Yoga Day 2025: भारत की पहल पर प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जो योग को वैश्विक स्वास्थ्य, शांति और एकात्मता का प्रतीक बनाता है। वर्ष 2025 में इसका आयोजन विशेष रूप से भव्य रूप ले रहा है।
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 से पहले गीत लॉन्च किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक विशाल योग कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे, जो आरके बीच से लेकर भोगापुरम तक फैले 26 किलोमीटर लंबे योग गलियारे में आयोजित होगा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 5 लाख से अधिक लोगों के एक साथ योग करने की संभावना है।
कार्यक्रम का समय सुबह 6:30 से 8:00 बजे तक निर्धारित है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, इसे इस प्रकार आयोजित किया जाएगा कि यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित कई कीर्तिमान स्थापित कर सके। यह आयोजन न केवल भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है, बल्कि Yoga के माध्यम से जनस्वास्थ्य और वैश्विक जुड़ाव का भी एक प्रेरक उदाहरण है।
आंध्र प्रदेश में Yoga का महाकुंभ, रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में जुटा राज्य
आंध्र प्रदेश सरकार ने न केवल विशाखापत्तनम में, बल्कि पूरे राज्य में एक साथ अनेक Yoga गतिविधियों का आयोजन कर लाखों लोगों को शामिल करने और रिकॉर्ड स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह पहल न केवल योग की सार्वभौमिकता को दर्शाती है, बल्कि राज्य स्तर पर स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक एकता की दिशा में भी एक प्रेरक प्रयास है। यह आयोजन भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ रणनीति, सांस्कृतिक नेतृत्व, और जनसहभागिता आधारित प्रशासन का एक सफल उदाहरण है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, विशाखापत्तनम में आरके बीच से भोगापुरम तक 26 किमी के गलियारे में लगभग 3.19 लाख लोगों के एक साथ योग करने की व्यवस्था की गई है, जबकि कुल 5 लाख प्रतिभागियों को जोड़ने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त, 25,000 से अधिक आदिवासी छात्र 108 मिनट तक सूर्य नमस्कार कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित करेंगे।
राज्य सरकार ने राज्य भर में एक लाख केंद्रों पर Yoga सत्र आयोजित करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, देश-दुनिया के 8 लाख स्थानों से लोगों की भागीदारी की अपेक्षा है। केंद्र सरकार ने सभी मंत्रियों और भाजपा सांसदों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में योग कार्यक्रमों में भाग लेने का निर्देश दिया है।
यह आयोजन योग को एक जनआंदोलन के रूप में प्रस्तुत करता है और भारत की सांस्कृतिक विरासत, सॉफ्ट पावर तथा वैश्विक नेतृत्व की पहचान को और सुदृढ़ करता है।
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