NEET विवाद पर Sachin Pilot का हमला, बोले- जिम्मेदारी तय करने के बजाय मामला दबा रही है सरकार

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और AICC के महासचिव Sachin Pilot ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों पर जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में Sachin Pilot ने कहा कि लाखों छात्र हर साल NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल होते हैं और इसके लिए परिवारों को भारी आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है। इसके बावजूद बार-बार पेपर लीक, परीक्षा प्रबंधन में खामियां और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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Sachin Pilot ने कहा कि परीक्षा प्रणाली पर लगातार सवाल खड़े होने से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों और प्रस्तुत किए गए तथ्यों से भाजपा सरकार असहज हो गई है। उनके अनुसार सरकार को निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन इसके बजाय पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

Sachin Pilot ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

सचिन पायलट ने कहा कि केवल NEET ही नहीं, बल्कि CBSE समेत अन्य प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं को लेकर भी समय-समय पर गंभीर शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में निजी संस्थानों की भूमिका और उनकी जवाबदेही पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर निर्भर करता है। यदि परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठते रहेंगे तो इसका सीधा असर छात्रों के मनोबल और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।

“स्टूडेंट्स की गूंज” कार्यक्रम का जिक्र

Sachin Pilot ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित “स्टूडेंट्स की गूंज” कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान के कोटा में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया और परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग रखी।

उनका कहना था कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनना और उनके सुझावों को नीति निर्माण में शामिल करना समय की मांग है।

पचाना डैम विवाद पर भी सरकार को घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Sachin Pilot ने राजस्थान के पचाना डैम विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और सभी संबंधित पक्षों के बीच संवाद स्थापित करना चाहिए।

पायलट ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही किसी भी प्रकार के सामाजिक, जातीय या क्षेत्रीय तनाव को रोकने के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

RPSC भर्ती प्रक्रिया पर सवाल

कांग्रेस नेता ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। पायलट का मानना है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के दबाव या पक्षपात की आशंका समाप्त हो सके।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भर्ती घोटालों में जिन प्रभावशाली लोगों की भूमिका की चर्चा होती रही है, उनके खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

दलबदल की राजनीति पर BJP पर आरोप

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के कथित बागी रुख और संभावित राजनीतिक बदलाव की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन पायलट ने भाजपा पर विपक्षी दलों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए अन्य दलों में टूट पैदा करने की रणनीति अपना रही है।

Sachin Pilot ने दावा किया कि भाजपा संसद में अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुरूप संख्या बल बढ़ाना चाहती है ताकि महत्वपूर्ण विधेयकों को आसानी से पारित कराया जा सके। उनके इस बयान के बाद दलबदल, विपक्षी एकता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

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