SIR विवाद पर Youth Congress का मार्च, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

शुक्रवार को इंडियन यूथ Congress (IYC) ने देश की राजधानी में रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। कई राज्यों में चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गया है।
यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) को संभालने के तरीक़े के ख़िलाफ़ कांग्रेस के देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा था।
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यहाँ इंडियन यूथ Congress के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा, “हम आगे बढ़ेंगे और बढ़ते ही रहेंगे; हमें कोई रोक नहीं सकता। यह ज्ञानेश, देश का गद्दार! धोखा देने के बाद उसे लगता है कि वह बच जाएगा—वह बच नहीं पाएगा।
तिहाड़ जेल का उसका रास्ता तय है। ज्ञानेश, खेल खत्म, भाई! तुम बच नहीं सकते। और अगर ग़लती से भी तुमने देश छोड़ने की कोशिश की, तो यूथ Congress के सदस्य हर एयरपोर्ट पर खड़े हैं।
अगर हमने तुम्हें देश से भागने की कोशिश करते हुए देखा, तो तुम्हें वहीं पकड़ लिया जाएगा, ज्ञानेश। तुम बच नहीं सकते। तुम्हारा जेल जाना तय है।” उन्होंने आगे कहा, “आपने 1.4 अरब देशवासियों से वोट देने का उनका अधिकार छीन लिया है।
हम आपको बख्शेंगे नहीं। यह लड़ाई सिर्फ़ Congress की नहीं है; यह देश के हर नागरिक की लड़ाई है। और जब तक यह ज्ञानेश जेल नहीं जाता, जब तक उसे हथकड़ी नहीं लगती, हम पीछे नहीं हटेंगे।
इस ज्ञानेश को जेल जाना ही होगा। अमित शाह और मोदी का मोहरा बना यह गद्दार बच नहीं सकता। उन्हें सत्ता में बनाए रखने के लिए उसने देश और उसके लोकतंत्र को बर्बाद करने की कोशिश की। वह बच नहीं सकता। ज्ञानेश जेल जाएगा। हम इस ज्ञानेश को नहीं छोड़ेंगे।”
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पटना में कांग्रेस का प्रदर्शन
बिहार के पटना में, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे और उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे Congress कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पंजाब में भी ऐसे ही नज़ारे देखने को मिले, जहाँ चंडीगढ़ में Congress कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वैन पर चढ़ गए।
Congress कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर समेत कई अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन किए। हिमाचल प्रदेश के शिमला में, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से जुड़े मौजूदा मुद्दों को लेकर राज्य चुनाव आयोग के दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने राज्य चुनाव आयोग के दफ़्तर के बाहर लगे आधिकारिक बोर्ड पर कालिख पोत दी। उत्तराखंड के देहरादून में, राज्य प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सचिवालय स्थित चुनाव कार्यालय की ओर मार्च किया।
मणिपुर में, PCC अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह और कांग्रेस विधायक दल के नेता केइशम मेघचंद्र सिंह की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लैम्फेलपट स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर मार्च किया।
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प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारियों ने कुमार की गिरफ्तारी और उन पर मुकदमा चलाने की मांग की और CEC का पुतला फूंका। बाद में प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ गया और प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई, जिसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
जम्मू में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि श्रीनगर में Congress विधायकों ने विधानसभा के अंदर विरोध प्रदर्शन किया और कुमार के इस्तीफे की मांग वाले बैनर दिखाए। लखनऊ, गुवाहाटी और कोलकाता में भी प्रदर्शन हुए।
ये विरोध प्रदर्शन SIR प्रक्रिया को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच हो रहे हैं। यह विवाद ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान मतदाता सूची और डेटाबेस एक्सेस से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं।
चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को ‘संस्थागत असहमति’ मानने से इनकार कर दिया है। आयोग का कहना है कि कामकाज से जुड़े सवाल, आंतरिक फीडबैक और प्रशासनिक सुझाव एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा हैं। ECI का कहना है कि SIR से जुड़े सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
Congress ने यह भी संकेत दिया है कि विपक्षी दल संसद में कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकते हैं। उम्मीद है कि 29 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया जाएगा।
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