नई दिल्ली: भारत में Online Money Gaming पर हालिया प्रतिबंध ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है और देश के डिजिटल निवेश पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक असर डाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि fantasy sports, poker, rummy और अन्य real money गेम्स पर सख्त नियम और राज्य-स्तरीय बैन से निवेशकों का भरोसा कम हुआ है।
केंद्रीय और राज्य सरकारें गेमिंग को कौशल आधारित और जुआ/सट्टेबाज़ी आधारित श्रेणियों में बाँटने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बार-बार बदलती नीति और उच्च GST दरों ने स्टार्टअप्स और विदेशी निवेशकों के लिए अस्थिर माहौल पैदा किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में नए निवेश धीमे हुए हैं, जबकि छोटे स्टार्टअप्स को अपने संचालन और वैल्यूएशन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, गेम डेवलपमेंट, एनिमेशन, एड-टेक और पेमेंट गेटवे जैसे सहायक क्षेत्रों में भी नवाचार पर असर पड़ा है।
Online Money Gaming पर प्रतिबंध का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, जुआ और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी चिंताओं को नियंत्रित करना है, लेकिन निवेशकों का मानना है कि स्पष्ट नियम, नियंत्रित वैधता और स्थिर टैक्स नीति के बिना भारत का डिजिटल गेमिंग इकोसिस्टम आकर्षक नहीं रह पाएगा।
विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं कि skill-based गेम्स को प्रोत्साहित करने और निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए Gaming Commission जैसी केंद्रीय नियामक संस्था का गठन और प्रभावी निगरानी तंत्र जरूरी है।
इस प्रतिबंध से स्पष्ट हुआ है कि नीति अस्थिरता और कड़े नियम निवेशकों के भरोसे पर सीधा असर डालते हैं और भारत के डिजिटल निवेश माहौल की विश्वसनीयता चुनौती में पड़ सकती है।
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