TMC-Congress मर्जर की अटकलों पर विराम, Kalyan Banerjee बोले- “कोई विलय नहीं होगा”

तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक अटकलों के बीच वरिष्ठ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी कांग्रेस में विलय नहीं करने जा रही है। उन्होंने ऐसी सभी खबरों को खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह गलत बताया।

दरअसल, हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी की कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी। इसके अलावा TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच भी लंबी बातचीत हुई थी। इन बैठकों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि TMC के कुछ असंतुष्ट सांसद कांग्रेस के साथ जाने या दोनों दलों के बीच किसी तरह के राजनीतिक विलय की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

हालांकि, कल्याण बनर्जी ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “हम कांग्रेस के साथ मर्जर नहीं कर रहे हैं। ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।”

बागी सांसदों पर भी बोले Kalyan Banerjee

TMC के भीतर चल रही असहमति और कुछ सांसदों के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने की संभावनाओं पर भी कल्याण बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो सांसद असंतुष्ट हैं, उन्हें जो करना है करने दें, लेकिन अंततः उन्हें भारतीय जनता पार्टी की शरण में जाना पड़ेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि कुछ सांसद अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास का मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि वे खुद अपने क्षेत्रों में सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने भाजपा पर टीएमसी नेताओं को परेशान करने और राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप भी लगाया।

उनके मुताबिक, पश्चिम बंगाल में विपक्ष को जिस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वैसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने दावा किया कि भाजपा उन सांसदों को भी स्वीकार नहीं करेगी, जिनके बारे में पार्टी छोड़ने की चर्चाएं चल रही हैं।

Kirti Azad ने भी TMC-Congress मर्जर की अटकलों का किया खंडन

इससे पहले TMC सांसद कीर्ति आज़ाद भी टीएमसी और कांग्रेस के बीच संभावित विलय की खबरों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि किसी भी तरह का मर्जर नहीं होने जा रहा है और यह केवल अफवाह है।

राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया से बातचीत करते हुए कीर्ति आज़ाद ने कहा, “कोई मर्जर नहीं होगा। यह पूरी तरह गलत खबर है। चुनाव गठबंधन के रूप में लड़ा जाएगा और गठबंधन बना रहेगा।”

उनके बयान से यह संकेत मिला कि टीएमसी और कांग्रेस इंडिया गठबंधन के तहत साथ काम कर सकती हैं, लेकिन दोनों दलों की स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बरकरार रहेगी।

Congress ने भी अफवाहों को बताया बेबुनियाद

कांग्रेस की ओर से भी इन खबरों का खंडन किया गया है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने टीएमसी और कांग्रेस के बीच संभावित विलय की अटकलों को “बेबुनियाद अफवाह” करार दिया।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच हुई हालिया मुलाकातें पूरी तरह सामान्य राजनीतिक बातचीत का हिस्सा थीं। इन बैठकों का उद्देश्य विपक्षी एकता को मजबूत करना और केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करना था।

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वेणुगोपाल ने कहा कि इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दल मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन बैठकों का किसी राजनीतिक विलय से कोई संबंध नहीं है।

सोमवार पर टिकी निगाहें

हालांकि टीएमसी और कांग्रेस दोनों ने विलय की खबरों को खारिज कर दिया है, लेकिन पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी असंतोष और बागी सांसदों की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सोमवार को कुछ असंतुष्ट सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं और अपनी नाराजगी दर्ज करा सकते हैं।

ऐसे में ममता बनर्जी की अगली राजनीतिक रणनीति और टीएमसी के भीतर उभर रहे मतभेदों पर आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।

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