PM Modi ने वर्ष 2026 के पहले मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र, मतदाता जागरूकता, स्वदेशी गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता जैसे अहम विषयों पर विस्तार से विचार रखे। यह एपिसोड नेशनल वोटर्स डे के अवसर पर प्रसारित हुआ, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।
वोटर होना गर्व और जिम्मेदारी: PM Modi
PM Modi ने अपने संबोधन में कहा कि वोटर बनना जश्न का अवसर होना चाहिए, क्योंकि मतदाता होना केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब हर नागरिक मतदान के महत्व को समझे और सक्रिय रूप से इसमें भाग ले। प्रधानमंत्री ने 2026 को लोकतांत्रिक चेतना और गुणवत्ता के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
2026 को बनाएं ‘क्वालिटी का वर्ष’
PM Modi ने कहा कि आने वाला समय गुणवत्ता का होगा। उन्होंने उद्योग, सेवा और शासन—हर क्षेत्र में ‘ज़ीरो डिफेक्ट, ज़ीरो इफेक्ट’ के सिद्धांत पर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि मेड इन इंडिया का मतलब सिर्फ देश में बना उत्पाद नहीं, बल्कि ऐसा उत्पाद जो वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता का प्रतीक बने।
तमसा नदी पुनरुद्धार: जनभागीदारी की मिसाल
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से निकलने वाली तमसा नदी के पुनरुद्धार का विशेष उल्लेख किया गया। PM Modi ने कहा कि स्थानीय लोगों की सामूहिक भागीदारी से न सिर्फ एक नदी को नया जीवन मिला, बल्कि उससे जुड़ी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत भी पुनर्जीवित हुई। उन्होंने इसे जनशक्ति की असाधारण ताकत का उदाहरण बताया।
जल संरक्षण और पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास
PM Modi ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में जल निकायों के संरक्षण के प्रयासों की भी सराहना की। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश और असम में युवाओं द्वारा स्वच्छता, रीसाइक्लिंग और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ जैसे अभियानों में दिखाई जा रही सक्रियता को प्रेरणादायक बताया। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के बेनॉय दास द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए वृक्षारोपण को उन्होंने छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की मिसाल कहा।
युवा शक्ति और सांस्कृतिक चेतना
प्रPM Modi ने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज की Gen-Z भजन क्लबिंग जैसे नए प्रयोगों के जरिए आध्यात्मिकता और आधुनिकता को जोड़ रही है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति के प्रति युवाओं की गहरी रुचि और नवाचार का प्रतीक बताया।
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विदेशों में भारतीय संस्कृति की गूंज
मन की बात में प्रधानमंत्री ने मलेशिया में भारतीय समुदाय के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किस तरह वहां भारतीय भाषाओं का शिक्षण, हेरिटेज वॉक, पारंपरिक वस्त्र और संगीत के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा रहा है।
नशामुक्ति और समाज सेवा की पहल
प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के शेखगुंड में ड्रग्स, तंबाकू और शराब जैसी बुराइयों के खिलाफ चलाए जा रहे सामूहिक अभियानों की सराहना की। साथ ही पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर स्थित विवेकानंद लोकशिक्षा निकेतन जैसे संगठनों के दशकों से चले आ रहे निस्वार्थ सेवा कार्यों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
वन संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार के प्रयासों का उल्लेख किया, जिन्होंने जंगलों के औषधीय पौधों से जुड़े ज्ञान को संरक्षित करने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया है। इस विषय पर उनकी पुस्तक आज शोधकर्ताओं और वन विभाग के लिए उपयोगी साबित हो रही है।
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