Bihar: ‘एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने Bihar में मतदाता सूची (पोल रोल) के संशोधन की प्रक्रिया को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची अद्यतन करने की जल्दबाज़ी में करोड़ों नाम छूट सकते हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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Owaisi का बयान
ओवैसी ने कहा:
“बिहार में जिस तरह मतदाता सूची का संशोधन किया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए घातक है। अगर इसमें सावधानी नहीं बरती गई तो करोड़ों योग्य मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि जल्दबाज़ी में किए जा रहे इस कार्य से कमजोर वर्गों, अल्पसंख्यकों और पिछड़े समाज के लोगों के नाम सूची से गायब हो सकते हैं, जिससे वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित रह जाएंगे।
चुनाव आयोग से अपील
ओवैसी ने चुनाव आयोग से अपील की कि: मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया को पारदर्शी और चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम सूची से न हटे।
विपक्षी दलों की आपत्तियाँ
11 दलों के नेताओं (कांग्रेस, राजद, माकपा, भाकपा, भाकपा-माले, एनसीपी-एसपी, सपा आदि) ने चुनाव आयोग से विशेष मतदाता सूची संशोधन पर आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस प्रक्रिया में कम से कम दो करोड़ लोगों का नाम कट सकता है, खासकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, प्रवासी और गरीब तबके के लोग जिनके पास अपने या अपने माता-पिता के जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का समय या साधन नहीं है।
Bihar चुनाव की तैयारी
अब तक 1,54,977 बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए गए हैं। राजनीतिक दलों को और अधिक एजेंट तैनात करने की अनुमति दी गई है।
यह मामला बिहार चुनाव की पारदर्शिता, मतदाता अधिकार और निष्पक्षता पर व्यापक बहस का कारण बन रहा है। संशोधन की प्रक्रिया को लेकर नागरिक समाज और राजनीतिक दलों की ओर से गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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