बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) के पूर्व आयुक्त जीटी दिनेश कुमार को बड़े पैमाने पर अवैध भूमि आवंटन घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मामले से संबंधित बेंगलुरु स्थित उनके दो आवासीय परिसरों की तलाशी के बाद हुई है।
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ईडी का आरोप है कि एमयूडीए आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, कुमार रिश्वत और अन्य लाभों के बदले एमयूडीए की भूमि के अवैध आवंटन में शामिल थे। जांचकर्ताओं ने धन शोधन गतिविधियों में उनकी सक्रिय संलिप्तता का भी खुलासा किया।
ED की कानूनी कार्यवाही और हिरासत
दिनेश कुमार को ED ने पूछताछ के लिए बुलाया था और सुबह से शाम तक चली पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्हें बेंगलुरु में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ एजेंसी ने आगे की जाँच के लिए उनकी हिरासत मांगी। गिरफ्तारी से पहले, ईडी ने चल रही जाँच के तहत कुमार की कई संपत्तियों को कुर्क किया था।
व्यापक संदर्भ और संबंधित जाँच
MUDA भूमि आवंटन घोटाले की जाँच कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ी है, जिसमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनके परिवार के सदस्यों और भूमि भूखंडों से संबंधित कथित अनियमितताओं में शामिल अन्य प्रमुख व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। ED की जाँच जारी है क्योंकि एजेंसी अवैध भूमि आवंटन और घोटाले से जुड़े वित्तीय अपराधों की गहराई से जाँच कर रही है।
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