12 हजार सैलरी में कैसे जिएगा मजदूर, Udit Raj ने सरकार पर खड़े किए बड़े सवाल

कांग्रेस कार्यालय, नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में कांग्रेस नेता Udit Raj ने मज़दूरों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हाल ही में नोएडा और हरियाणा के मानेसर में हुए मज़दूर आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में श्रमिकों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

मज़दूर आंदोलनों से उठे सवाल

Udit Raj ने कहा कि नोएडा में हुए हालिया प्रदर्शन और उससे पहले मानेसर में हुए आंदोलन इस बात का संकेत हैं कि मज़दूर वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उनके मुताबिक, पहले के समय में जब मज़दूर और ट्रेड यूनियन हड़ताल पर जाते थे, तो उसका व्यापक असर होता था और सरकारें उनकी मांगों पर बातचीत करने को मजबूर हो जाती थीं।

उन्होंने कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और मज़दूरों की आवाज़ को उतनी गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है।

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Udit Raj बोले लेबर कोड के नाम पर मज़दूरों का शोषण बढ़ा

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा बनाए गए श्रम कानून मज़दूरों की सुरक्षा और अधिकारों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए थे, लेकिन मौजूदा सरकार ने उन्हें खत्म कर चार नए लेबर कोड लागू किए हैं।

उनके अनुसार, इन लेबर कोड की आड़ में मज़दूरों का शोषण बढ़ा है और उन्हें पहले की तुलना में कम सुरक्षा मिल रही है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों का लाभ उद्योगपतियों को अधिक मिल रहा है, जबकि श्रमिक वर्ग की स्थिति कमजोर होती जा रही है।

कम वेतन और बढ़ती महंगाई की मार

Udit Raj ने बताया कि नोएडा में कई मज़दूरों को करीब 12 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है, जिसमें से आधी से अधिक राशि किराए में चली जाती है। शेष पैसे से उन्हें परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य जैसी जरूरी जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं।

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो सामने आया, जिसमें वह अपने बीमार बच्चे को दवा देने में अंतराल रख रही थी ताकि दवा ज्यादा समय तक चल सके। उदितराज ने सवाल उठाया कि क्या यही “अमृत काल” है, जिसकी बात सरकार करती है।

MGNREGA कमजोर और मजदूर मजबूर

कांग्रेस नेता ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस योजना के कमजोर होने से ग्रामीण मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा घट गई है और वे मजबूरी में कम वेतन वाली नौकरियों पर निर्भर हो गए हैं।

उनके मुताबिक, अगर मनरेगा मजबूत होता, तो मजदूरों को शहरों में इस तरह की कठिन परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नई योजनाएं लाने से पहले ही मनरेगा को कमजोर करना शुरू कर दिया था।

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Congress नेता का सरकार पर तीखा हमला

Udit Raj ने कहा कि हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने वेतन में कुछ बढ़ोतरी की है, जिसमें महंगाई भत्ता भी शामिल है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि मजदूरों के हितों को प्राथमिकता दी जाए और उनके लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि देश के विकास में मजदूरों की भूमिका अहम है और उनकी अनदेखी कर कोई भी आर्थिक प्रगति टिकाऊ नहीं हो सकती।

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