनों का ज़िक्र कर रहे थे, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की थी।
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मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेताओं ने क्या मांग की?
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि PM Modi को वीडियो के ज़रिए देश को संबोधित करने के बजाय संसद के भीतर बयान देना चाहिए।
खड़गे ने कहा, “जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो प्रधानमंत्री को संसद में बयान देना चाहिए, न कि देर रात वीडियो रिकॉर्ड करके संसद के बाहर एकतरफा ‘मन की बात’ करनी चाहिए।”
उन्होंने आगे मांग की कि पीएम मोदी संसद में आने से पहले धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करें और विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के लिए छात्रों से माफी मांगें।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश से जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता की कमी झलकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का ज़िक्र न करने का आरोप लगाया।
PM Modi ने पेपर लीक के बारे में क्या घोषणा की?
विपक्ष की यह आलोचना तब आई जब PM Modi ने घोषणा की कि सरकार पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए संसद में एक नया बिल लाएगी।
गुरुवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून में पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ़ सख़्त प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि इस बिल पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
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