UP Police ने किया एक भयावह अपराध का खुलासा
पुलिस उपायुक्त दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि बबलू ने अपनी मां रेशमा के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी।

कल रात 11 बजे कानपुर का अधिकांश हिस्सा सोने की तैयारी कर रहा था। लेकिन टिकवापुर गांव में UP Police और मजदूरों का एक समूह कड़ाके की ठंड में एक चौंकाने वाली खोज के लिए डटा हुआ था। गांव के टावर के पास जमीन जोतने में मजदूरों की मदद के लिए पुलिस वाहनों की हेडलाइट्स और उनके फोन की टॉर्च चालू थीं। जमीन से सात फीट नीचे एक कंकाल मिला। हड्डियों ने प्रेम, जुनून, नफरत और विश्वासघात की कहानी बयां की।
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ये कंकाल किसका है?
UP Police के अनुसार, ये कंकाल सात बच्चों की 45 वर्षीय मां रेशमा का है। आरोप है कि रेशमा की हत्या उसके प्रेमी गोरेलाल ने लगभग 10 महीने पहले की थी। उसका बेटा बबलू उसे ढूंढ रहा था और उसने गोरेलाल से पूछा।

गोरेलाल ने जवाब दिया, “तुम्हारी मां वापस नहीं लौट रही है।” बबलू को पहले लगा कि वह मजाक कर रहा है, लेकिन फिर गोरेलाल ने जवाब देने से बचना शुरू कर दिया। बबलू को शक हुआ और उसने 29 दिसंबर को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। अब गोरेलाल को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है।
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एक मृत्यु और एक प्रेम प्रसंग
रेशमा के पति रामबाबू सांखवार का तीन साल पहले निधन हो गया था। दंपति के चार बेटे और तीन बेटियां हैं। पति की मृत्यु के बाद, रेशमा ने अपने पड़ोसी गोरेलाल से संबंध स्थापित कर लिया। कुछ समय बाद ही, वह अपने बच्चों को छोड़कर गोरेलाल के साथ रहने लगी। उसके इस फैसले से दुखी होकर, रेशमा के बच्चों ने उससे सारे संबंध तोड़ लिए।
एक शादी, और बेटे की तलाश
बबलू का रेशमा से कोई संपर्क नहीं था, लेकिन उसने 29 नवंबर को परिवार में होने वाली एक शादी में रेशमा को निमंत्रण भेजा। रेशमा नहीं आई, जिससे बबलू को शक हुआ। वह गोरेलाल के घर गया और उससे रेशमा के बारे में पूछा। गोरेलाल ने जवाब दिया, “तुम्हारी माँ कभी वापस नहीं आएगी।” बबलू उससे पूछता रहा, लेकिन उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आखिरकार, उसने UP Police से संपर्क किया।
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एक दिल दहला देने वाला खुलासा
बबलू द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद, UP Police ने गोरेलाल को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की। आखिरकार, वह टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि पिछले साल अप्रैल में उसका और रेशमा का झगड़ा हुआ था। गोरेलाल रेशमा से छुटकारा पाना चाहता था और उसने उसे अपने रिश्तेदारों के साथ रहने के लिए कहा। रेशमा ने इनकार कर दिया, जिसके कारण उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। ऐसे ही एक झगड़े के दौरान, गोरेलाल ने रेशमा का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। दो दिनों तक उसने शव को घर में रखा और उसे ठिकाने लगाने के तरीके सोचता रहा।
शुरुआत में, उसने शव को नहर में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन कुछ दिनों में शव पानी की सतह पर तैरने लगेगा, इसलिए उसने यह विचार छोड़ दिया। फिर उसने गांव में एक सुनसान जगह पर शव को दफनाने का फैसला किया। पूछताछ के दौरान उसने उस जगह का पता बता दिया, जिससे शव बरामद हुआ। रेशमा की हड्डियों को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
UP Police का बयान
पुलिस उपायुक्त दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि बबलू ने अपनी मां रेशमा के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी और उसे शक था कि गोरे और दो अन्य लोगों ने उसकी हत्या की है। उन्होंने कहा, “पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की गई। गोरे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
उसने बताया कि रेशमा के पति की तीन साल पहले मौत हो गई थी और वह रेशमा का देवर था।” वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब गोरे ने कहा कि रेशमा “वापस नहीं लौटेगी”, तो उसके रिश्तेदारों को शक हुआ। उन्होंने कहा, “हमने कंकाल बरामद कर लिया है और उसके रिश्तेदारों ने उसके गहनों और कपड़ों से उसकी पहचान कर ली है। कंकाल को अब पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेज दिया गया है।”
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