Bengal चुनाव में बढ़ा तनाव: BJP बोली—TMC ‘ट्रिपल D’ से बना रही माहौल

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता Shehzad Poonawalla ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी अपनी संभावित हार को छिपाने के लिए “ट्रिपल D” यानी धमकाना-डराना, ड्रामा और ध्यान भटकाने की रणनीति अपना रही है।

“ट्रिपल D” फॉर्मूले पर BJP का हमला

पूनावाला ने कहा कि चुनाव के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाताओं को डराने और माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उनके अनुसार, यह रणनीति इसलिए अपनाई जा रही है ताकि संभावित हार के लिए पहले से माहौल तैयार किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि लोकतंत्र में ऐसी राजनीति ज्यादा देर तक नहीं टिकती और जनता सब समझ रही है।

वोटिंग के बाद भी जारी तनाव

साउथ 24 परगना जिले के फाल्टा इलाके में विरोध प्रदर्शन ने इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ टीएमसी समर्थकों ने उन्हें धमकाया और डर का माहौल बनाने की कोशिश की। कई महिलाओं ने सामने आकर सुरक्षा की मांग की और आरोप लगाया कि उन्हें हिंसा की धमकी दी गई।

Bengal elections में काउंटिंग नियमों पर विवाद, TMC सुप्रीम कोर्ट पहुंची; BJP ने साधा निशाना

सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। CRPF और RAF के जवानों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं और शांति बनाए रखना प्राथमिकता है।

EVM स्ट्रॉन्ग रूम विवाद से बढ़ी सियासत

इस बीच, ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर भी विवाद सामने आया है। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि पोस्टल बैलेट कवर की बिना अनुमति छंटाई की गई। इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।

4 राज्यों में जीत को लेकर Shehzad Poonawalla का बड़ा दावा

चुनाव आयोग पर सबकी नजर

चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बेहद गर्म है। भाजपा जहां बदलाव का दावा कर रही है, वहीं टीएमसी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। अब सभी की नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर है, जो यह तय करेगी कि राज्य की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।

अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

आगे पढ़ें

संबंधित आलेख

Back to top button