अयोध्या Ram Mandir डोनेशन में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जैसे-जैसे मामले की नई परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे उसे दबाने की कोशिशें भी तेज हो सकती हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में लिखा, “एक और परत उधड़ी है। अगर BJP सदस्यों और उनके साथियों के ‘महापापों’ की परतें इसी तरह खुलती रहीं, तो जांच के बजाय ढंकने का काम और भी तेजी से शुरू हो जाएगा।”
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Akhilesh Yadav द्वारा लगाए नए आरोपों से बढ़ा विवाद
समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav की यह प्रतिक्रिया उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें Ram Mandir डोनेशन से जुड़े नए कथित खुलासों का दावा किया गया है। आरोप लगाने वाले एक समूह का कहना है कि उनके द्वारा दिए गए Ram Mandir दान का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है और कुछ फंड कथित तौर पर गायब हैं।
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हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
अवधेश प्रसाद ने की सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की मांग
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल चोरी या गबन का मामला नहीं, बल्कि देश की आस्था से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने कहा, “यह बहुत बड़ी डकैती है। इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। केवल SIT बनाना पर्याप्त नहीं है। 15 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई FIR दर्ज नहीं हुई है।”
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और निष्पक्ष जांच से बच रही है।
सरकार का जवाब: SIT कर रही जांच
विपक्ष के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “SIT जांच कर रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार और न्यायपालिका दोनों इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।”
राजभर ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
इस बीच विवाद ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं ने FIR दर्ज करने और CBI के तहत विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। साथ ही ट्रस्ट और राज्य सरकार को डोनेशन रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, बैंक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और अन्य वित्तीय दस्तावेज सुरक्षित रखने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
Ram Mandir के सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका का दावा
याचिका में यह भी कहा गया है कि जांच में देरी होने पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की आशंका बढ़ सकती है। इसी वजह से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान SIT जांच का दायरा पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय की निगरानी जरूरी है।
राजनीतिक और कानूनी नजरें जांच पर
Ram Mandir डोनेशन विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानूनी जांच का विषय बन गया है। एक ओर विपक्ष पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट और SIT की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि आरोपों में कितना दम है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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