Yogi Adityanath ने Kalyan Singh की जयंती पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सोमवार को लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित Kalyan Singh की जयंती पर हृदयस्पर्शी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजस्थान के पूर्व राज्यपाल, परम रामभक्त और भाजपा के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ के चित्र पर पुष्प अर्पित कर योगी ने कहा कि बाबूजी का कार्यकाल सुशासन, विकास और राष्ट्रवादी मिशन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा। “उन्होंने अपने नाम को उत्तर प्रदेश के कल्याण से सार्थक किया। उनकी पावन स्मृतियों को नमन!” योगी ने भावुक स्वर में कहा।

कार्यक्रम भाजपा मुख्यालय में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और Kalyan Singh के परिवारजन उपस्थित रहे। योगी ने बाबूजी की विरासत को याद करते हुए कहा कि वे गरीबों, किसानों के मसीहा थे। उनके शासनकाल में कानून व्यवस्था लोहे की दीवार जैसी मजबूत हुई, जो आज भी प्रेरणा स्रोत है।

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राम मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका

Yogi paid tribute to Kalyan Singh

योगी ने Kalyan Singh के राम मंदिर आंदोलन में योगदान को रेखांकित किया। 1991 में बाबूजी के मुख्यमंत्री बनते ही अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला आया। “बाबूजी ने राम मंदिर के लिए त्याग किया। उनके नेतृत्व में भाजपा उत्तर प्रदेश में मजबूत हुई। आज भव्य राम मंदिर बाबूजी को सच्ची श्रद्धांजलि है,” योगी ने कहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बाबूजी के आदर्शों—निष्ठा, त्याग और सेवा—पर चलने का आह्वान किया।

Kalyan Singh का विकसित यूपी का सपना साकार

Yogi paid tribute to Kalyan Singh

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह का सपना विकसित उत्तर प्रदेश का था, जिसे वर्तमान सरकार पूरा कर रही है। जीएसटी संग्रह में नंबर वन, निवेशक सम्मेलनों से अरबों का निवेश, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स—ये सब बाबूजी के विजन का विस्तार हैं। “बाबूजी ने ‘कल्याण सिंह मॉडल’ दिया, जहां गरीब को न्याय और अपराधी को सजा मिलती है,” योगी ने जोर दिया। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को बाबूजी की कट्टर कानून व्यवस्था से जोड़ा।

Kalyan Singh की राजनीतिक यात्रा और विरासत

कल्याण सिंह का जन्म 1933 में अज़मगढ़ में हुआ। वे 1991, 1997 और 2002 में यूपी के मुख्यमंत्री बने। 2014-2019 तक राजस्थान गवर्नर रहे। रामभक्त छवि और किसान नेता के रूप में प्रसिद्ध। 2021 में निधन। पद्म विभूषण से सम्मानित। योगी ने कहा, “बाबूजी सादगी के प्रतीक थे। उनका जीवन राष्ट्रसेवा का उदाहरण है।”

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य ने भी श्रद्धांजलि दी। पाठक ने कहा, “बाबूजी ने भाजपा को यूपी की धुरी बनाया।” मौर्य ने कल्याण सिंह को ‘शेर’ कहा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने वीडियो संदेश भेजा।

यूपी में हुआ राज्यव्यापी आयोजन

Yogi paid tribute to Kalyan Singh

प्रदेश भर में भाजपा ने जयंती मनाई। अयोध्या में राम मंदिर में विशेष पूजा। गोरखपुर में योगी के सांसद प्रतिनिधि ने कार्यक्रम किया। कार्यकर्ताओं ने रक्तदान शिविर लगाए। योगी ने ट्वीट कर कहा, “बाबूजी की जयंती प्रेरणा का स्रोत। यूपी बाबूजी के विजन से आगे बढ़ रहा।”

योगी ने समापन में कहा, “बाबूजी अमर हैं। उनका कल्याणकारी शासन यूपी की पहचान बनेगा।” यह आयोजन भाजपा के लिए भावनात्मक और राजनीतिक ऊर्जा का केंद्र रहा। आने वाले उपचुनावों में बाबूजी का नाम गूंजेगा।

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