Rajnath Singh ने भारत की रक्षा क्षमता पर दिया जोर

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने रविवार को कहा कि भारत कई क्षेत्रों में अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा है और सरकार ने रक्षा निर्माण को बड़ा बढ़ावा देने के लिए क्रांतिकारी और संरचनात्मक सुधार किए हैं।

NDTV डिफेंस कॉन्क्लेव में बोलते हुए, Rajnath Singh ने उन तकनीकी बदलावों के बारे में भी बात की जिनका हथियारों, सैन्य क्षमताओं और युद्ध लड़ने के तरीकों पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग “युद्ध की पांचवीं पीढ़ी” का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने रक्षा क्षेत्र पर असर डालने वाले ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और हाइपरसोनिक सिस्टम का भी ज़िक्र किया। Rajnath Singh ने कहा, “आज हम पांचवीं पीढ़ी की लड़ाई के दौर में हैं, जहां ज़मीन, पानी और हवा के साथ-साथ साइबर, स्पेस और इंसानी दिमाग भी लड़ाई के नए क्षेत्र बन गए हैं।”

नई तकनीकों का बढ़ता प्रभाव

Rajnath Singh ने आगे कहा, “आज सप्लाई चेन भी जियोपॉलिटिकल टकराव का नया मैदान बन रही हैं। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम और हाइपरसोनिक जैसी नई तकनीकें पूरे डिफेंस सेक्टर का स्वरूप बदल रही हैं।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह कॉन्क्लेव ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया का सुरक्षा माहौल तेज़ी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि लड़ाई के तरीके भी बदल रहे हैं “क्योंकि नई तकनीकें भी बहुत तेज़ी से ईजाद हो रही हैं”।

पिछले 12 सालों में भारत के डिफेंस सेक्टर में हुए सुधारों का ज़िक्र करते हुए सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के देश के नज़रिए में बड़ा बदलाव आया है; अब ध्यान सिर्फ़ तुरंत की ज़रूरतों को पूरा करने से हटकर एक आत्मनिर्भर और भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखने वाला डिफेंस इकोसिस्टम बनाने पर केंद्रित हो गया है।

उन्होंने कहा, “पिछले 12 सालों में न सिर्फ़ हमारे डिफेंस सेक्टर की क्षमता बढ़ी है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के हमारे नज़रिए में भी बड़ा बदलाव आया है। अब हमारा ध्यान सिर्फ़ मौजूदा ज़रूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है।

बल्कि, आज हम ‘आत्मनिर्भर’ और भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखने वाला डिफेंस इकोसिस्टम बनाने की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि डिफेंस सेक्टर में संस्थागत और संरचनात्मक सुधारों ने भारत की तैयारी को मजबूत किया है और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को नई गति दी है।

Rekha Gupta का बड़ा ऐलान, Burari और Anand Vihar में EV चार्जिंग सुविधा शुरू

Rajnath Singh बोले, सुरक्षा हुई मजबूत

Rajnath Singh ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में भारत के डिफेंस सेक्टर में क्रांतिकारी संस्थागत और संरचनात्मक सुधार हुए हैं और इससे हमारी डिफेंस तैयारी को काफी मजबूती मिली है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को भी नई गति मिली है और राष्ट्रीय सुरक्षा भी मजबूत हुई है।”

डिफेंस मिनिस्टर ने डिफेंस में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें डिफेंस AI काउंसिल की स्थापना शामिल है।

उन्होंने कहा कि DRDO ने स्वदेशी क्वांटम क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए एक रिसर्च सेंटर स्थापित किया है और एक पॉलिसी फ्रेमवर्क भी जारी किया गया है।

हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी पर सिंह ने कहा कि भारत ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल के सफल फ्लाइट ट्रायल किए हैं और लंबे समय तक चलने वाले स्क्रैमजेट इंजन का परीक्षण किया है।

Rajnath Singh ने कहा, “इन सभी बातों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि चाहे कॉन्टैक्ट वॉरफेयर हो या नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर, काइनेटिक वॉरफेयर हो या नॉन-काइनेटिक वॉरफेयर, भारत की सेनाएं हर आयाम में अपनी क्षमता और तैयारी को लगातार और तेजी से मजबूत कर रही हैं।”

सिंह ने डिफेंस टेक्नोलॉजी में आए बदलाव की तुलना टेलीकम्युनिकेशन के विकास से भी की और कहा कि 1G से 5G तक का सफर न केवल तेज कनेक्टिविटी के बारे में था, बल्कि कम्युनिकेशन सिस्टम में बदलाव के बारे में भी था।

अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

↑
Exit mobile version