भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके परिवार से जुड़े एक ट्रस्ट पर बड़ा आरोप लगाते हुए कर्नाटक में कथित जमीन घोटाले का मामला उठाया है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि खड़गे परिवार से जुड़े सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन हासिल की।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भंडारी ने कहा कि यह सिर्फ एक मामला नहीं है, बल्कि ट्रस्ट के माध्यम से कई कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खड़गे, उनके बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे, उनकी पत्नी और अन्य पारिवारिक सदस्य शामिल हैं।
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100 करोड़ की जमीन आवंटन पर सवाल
BJP का आरोप है कि वर्ष 2024 में कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड (KIADB) ने एयरोस्पेस और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के उद्देश्य से निर्धारित पांच एकड़ जमीन सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को आवंटित कर दी।
स्टूडेंट्स पर पॉलिटिक्स?” BJP का Congress पर बड़ा वार
भंडारी ने दावा किया कि इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ट्रस्ट का एयरोस्पेस या औद्योगिक क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है, तो उसे यह जमीन किस आधार पर दी गई।
उनका आरोप है कि आवंटन के बाद भी जमीन पर कोई रिसर्च या डेवलपमेंट गतिविधि नहीं हुई और राजनीतिक प्रभाव के दम पर यह लाभ हासिल किया गया।
गांधी-वाड्रा मॉडल जैसा तरीका अपनाने का आरोप
प्रदीप भंडारी ने अपने आरोपों को और आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह मामला कथित तौर पर उन पुराने आरोपों जैसा है जो पहले गांधी-वाड्रा परिवार पर लगते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले प्रभाव का इस्तेमाल कर जमीन से जुड़े लाभ लेने के आरोप लगाए जाते रहे हैं, उसी तरह का मॉडल खड़गे परिवार ने भी अपनाया है। BJP ने दावा किया कि यह मामला भ्रष्टाचार निवारण कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत जांच का विषय बन सकता है।
Congress के आरोपों के बाद BJP का पलटवार
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस लगातार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर उज्जैन में कथित जमीन खरीद को लेकर सवाल उठा रही है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने हाल ही में आरोप लगाया था कि मोहन यादव के परिवार ने उज्जैन मास्टर प्लान 2035 और सिंहस्थ कुंभ से जुड़े क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी है। कांग्रेस का दावा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार से जुड़े लोगों ने 168 एकड़ जमीन खरीदी, जिसमें से 111 एकड़ उस इलाके में स्थित है जहां भविष्य में सिंहस्थ कुंभ से जुड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
सियासी घमासान तेज
BJP ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस दूसरे राज्यों में भ्रष्टाचार और जमीन खरीद के मामलों पर सवाल उठाती है, लेकिन अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर जवाब देने से बचती है।
दूसरी ओर कांग्रेस पहले ही BJP पर राजनीतिक बदले की भावना से आरोप लगाने का आरोप लगाती रही है। हालांकि, इस मामले में खड़गे परिवार या कांग्रेस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
जांच और जवाबदेही पर बढ़ी बहस
कर्नाटक से लेकर मध्य प्रदेश तक जमीन खरीद और कथित हितों के टकराव के मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। एक तरफ BJP खड़गे परिवार के ट्रस्ट पर कार्रवाई की मांग कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े जमीन खरीद मामलों की जांच की मांग उठा रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा विवाद बन सकता है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार और प्रभाव के दुरुपयोग के आरोप लगा रहे हैं।
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