समाजवादी पार्टी के सांसद Rajeev Rai ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को ईंधन की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद राजीव राय ने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का बोझ आम लोगों पर डाला जा रहा है, जबकि कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
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Rajeev Rai ने रूस से सस्ता तेल खरीदने पर उठाए सवाल
Rajeev Rai ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदा, लेकिन उसका फायदा आम जनता तक नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक्सपोर्ट पर एक्साइज ड्यूटी कम की, लेकिन फ्यूल की कीमतों का बोझ गरीब और मध्यम वर्ग पर डाल दिया।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को तय करना होगा कि देश बड़ा है या उनके दोस्त। राशन पर निर्भर 80 करोड़ लोगों के लिए एक-एक रुपया मायने रखता है। ऐसी नीतियां जो कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाएं और आम जनता को नुकसान पहुंचाएं, उन्हें जारी नहीं रखा जा सकता।”
फ्यूल कीमतों में बढ़ोतरी से गरीबों पर असर
समाजवादी पार्टी सांसद Rajeev Rai ने कहा कि बढ़ती पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों का सबसे ज्यादा असर कम आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह “बोझिल नीतियों” को वापस ले और पहले किए गए वादों को पूरा करे।
Amul milk Price hike, ₹2 प्रति लीटर बढ़ी कीमतों से बढ़ी लोगों की चिंता
Rajeev Rai ने कहा कि पहले यह आश्वासन दिया गया था कि तेल कंपनियों के नुकसान की भरपाई की जाएगी ताकि आम लोगों पर कीमतों का बोझ न पड़े। Rajeev Rai ने मांग की कि सरकार उस वादे को लागू करे और ईंधन की कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए कदम उठाए।
वेस्ट एशिया संकट के बीच बढ़ीं कीमतें
केंद्र सरकार ने वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष और ग्लोबल एनर्जी संकट के बीच पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीज़ल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज स्ट्रेट में संभावित रुकावटों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं।
केंद्र सरकार ने पहले दिया था भरोसा
हालांकि, केंद्र सरकार पहले दावा कर चुकी है कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और ऊर्जा सप्लाई बाधित नहीं होगी। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने 12 मई को कहा था कि बढ़ती वैश्विक कीमतों और सप्लाई संकट के बावजूद भारत में ईंधन की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा था कि देश में फ्यूल की कोई कमी नहीं है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
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