समाजवादी पार्टी के सांसद Ramgopal Yadav ने मंगलवार को कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत से BJP के खिलाफ जनता का मूड पता चलता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार “मनमाने” तरीके से काम कर रही है। Ramgopal Yadav ने कहा कि सरकार अपनी संसदीय बहुमत का इस्तेमाल ऐसे कानून पास करने के लिए कर रही है जो उनके मुताबिक जनहित में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “ये चुनाव देश की जनता का मूड दिखा रहे हैं। यह सरकार जिस तरह से काम कर रही है, वह मनमाना है। वे कोई भी कानून लाते हैं और बहुमत के दम पर उसे पास करवा लेते हैं। जनता के हित में एक भी कानून पास नहीं हो रहा है। आखिर हम इसे कब तक बर्दाश्त करेंगे? अब हद हो चुकी है और भविष्य में उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा।”
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UP Election से पहले Ramgopal Yadav का बड़ा दावा, SP की जीत का जताया भरोसा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भरोसा जताते हुए SP नेता ने दावा किया कि उनकी पार्टी को निर्णायक जनादेश मिलेगा।
Ramgopal Yadav ने कहा, “हम दो-तिहाई बहुमत के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतेंगे।”
इस बीच, SP सांसद अवधेश प्रसाद ने भी उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि BJP को बड़ा झटका लगा है।
प्रसाद ने कहा वे बुरी तरह हारे हैं। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट, जिसे BJP का गढ़ माना जाता था, वहां हार इस बात का संकेत है कि उनका जाना तय है।”
केंद्र पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि देश भर में छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा, “इस देश में छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। जिस तरह से उन पर लाठियां बरसाई गईं… उनकी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं और उनके पास कोई समाधान नहीं है।”
Prashant Kishor पर Shrawon Kumar का पलटवार, बोले- एक MLA से नहीं बदलती राजनीति
Ramgopal Yadav ने BJP पर उठाए सवाल, Exam Paper Leak और बेरोज़गारी को बताया मुद्दा
एग्जाम पेपर लीक और बढ़ती बेरोज़गारी को लेकर युवाओं के ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शनों के ठीक बाद मिली यह हार हिंदी पट्टी में बदलती राजनीतिक हवा का संकेत देती है और बीजेपी के पारंपरिक मज़बूत गढ़ों में कमज़ोरियों को उजागर करती है।
बिहार के शहरी गढ़ बांकीपुर में—जो 1995 से बीजेपी का गढ़ रहा है और जिसे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने खाली किया था—जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के बड़े अंतर से अपनी पहली चुनावी जीत हासिल की।
वहीं, मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस ने बीजेपी को 6,000 से ज़्यादा वोटों से हराकर अपनी अहम सीट बरकरार रखी। बीजेपी को एकमात्र राहत गुजरात से मिली, जहाँ उसने वड़ोदरा की मंज़लपुर सीट तो बचा ली, लेकिन 2022 के चुनावों की तुलना में जीत का अंतर बहुत कम रहा।
सतीश पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों से हराकर बीजेपी की सीट बचाए रखी। लेकिन यह अंतर 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की 1,00,754 वोटों की भारी जीत के मुकाबले बहुत कम है।
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