उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने हरियाणा के कैथल जिले के सोंगल गांव में आयोजित पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम “आठ मान भंडारा” में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने नाथ संप्रदाय की परंपराओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और संत बाबा शेरनाथ को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, स्थानीय श्रद्धालु और विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग मौजूद रहे।
Yogi Adityanath ने नाथ परंपरा को बताया भारत की आध्यात्मिक विरासत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि नाथ संप्रदाय भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा ने सदियों से समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने का काम किया है और लोगों में सेवा, त्याग और समर्पण की भावना को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत परंपराओं ने हमेशा समाज को सकारात्मक दिशा देने और लोगों को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल आस्था का विषय नहीं होते, बल्कि यह समाज में भाईचारे, एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।
Yogi Adityanath ने संत बाबा शेरनाथ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संत समाज का जीवन त्याग, तपस्या और सेवा का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि संतों की परंपरा ने भारतीय समाज को हमेशा मार्गदर्शन दिया है और आने वाली पीढ़ियों को भी इससे प्रेरणा मिलती रहेगी।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जनता पहले ही चुनावों में बाहर का रास्ता दिखा चुकी है, वे अब अफवाहों का सहारा लेकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब विपक्षी दल जनता के बीच सीधा मुकाबला नहीं कर पाते, तो वे भ्रम और अफवाह फैलाकर माहौल बनाने का प्रयास करते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता अब इन तरीकों को समझ चुकी है और अफवाह फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता अब पहले से कहीं अधिक जागरूक हो गई है। उन्होंने कहा कि लोग विकास, सुशासन और स्थिरता की राजनीति को ही समर्थन दे रहे हैं।
सनातन विरोधी ताकतों पर भी टिप्पणी
Yogi Adityanath ने अपने भाषण में कहा कि कुछ लोग सनातन परंपराओं के खिलाफ आचरण करते हुए देश को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन विरोधी सोच के साथ भारत की एकता और संस्कृति को कमजोर करना चाहते हैं, उन्हें देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत में निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, तब वह किसी भी चुनौती का सामना मजबूती से कर सकता है।
विकास और जागरूक जनता पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज देश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में विकास परियोजनाओं के जरिए लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता अब यह समझ चुकी है कि कौन विकास की राजनीति कर रहा है और कौन केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में देश और प्रदेश की जनता विकास और स्थिरता के साथ खड़ी रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में योगी आदित्यनाथ ने सभी श्रद्धालुओं और संतों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराएं देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने लोगों से इन परंपराओं को आगे बढ़ाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का आह्वान किया।
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