Mangalyaan 2 पर काम शुरू, 2028-30 तक होगा मिशन पूरा: ISRO निदेशक नीलेश देसाई
नीलेश देसाई ने यह भी कहा कि भारत दुनिया की नंबर एक अंतरिक्ष एजेंसी बनने का लक्ष्य रखता है, और इसके लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं।

इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक नीलेश एम. देसाई के अनुसार, Mangalyaan 2 पर काम शुरू हो चुका है और इसे भारतीय कल्पना के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना 2028-2030 तक पूरी हो जाएगी। मंगलयान 2 को सीधे मंगल ग्रह पर उतारा जाएगा, और मंगल पर उतरना चंद्रमा की तुलना में आसान है क्योंकि वहां का वायुमंडल विरल है। इसके लिए पैराशूट और मोटर चालित वाहनों का उपयोग किया जाएगा।
Mangalyaan 2 मिशन: 10 महीने में मंगल तक पहुंचेगा
Mangalyaan 2 को मंगल ग्रह तक पहुँचने में लगभग 10 महीने लगेंगे और इसे पूरी तरह से पृथ्वी से नियंत्रित किया जाएगा। इस मिशन के साथ भारत उन 2-3 देशों में शामिल होगा जिन्होंने मंगल ग्रह पर सफलतापूर्वक मिशन भेजा है। अमेरिकी, रूसी और चीनी अंतरिक्ष एजेंसियाँ इस क्षेत्र में अग्रणी हैं, लेकिन भारत अब यूरोपीय और जापानी अंतरिक्ष एजेंसियों के बराबर पहुँच गया है।

नीलेश देसाई ने यह भी कहा कि भारत दुनिया की नंबर एक अंतरिक्ष एजेंसी बनने का लक्ष्य रखता है, और इसके लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं। भारत इस दिशा में आत्मनिर्भर अंतरिक्ष उद्योग के निर्माण पर भी काम कर रहा है।
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