Budget Session 2026: 21वीं सदी के दूसरे क्वार्टर में प्रवेश पर PM Modi का विज़न

संसद के बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही PM Modi ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास, पुरुषार्थ और सामूहिक प्रयासों का प्रतिबिंब बताया। संसद में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का संबोधन केवल औपचारिक भाषण नहीं था, बल्कि यह देश की वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की दिशा का स्पष्ट रोडमैप पेश करता है। उन्होंने इसे युवाओं की आकांक्षाओं को दिशा देने वाला ऐतिहासिक संबोधन करार दिया।

सांसदों के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस, गंभीरता से लिया गया संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ने सांसदों के सामने साफ-साफ अपेक्षाएं और गाइडलाइंस रखी हैं। देश के मुखिया के रूप में राष्ट्रपति ने अपने भाव साझा किए और यह भरोसा जताया कि सभी सम्मानित सांसदों ने इस संदेश को गंभीरता से लिया होगा। पीएम ने कहा कि यह सत्र सिर्फ विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी का क्षण है।

21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर और 2047 का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने बड़े संदर्भ में देश की स्थिति को रखते हुए कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब दूसरा क्वार्टर शुरू हो रहा है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए आने वाले 25 वर्ष निर्णायक हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह बजट केवल सालाना आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि इस शताब्दी का पहला ऐसा बजट है जो लंबे समय की दिशा तय करेगा।

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सुभाष चंद्र बोस की प्रेरणा और आत्मनिर्भर सोच

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को उनसे प्रेरणा लेकर बड़े और साहसी फैसले लेने होंगे। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपेक्षाओं से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सामर्थ्य से आगे बढ़ रहा है। यही सोच सरकार की नीतियों में दिखाई देती है।

भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता: भविष्य की झलक

प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को उज्ज्वल भविष्य की झलक बताया। उन्होंने कहा कि 27 यूरोपीय देशों के साथ यह समझौता युवाओं, किसानों, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और सर्विस इंडस्ट्री के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा। यह भारत को एक कॉन्फिडेंट और कॉम्पिटिटिव अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला कदम है।

निर्मला सीतारमण का नौवां बजट: संसदीय इतिहास का क्षण

PM Modi ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नौवीं बार बजट पेश करने को संसदीय इतिहास का गौरवपूर्ण पल बताया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव और निरंतरता का प्रतीक है, जो नीति निर्माण में स्थिरता लाता है।

PM Modi ने रिफॉर्म एक्सप्रेस और लास्ट-माइल डिलीवरी पर जोर

PM Modi ने कहा कि सरकार की पहचान ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ रही है। अब यह रिफॉर्म एक्सप्रेस और तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने लास्ट-माइल डिलीवरी पर जोर देते हुए कहा कि योजनाएं अब फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि सीधे आम नागरिक की जिंदगी में असर दिखाएंगी।

नेक्स्ट-जनरेशन रिफॉर्म्स की ओर बढ़ता भारत

अंत में PM Modi ने भरोसा जताया कि नेक्स्ट-जनरेशन रिफॉर्म्स के जरिए भारत नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने सांसदों का आभार जताया और कहा कि उनकी सकारात्मक ऊर्जा से संसद और देश दोनों को नई गति मिलेगी।

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