Ram Mandir दान विवाद पर गरमाई राजनीति, VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्ष पर साधा निशाना

अयोध्या के Ram Mandir में दान राशि और वित्तीय लेन-देन को लेकर उठे विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए Ram Mandir दान विवाद का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा जांच को लेकर उठाए जा रहे सवालों का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि राजनीतिक माहौल बनाना है। उनके अनुसार, जिन दलों ने अतीत में भगवान राम और राम मंदिर आंदोलन का समर्थन नहीं किया, वे आज इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं।
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राजनीतिक दलों से जांच कराने के सुझाव पर सवाल
आलोक कुमार ने उन मांगों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें कुछ नेताओं ने मामले की जांच किसी सर्वदलीय समिति या राजनीतिक प्रतिनिधियों के जरिए कराने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक या वित्तीय मामले की जांच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि नहीं कर सकते। जांच केवल कानून के तहत नियुक्त निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ही की जानी चाहिए ताकि जनता को उसके निष्कर्षों पर भरोसा हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल ही जांचकर्ता बन जाएं, तो निष्पक्षता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
कांग्रेस और सपा पर Ram Mandir को लेकर हमला
VHP अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भगवान राम के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि Ram Mandir की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर कांग्रेस नेतृत्व को आमंत्रित किया गया था, लेकिन पार्टी ने सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
आलोक कुमार ने अयोध्या आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि Ram Mandir से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों का रिकॉर्ड जनता के सामने है।
उन्होंने दावा किया कि आज वही दल Ram Mandir और दान से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जिन्होंने पहले इस आंदोलन का विरोध किया था।
2027 चुनावों को लेकर विपक्ष पर आरोप
आलोक कुमार ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही हैं और इसी वजह से Ram Mandir विवाद को चुनावी मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “जनता न तो भ्रष्टाचार को स्वीकार करेगी और न ही भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों को माफ करेगी।”
उनका आरोप था कि विपक्ष का उद्देश्य धार्मिक आस्था से जुड़े विषय को राजनीतिक बहस में बदलना है ताकि चुनावी लाभ हासिल किया जा सके।
अखिलेश यादव को SIT के सामने पेश होने की सलाह
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आलोक कुमार ने कहा कि यदि उनके पास दान राशि में कथित गड़बड़ी से जुड़े ठोस सबूत हैं, तो उन्हें विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाने से सच्चाई सामने नहीं आएगी। यदि कोई सबूत मौजूद हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों को सौंपा जाना चाहिए।
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आलोक कुमार ने यह भी कहा कि अगर आरोप लगाने वाले नेता जांच में सहयोग नहीं करते, तो जनता उनके दावों को गंभीरता से नहीं लेगी।
सरकार ने बनाई है तीन सदस्यीय SIT
गौरतलब है कि 14 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और वित्तीय मामलों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
इस समिति में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। समिति को जल्द से जल्द अपनी प्रारंभिक और अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने SIT के गठन पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा था कि प्रदेश में रोजगार और विकास के मुद्दों पर काम करने के बजाय लगातार जांच समितियां बनाई जा रही हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप भी लगाया।
जांच रिपोर्ट पर टिकीं निगाहें
Ram Mandir देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया है।
अब सभी की निगाहें SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितना दम है और विवाद की वास्तविक तस्वीर क्या है।
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