BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा में Rahul Gandhi के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया। त्रिवेदी ने कहा कि बजट सत्र में विपक्ष नेता राहुल गांधी के भाषण ने राजनीति और संसदीय मर्यादा को निम्नतम स्तर पर पहुंचाने की “बहुत निंदनीय कोशिश” की। उन्होंने आरोप लगाया कि Rahul Gandhi ने संसद में बिना किसी तथ्य के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार “बेतुके और झूठे आरोप” लगाए।
Rahul Gandhi के आरोप
लोकसभा के बजट सत्र में राहुल गांधी ने केन्द्र की भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार डील पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर देश बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सौदा करके ‘भारत माता को बेच दिया है’ और इसे ‘थोड़ा सरेंडर’ बताया, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हितों को अमेरिका के हाथों सौंप दिया गया। Rahul Gandhi ने मोदी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि इस डील से अमेरिका को ही सबसे अधिक फायदा होगा, जबकि भारत ने अपनी आत्मनिर्भरता गँवा दी। उनके इन तेवरों पर सत्ताधारी बीजेपी ने भी जवाबी मोर्चा खोला।
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BJP की तीखी प्रतिक्रिया
बजट सत्र में राहुल गांधी के इन आरोपों के तुरंत बाद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पर तीखा हमला बोला। त्रिवेदी ने कहा कि संसद को “लंबे समय से लोकतंत्र का प्रतीक” माना जाता रहा है, लेकिन राहुल के व्यवहार, भाषा और स्टाइल ने संसद की गरिमा को गिरा दिया।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘कांग्रेस का सबसे समझदार मूर्ख’ बताया और उन पर संसदीय मर्यादा को सबसे निचले स्तर तक गिराने का आरोप लगाया।
सुधांशु ने कहा कि Rahul Gandhi ने संसद में बिना ठोस साक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार “बेतुके और झूठे आरोप” लगाए।
बीजेपी का यह भी कहना था कि यदि राहुल गांधी को राजनीति या अर्थव्यवस्था की बुनियादी जानकारी होती तो वह इतना “बेबुनियाद बयान” नहीं देते। त्रिवेदी ने यह भी सवाल उठाया कि असल में देश को बेचने की कोशिश करने वालों की याद दिलाने के लिए कांग्रेस को वोल्कर रिपोर्ट या भारत-अमेरिका न्यूक्लियर डील जैसे मामले चर्चा में लाने चाहिए।
त्रिवेदी की इस टिप्पणी में यह तंज था कि वह UPA सरकार के समय उजागर विवादास्पद सौदों का जिक्र कर रहे थे, जिनमें नेहरू-गांधी परिवार से जुड़े कुछ नाम भी सामने आए थे।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा में बजट बहस के दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर यह भी आरोप लगाया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति को लाभ पहुंचाने के लिए भारत ने खुद को कमजोर कर दिया है। इस बीच, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार ठहराया है। बीजेपी का कहना है कि देशहित की राजनीति में विपक्ष को तथ्यपरक बहस करनी चाहिए।
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