शिवसेना (UBT) के सांसद Sanjay Raut ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग की है। यह मांग उन आरोपों के मद्देनजर की गई है..,
जिनमें कहा गया है कि मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने के लिए, एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता जारांगे पाटिल को 500 करोड़ रुपये देने की कोशिश की थी।
Sanjay Raut ने ‘X’ पर लिखा, “यह मामला ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) के अंतर्गत आता है। कृपया इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंप दें।”
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Sanjay Raut का BJP पर हमला
केंद्रीय मंत्री को लिखे इस पत्र को ‘X’ पर साझा करते हुए Sanjay Raut ने कहा कि BJP न केवल “सांसदों और विधायकों को खरीद रही है”, बल्कि अब उसने “आंदोलनों को खरीदना भी शुरू कर दिया है”।
महाराष्ट्र के 500 करोड़ रुपये के मामले की जानकारी अब तक आप तक पहुँच ही गई होगी। अब तक बीजेपी सांसदों, विधायकों, राजनीतिक दलों और चुनावों को खरीदती रही है। अब उसने आंदोलनों को भी खरीदना शुरू कर दिया है।
बीजेपी ने श्रीकांत शिंदे को पैसे दिए, ताकि मनोज जारांगे पाटिल को 500 करोड़ रुपये दिए जा सकें। यह पैसा कहाँ से आया? और क्या यह वास्तव में जारांगे तक पहुँचा या नहीं?” राउत ने अपनी पोस्ट में आगे कहा।
केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र में राउत ने लिखा, “पाटिल के खुलासों के अनुसार, यह सब महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले किया गया, ताकि उन्हें चुप कराया जा सके और मराठा आरक्षण के लिए चल रहे उनके आंदोलन को खत्म किया जा सके।
मनोज जारांगे पाटिल द्वारा एक ऑडियो क्लिप के रूप में किए गए ये खुलासे कई मायनों में बेहद गंभीर हैं। हालाँकि, सबसे चौंकाने वाली और गंभीर बात 500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम का शामिल होना है।”
Sanjay Raut ने कहा है कि इन गंभीर आरोपों की ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) के तहत जाँच होनी चाहिए। उन्होंने यह पता लगाने के लिए जाँच की माँग की है कि “बीजेपी की ओर से एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये किसने दिए” और यह पैसा कहाँ गया।
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PMLA के तहत जांच की मांग
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पैसा मनोज जारांगे पाटिल तक पहुँचा ही नहीं। “मैं आपसे पुरजोर आग्रह करता हूँ कि आप महाराष्ट्र पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) लागू करने का निर्देश दें, ताकि यह पता चल सके कि बीजेपी की ओर से एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये किसने दिए।
मनोज जारांगे पाटिल ने खुद इन आरोपों की उच्च-स्तरीय जाँच की माँग की है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने और मराठा समुदाय के आंदोलन को खत्म करने के लिए उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस साहब और शिंदे साहब को एक पूरी SIT टीम तैनात करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे (पीड़ित पक्ष) अकेले न पड़ जाएं; उनसे हमारी यही गुजारिश और मांग है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से भी आग्रह करना चाहते हैं।
मोदी साहब को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि 500 करोड़ रुपये से जुड़े इस मुद्दे को वे यूं ही खत्म नहीं होने देंगे और करीब एक महीने तक इस मामले पर कड़ी नजर रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि वे इस स्थिति पर ध्यान दें।
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