महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका लगने के बाद पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray ने केंद्र सरकार और एकनाथ शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को यवतमाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए Uddhav Thackeray ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को तोड़कर अपनी ओर मिलाने की कोशिश की जा रही है और इसका मकसद संविधान को बदलना है।
विषय सूची
“400 पार का नारा संविधान बदलने के लिए था”: Uddhav Thackeray
Uddhav Thackeray ने लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए “अब की बार 400 पार” के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मानना था कि इसके पीछे संविधान में बदलाव की मंशा थी। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद भी राजनीतिक दलों के नेताओं को अपनी ओर मिलाने का अभियान जारी है।
उन्होंने कहा, “जब चुनाव नहीं भी हैं, तब भी लोगों को अपनी तरफ खींचने का काम किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव के समय उनका नारा था ‘अब की बार 400 पार’। मैंने कहा था ‘अब की बार तड़ीपार’। वे संविधान बदलना चाहते हैं। अगर संविधान बदल गया, तो वे जो चाहेंगे, वही करेंगे।”
“हम तानाशाही और गुलामी के खिलाफ लड़ रहे हैं”: Uddhav Thackeray
Uddhav Thackeray ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने अपने समर्थकों से महाराष्ट्र में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
उन्होंने कहा, “हम गुलामी और तानाशाही का राज रोकने के लिए मैदान में हैं। अगर महाराष्ट्र जागेगा, तो पूरा देश जागेगा। यह आसान लड़ाई नहीं है, लेकिन हमें इसे लड़ना होगा।”
Uddhav Thackeray ने यह भी दावा किया कि कुछ नेताओं ने व्यक्तिगत हितों के लिए जनता के विश्वास को तोड़ा है और इससे लोकतंत्र कमजोर हुआ है।
“सिर्फ एक शिवसेना और एक भगवा झंडा”
शिवसेना (UBT) प्रमुख ने पार्टी की पहचान और विचारधारा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि असली शिवसेना वही है, जो बालासाहेब ठाकरे के विचारों और भगवा झंडे के प्रति समर्पित है।
“Mamata Banerjee के समर्थन में उतरे TMC कार्यकर्ता, Kunal Ghosh का बड़ा दावा”
उन्होंने कहा, “सिर्फ एक शिवसेना है और सिर्फ एक भगवा झंडा है। अगला सांसद भगवा झंडे का सच्चा समर्थक होना चाहिए।”
बागी नेताओं को लेकर समर्थकों से मांगी माफी
Uddhav Thackeray ने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं का जिक्र करते हुए अपने समर्थकों से भावुक अंदाज में माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को उन्होंने जनता के सामने उम्मीदवार के रूप में पेश किया था, उन्होंने बाद में पार्टी और जनता के विश्वास को तोड़ा।
उन्होंने कहा, “मेरे कहने पर आपने उन्हें चुना था। मैं इसके लिए आपसे माफी मांगता हूं। आपने उन्हें मेरे चेहरे और मेरे भरोसे पर वोट दिया था, लेकिन उन्होंने हम सभी को धोखा दिया।”
उन्होंने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं को “गद्दारों का झुंड” करार दिया।
शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका
गौरतलब है कि हाल ही में शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसद आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इनमें संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापूराव पाटिल अष्टीकर शामिल हैं।
इन सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद लोकसभा में शिवसेना (UBT) की संख्या घटकर केवल तीन सांसदों तक रह गई है, जबकि शिंदे गुट की संसदीय ताकत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल
छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। एक ओर उद्धव ठाकरे इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला बता रहे हैं, तो दूसरी ओर शिंदे गुट इसे राजनीतिक पुनर्संरेखण और जनसमर्थन का परिणाम बता रहा है। आने वाले दिनों में यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा और विपक्षी एकजुटता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें
