Election Commission पर भरोसे का संकट: लोकतंत्र के सामने गंभीर खतरा

भारत का लोकतंत्र हमेशा से चुनौतियों से जूझता रहा है, लेकिन चुनाव आयोग की निष्पक्षता ही उसकी असली गारंटी रही है। यदि आयोग ही पक्षपात और अपारदर्शिता से ग्रस्त दिखे, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था का भविष्य गहरे संकट में है।

भारत के मुख्य Election Commission ज्ञानेश कुमार की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस ने देश में बहस छेड़ दी है। विपक्ष की “वोट चोरी” संबंधी शिकायतों को नज़रअंदाज़ करने और अहंकारी लहजे में जवाब देने से चुनाव आयोग की साख पर गंभीर सवाल उठे हैं।

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