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Farmers Protest: किसानों का ऐलान, अडानी और अंबानी के सभी उत्पादों का बहिष्कार करेंगे

किसानों के इस महा आंदोलन (Farmers Protest) में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (Sharad Pawar) ने भी शिरकत की।

Farmers Protest: Announcement of farmers in Mumbai to boycott all products of Adani and Ambani
मुंबई में किसानों का ऐलान, अडानी और अंबानी के सभी उत्पादों का बहिष्कार करेंगे

Mumbai: किसान महासभा के नेतृत्व में मुंबई के आजाद मैदान (Azad Maidan) में हो रहे किसान आंदोलन (Farmers Protest) में किसान नेता अशोक ढवले ने केंद्र सरकार (Modi Government) को जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अडानी (Adani) और अंबानी (Ambani) को फायदा पहुंचाने के लिए यह तीन काले कानून (Farm Laws) लेकर आई है। लेकिन देश का किसान ऐसा होने नहीं देगा। उन्होंने महाराष्ट्र (Maharashtra) और देश के सभी किसानों से यह अपील की है कि वे अंबानी और अडानी की कंपनियों द्वारा बनाए गए सभी उत्पादों का बहिष्कार करें। ताकि उन्हें किसान एकता का पता चल सके। और सरकार यह तीनों किसान विरोधी कानून रद्द करने पर मजबूर हो जाए।

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पुलिस (Mumbai police) के साथ मुंबई के मेट्रो सिनेमा (Metro Cinema) के पास एक घंटे से ज्यादा चली नोकझोंक के बाद किसान नेताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshyari) को दिया जाने वाला ज्ञापन महाविकास अघाड़ी (Mahavikas Aghadi Government) नेताओं की मौजूदगी में फाड़ दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि वह अब राज्यपाल से मिलने नहीं जाएंगे। सब कुछ जानते हुए भी कोश्यारी गोवा मजा करने चले गए हैं अब सीधे राष्ट्रपति (President) को ज्ञापन दिया जाएगा। 

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किसान नेता अशोक ढवले इतने गुस्से में थे कि उन्होंने कहा कि कोश्यारी तुम्हारी होशियारी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने महाराष्ट्र के किसानों का अपमान किया है। जब उन्हें पता था कि महाराष्ट्र के दूर-दराज के इलाकों से किसान पैदल चलकर मुंबई आ रहे हैं और उन्होंने खुद मिलने के लिए समय दिया था। ऐसे में वे गोवा क्यों चले गए।

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किसानों के इस महा आंदोलन (Farmers Protest) में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (Sharad Pawar) ने भी शिरकत की उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को ऐसा राज्यपाल कभी नहीं मिला है। जिसके पास कंगना से मिलने का वक्त है लेकिन किसानों से मिलने के लिए वक्त नहीं है। केंद्र सरकार ने यह कानून (Farm Laws) बनाकर डॉ. बाबा साहब आंबेडकर का भी अपमान किया है। संसद की प्रतिष्ठा का ख्याल ना रखते हुए इसे लाया गया है। अब किसानों का कहना है कि सरकार कानून वापस ले या ना ले लेकिन किसान इस सरकार और कानून दोनों को उखाड़ फेंकेगी। जिसकी शुरुआत हो चुकी है।

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