Gaurav Gogoi का बड़ा आरोप, कहा- BJP IT Cell ‘जहरीली मानसिकता’ का अड्डा बन गया है

रविवार को सांसद Gaurav Gogoi ने BJP IT सेल को “ज़हरीली मर्दानगी का अड्डा” (pit of toxic masculinity) बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ जंतर-मंतर जैसे जगहों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों में महिलाएँ सुरक्षित महसूस करती हैं, वहीं ऑनलाइन उन्हें “गंदी बातें” और धमकियाँ देकर निशाना बनाया जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में, लोकसभा में विपक्ष के उप-नेता ने कहा कि महिलाओं के लिए डिजिटल माहौल तेज़ी से दुश्मनी भरा होता जा रहा है और इसके लिए उन्होंने खास तौर पर BJP के IT सेल से जुड़े लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस नेता ने कहा, “लड़कियाँ डिजिटल स्पेस में असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सत्ताधारी पार्टी का समर्थन करने वाले लड़के और पुरुष रेप की धमकियाँ दे रहे हैं, वेश्यावृत्ति से जुड़ी भद्दी बातें कह रहे हैं और डॉक्सिंग (निजी जानकारी सार्वजनिक करना) कर रहे हैं। यही IT सेल है, जो ज़हरीली मर्दानगी का अड्डा है।”
विषय सूची
Gaurav Gogoi बोले- जंतर-मंतर पर युवतियों ने महसूस की सुरक्षा और सम्मान
विरोध प्रदर्शन स्थलों पर युवाओं के व्यवहार की तुलना ऑनलाइन ट्रोलर्स के व्यवहार से करते हुए गोगोई ने कहा, “जंतर-मंतर की खूबसूरती यह थी कि कई लड़कियों और युवतियों ने कहा कि वे भीड़ में सुरक्षित महसूस कर रही थीं।
कई ने कहा कि लड़कों और युवकों ने उनका समर्थन किया और कुछ हद तक उनकी रक्षा भी की। जंतर-मंतर पर मौजूद युवकों ने सहानुभूति, शक्ति और साहस दिखाया। यह सकारात्मक पुरुषत्व का एक उदाहरण है।”
Gaurav Gogoi ने ऑनलाइन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार में लिप्त व्यक्तियों को “नाम उजागर करने और शर्मिंदा करने” का आह्वान किया।उन्होंने जोर देकर कहा, “इस गंदगी के अपराधियों की पहचान की जानी चाहिए, उनके नाम उजागर किए जाने चाहिए और उन्हें शर्मिंदा किया जाना चाहिए।”
यह बात जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान नोएडा की एक लड़की द्वारा अपशब्द कहे जाने की घटना के बाद सामने आई है। इस घटना के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि लोगों को अपशब्दों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और जिन्होंने ऐसा किया, उन्हें वह “माफ़” करते हैं।
PM Modi आज करेंगे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत
Gaurav Gogoi ने ऑनलाइन उत्पीड़न और डॉक्सिंग के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता
हालाँकि, इस घटना के कारण लड़की की पहचान उजागर हो गई, जिससे उसे ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। कांग्रेस सांसद ने इस बात पर ज़ोर दिया कि डिजिटल स्पेस में लोगों को निशाना बनाकर परेशान करना—भले ही वे सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों में गलत व्यवहार करते हुए दिखे हों—डॉक्सिंग और जेंडर-बेस्ड (लिंग-आधारित) दुर्व्यवहार की खतरनाक सीमा को पार कर जाता है।
इससे पहले नोएडा पुलिस ने NEET पेपर लीक को लेकर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ FIR दर्ज की थी।
विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया और गुरुवार को संसद ने पेपर लीक को रोकने के लिए कानूनी ढांचे को मज़बूत करने के मकसद से ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित किया।
अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें











