Bengal Politics में बड़ा ट्विस्ट! AIMIM ने तोड़ा Humayun Kabir से गठबंधन

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम मोड़ तब आया जब Asaduddin Owaisi की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने Humayun Kabir की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अब वह आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
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AIMIM ने क्यों छोड़ा हुमायूं कबीर का साथ?
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हुमायूं कबीर के हालिया खुलासों और बयानों के बाद यह फैसला लिया गया है। पार्टी का कहना है कि कबीर के कुछ बयान ऐसे थे, जिनसे बंगाल के मुसलमानों की छवि और उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े होते हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने साफ किया कि वह ऐसे किसी भी बयान या विचारधारा के साथ खुद को नहीं जोड़ सकती, जो किसी समुदाय की साख को नुकसान पहुंचाए।
पार्टी ने कहा कि यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है और अब से दोनों दलों के बीच कोई राजनीतिक संबंध नहीं रहेगा।
मुसलमानों की छवि पर सवाल बर्दाश्त नहीं
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने अपने बयान में पश्चिम बंगाल के मुसलमानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। पार्टी के अनुसार, राज्य में मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और दबे-कुचले समुदायों में से एक हैं।
Bengal चुनाव से पहले AIMIM-AJUP गठबंधन का ऐलान, Asaduddin Owaisi का बड़ा बयान
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि दशकों से चले आ रहे तथाकथित “सेक्युलर शासन” के बावजूद इस समुदाय के लिए ठोस काम नहीं किया गया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का कहना है कि केवल वोट बैंक की राजनीति के जरिए मुसलमानों को इस्तेमाल किया गया, लेकिन उनके वास्तविक विकास पर ध्यान नहीं दिया गया।
AIMIM का बड़ा ऐलान – अब बिना गठबंधन के बंगाल चुनाव में उतरेगी पार्टी
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने स्पष्ट किया कि उसकी नीति हमेशा से हाशिए पर पड़े समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज़ देना रही है। पार्टी का मानना है कि गठबंधन की राजनीति कई बार इन समुदायों की वास्तविक आवाज़ को दबा देती है।
इसी वजह से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने यह निर्णय लिया है कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। पार्टी ने कहा कि वह अपने एजेंडे और विचारधारा के साथ सीधे जनता के बीच जाएगी और समर्थन हासिल करने की कोशिश करेगी।
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