Oat Milk: सेहत का साथी या सिर्फ एक मार्केटिंग ट्रेंड? जानिए क्यों उठ रहे हैं इस पर सवाल

पिछले कुछ वर्षों में, डेयरी दूध के विकल्प के रूप में ओट मिल्क (Oat Milk) ने बाजार में तहलका मचा दिया है। कॉफी शॉप से लेकर फिटनेस फ्रीक्स की डाइट तक, हर जगह ओट मिल्क छाया हुआ है। इसे ‘पर्यावरण के अनुकूल’ और ‘लेक्टोज-फ्री’ बताकर प्रमोट किया जाता है।

लेकिन, जैसे-जैसे इसकी लोकप्रियता बढ़ी है, पोषण विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसके पीछे के “काले सच” और पोषण संबंधी कमियों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। आइए समझते हैं कि ओट मिल्क चर्चा और विवादों के केंद्र में क्यों है।

Oat Milk क्या है और यह कैसे बनता है?

ओट मिल्क कोई प्राकृतिक उत्पाद नहीं है। इसे बनाने के लिए ओट्स (जई) को पानी में भिगोया जाता है, फिर उन्हें पीसकर एक तरल मिश्रण तैयार किया जाता है। व्यावसायिक स्तर पर, इसमें एंजाइम (Enzymes) मिलाए जाते हैं जो ओट्स के प्राकृतिक स्टार्च को तोड़ देते हैं। अंत में, इसे छानकर दूध जैसा गाढ़ा तरल निकाला जाता है।

Is oat milk safe for diabetics?

Oat Milk पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? (मुख्य कारण)

विशेषज्ञों की चिंता के पीछे कई वैज्ञानिक और पोषण संबंधी कारण हैं:

1. ब्लड शुगर में अचानक उछाल (Spiking Blood Sugar)

ओट मिल्क के साथ सबसे बड़ी समस्या इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) है। ओट्स को तरल में बदलने की प्रक्रिया उनके जटिल कार्बोहाइड्रेट को ‘माल्टोज़’ (Maltose) जैसी सरल शर्करा में बदल देती है।

  • ओट मिल्क का GI लगभग 60-80 के बीच होता है, जो सफेद ब्रेड के बराबर है।
  • इसे पीने से रक्त में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है, जो विशेष रूप से मधुमेह (Diabetes) रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है।

2. ‘छिपे हुए’ तेल और एडिटिव्स (Hidden Oils and Additives)

घर पर बने ओट मिल्क और बाजार में मिलने वाले पैक बंद दूध में बहुत अंतर होता है। बाजार वाले ओट मिल्क को मलाईदार बनाने के लिए अक्सर इसमें रेपसीड ऑयल (Rapeseed Oil) या कैनोला ऑयल जैसे वनस्पति तेल मिलाए जाते हैं। ये तेल शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ा सकते हैं।

3. प्रोटीन की कमी

गाय के दूध या सोया मिल्क की तुलना में ओट मिल्क में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है।

दूध का प्रकार प्रोटीन (प्रति कप)
गाय का दूध 8 ग्राम
सोया मिल्क 7-8 ग्राम
ओट मिल्क2-3 ग्राम

4. कीटनाशकों का डर (Pesticide Concerns)

गैर-ऑर्गेनिक ओट्स की खेती में अक्सर ग्लाइफोसेट (Glyphosate) नामक कीटनाशक का उपयोग किया जाता है। कई शोधों में इस रसायन के अवशेष ओट मिल्क में पाए गए हैं, जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

क्या Oat Milk के कोई फायदे भी हैं?

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। ओट मिल्क के कुछ सकारात्मक पक्ष भी हैं, जिसके कारण लोग इसे पसंद करते हैं:

  • लेक्टोज फ्री: जिन लोगों को डेयरी उत्पादों से एलर्जी है, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प है।
  • हृदय स्वास्थ्य: इसमें बीटा-ग्लुकन (Beta-glucan) होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है।
  • स्वाद: इसका स्वाद प्राकृतिक रूप से मीठा और मलाईदार होता है, जो कॉफी और स्मूदी के लिए बेहतरीन है।

विशेषज्ञों की राय: आपको क्या करना चाहिए?

यदि आप Oat Milk का सेवन कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  1. लेबल को ध्यान से पढ़ें: केवल “Unsweetened” (बिना चीनी वाला) ही खरीदें। सामग्री में तेल और ‘Gums’ की जांच करें।
  2. मात्रा सीमित रखें: इसे पानी की तरह न पिएं। इसे केवल कॉफी में स्वाद के लिए या कभी-कभार उपयोग करें।
  3. स्वयं बनाएं: यदि संभव हो, तो घर पर ही ओट्स और पानी से दूध तैयार करें। यह बाजार के एडिटिव्स से मुक्त होगा।
  4. विकल्प तलाशें: यदि आप वजन घटाना चाहते हैं या मधुमेह रोगी हैं, तो बिना चीनी वाला बादाम का दूध (Unsweetened Almond Milk) एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

निष्कर्ष

ओट मिल्क पूरी तरह से ‘जहर’ नहीं है, लेकिन इसे ‘सुपरफूड’ कहना भी गलत होगा। यह एक प्रोसेस्ड फूड है जिसे सोच-समझकर डाइट में शामिल करना चाहिए। यदि आप संतुलित आहार ले रहे हैं और सक्रिय जीवनशैली जी रहे हैं, तो सीमित मात्रा में इसका सेवन नुकसानदायक नहीं है। लेकिन विज्ञापनों के झांसे में आकर इसे गाय के दूध का पूर्ण रिप्लेसमेंट न मानें।

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