Sambhal में “Zero FIR” और “E-FIR” जैसे नए कानूनी प्रावधानों पर दी गई विस्तृत जानकारी

नए प्रावधानों में डिजिटल साक्ष्यों को कानूनी मान्यता, समयबद्ध जांच, महिलाओं और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, तथा भ्रष्टाचार-रोधी प्रावधानों जैसे अनेक सुधार शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश के जनपद Sambhal में भारतीय न्याय व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन लाने वाले नए कानूनों — भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) — के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देशन में सम्भल पुलिस टीम द्वारा “NCL जागरूकता अभियान 2.0” चलाया गया।

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इस अभियान के अंतर्गत जनपद के सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में चौपालें आयोजित की गईं, जिनमें नागरिकों, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय लोगों को नए आपराधिक कानूनों के प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में विशेष रूप से ‘शून्य एफआईआर’ (Zero FIR), ई-एफआईआर (E-FIR), समयबद्ध न्याय प्रक्रिया, महिला एवं बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधान, नए अपराधों की परिभाषा, प्रौद्योगिकी और फोरेंसिक विज्ञान के उपयोग तथा पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली पर चर्चा की गई।

Sambhal पुलिस का NCL जागरूकता अभियान 2.0 सफल

अभियान का उद्देश्य नागरिकों, युवाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नए कानूनों की उपयोगिता, लाभ और दैनिक जीवन पर प्रभाव के बारे में जागरूक करना है। इन कानूनों ने औपनिवेशिक काल की भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रतिस्थापित कर एक आधुनिक, पारदर्शी, नागरिक-केंद्रित और तकनीकी रूप से सशक्त न्याय व्यवस्था की नींव रखी है।

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नए प्रावधानों में डिजिटल साक्ष्यों को कानूनी मान्यता, समयबद्ध जांच, महिलाओं और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, तथा भ्रष्टाचार-रोधी प्रावधानों जैसे अनेक सुधार शामिल हैं।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को इन परिवर्तनों से परिचित कराना है ताकि न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और न्यायोचित बन सके। नए कानून न केवल न्याय की गति को तेज करेंगे, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास और जागरूकता को भी सशक्त बनाएंगे।

Sambhal से खलील मलिक कि ख़ास रिपोर्ट

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