Uttarkashi के धराली में बादल फटा, कई लोग लापता

सेना ने आश्वस्त किया कि इस प्राकृतिक आपदा के दौरान वे नागरिकों के समर्थन में पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और नुकसान का आकलन लगातार किया जा रहा है।

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच Uttarkashi के धराली क्षेत्र में बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। गंगा घाटी के खीर गंगा क्षेत्र में हालात बेहद भयावह हो गए हैं और जिला प्रशासन राहत-बचाव कार्य में जुट गया है।

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धराली बाजार तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से पूरा क्षेत्र तबाही की तस्वीर में बदल गया है। कई लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है, जबकि प्रशासन ने अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि की है।

Cloud burst in Dharali of Uttarkashi, many people missing

रिपोर्ट के अनुसार, Uttarkashi में लगभग 12 मजदूर दबे होने की आशंका है। अचानक पानी आने की वजह से हालात और बिगड़ गए। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।


प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 5 अगस्त 2025 को हर्षिल क्षेत्रांतर्गत खीर गाड़ का जलस्तर भारी वर्षा से अचानक बढ़ गया, जिससे धराली कस्बे में भारी नुकसान हुआ। एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और सेना की टीमें तुरंत राहत-बचाव के लिए घटनास्थल पर भेज दी गईं।

Uttarkashi में बादल फटने की घटना पर सीएम धामी ने दुःख जताया

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उत्तराखंड के धराली (Uttarkashi) क्षेत्र में बादल फटने की घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह समाचार “अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है” और आश्वासन दिया कि SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और अन्य टीमें युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। धामी ने बताया कि वे वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और स्थिति की गहन निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना भी की।

इस घटना के बाद सेना भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हो गई। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि “हर्सिल के निकट धराली गांव में भीषण भूस्खलन हुआ, जिससे इलाके में अचानक मलबा और पानी का बहाव शुरू हो गया। जवानों को तुरंत तैनात किया गया और वे स्थिति का आकलन और बचाव अभियान चलाने में जुट गए हैं।”

सेना ने आश्वस्त किया कि इस प्राकृतिक आपदा के दौरान वे नागरिकों के समर्थन में पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और नुकसान का आकलन लगातार किया जा रहा है।

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